16 C
London
Wednesday, April 22, 2026
HomeUncategorizedयूरोपीय यूनियन की सख्ती पर भारत ने जताई चिंता, उठाएगा ये कदम!

यूरोपीय यूनियन की सख्ती पर भारत ने जताई चिंता, उठाएगा ये कदम!

Published on

नई दिल्ली,

पर्यावरण संरक्षण के नाम पर यूरोपीय यूनियन की ओर से कार्बन टैक्स लगाए जाने की घोषणा पर भारत ने चिंता जाहिर की है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र की मोदी सरकार यूरोपीय यूनियन के एकतरफा फैसले के खिलाफ खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (WTO) में शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रही है.

पिछले महीने ही यूरोपीय यूनियन ने कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म की (CBAM) पहल के तहत जनवरी 2026 से ज्यादा कार्बन उत्सर्जित करने वाले सामानों के आयात पर टैक्स लगाने की योजना को मंजूरी दी है. ईयू का यह मैकेनिज्म दुनिया में अपनी तरह का पहला कार्बन टैक्स मैकेनिज्म है. CBAM के तहत अगर कोई भी देश ईयू के 27 सदस्य देशों में से किसी भी देश को ज्यादा कार्बन उत्सर्जन वाले सामान का निर्यात करता है, तो उससे कार्बन टैक्स वसूला जाएगा. यह टैक्स 20 से 25 प्रतिशत है.

ईयू के इस फैसले का भारत पर कितना असर?
ईयू का यह प्रस्ताव भारत के लिए इसलिए चिंताजनक है क्योंकि उच्च कार्बन वाली वस्तुओं में स्टील, सीमेंट, एल्यूमीनियम, उर्वरक, बिजली और हाइड्रोजन से संबंधित प्रोडक्ट शामिल हैं. जबकि भारत इन्हीं उत्पादों का सबसे ज्यादा निर्यात करता है. इस मैकेनिज्म के तहत ग्रीनहाउस गैसों के जीरो उत्सर्जन लक्ष्य को 2050 तक पूरा करना है. जो भारत के लक्षित वर्ष 2070 से पहले है.

मामले से जुड़े एक उच्च अधिकारी का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर यूरोपीय यूनियन CBAM के माध्यम से हमारे व्यापार में बाधा डाल रहा है, जो न केवल भारतीय निर्यात को बल्कि कई अन्य विकासशील देशों को भी प्रभावित करेगा. अधिकारी ने यह भी कहा कि सरकार ईयू के इस फैसले के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रही है. इस शिकायत में सरकार भारतीय निर्यातकों, खासकर छोटी कंपनियों के लिए राहत की मांग करेगी.

वहीं, एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ईयू के इस कार्बन टैक्स मैकेनिज्म को भारत भेदभावपूर्ण और व्यापार में रुकावट के तौर पर देखता है. WTO में भारत इस मैकेनिज्म की वैधता पर भी सवाल उठाएगा क्योंकि भारत पहले से ही संयुक्त राष्ट्र जलवायु समझौते में दिए गए प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है. फेडेरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट के डायरेक्टर जनरल अजय सहाय के मुताबिक, वर्तमान में भारत लगभग 8 अरब डॉलर का स्टील, लौह अयस्क और एल्यूमीनियम यूरोपियन यूनियन को निर्यात करता है.

मैकेनिज्म का उद्देश्य व्यापार को बढ़ावा देना होता हैः वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल
मंगलवार को ब्रसेल्स में आयोजित इंडिया-ईयू ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी की बैठक में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि CBAM मैकेनिज्म को यूरोपीय यूनियन ने प्रस्तावित किया है. हम इस पर विचार कर रहे हैं. मैं यह मानता हूं कि व्यापार से जुड़े किसी भी मैकेनिज्म का उद्देश्य व्यापार में रुकावट पैदा नहीं करना होता है बल्कि व्यापार को आगे बढ़ाना होता है. इसका हल निकालने के लिए हमारे पास काफी समय है. हम इसका हल निकालने के लिए मिलकर काम करेंगे.

सरकार ने बुलाई बैठक
प्रस्ताव की मंजूरी के बाद पिछले सप्ताह ही सरकार ने उद्योग से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में शामिल अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर इस बात की पुष्टि की है कि भारत सरकार इस मुद्दे को विश्व व्यापार संगठन में उठाएगी. हालांकि, वाणिज्य मंत्रालय और इस्पात से जुड़ी कंपनियों ने अभी तक इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है.

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच व्यापार उच्चतम स्तर पर
वित्तीय वर्ष 2022 में भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच व्यापार उच्चतम स्तर पर रहा. यूरोपियन कमीशन के वेबसाइट पर मौजूद आंकड़े के मुताबिक, 2022 में भारत और ईयू के बीच 120 अरब यूरो का रिकॉर्ड व्यापार हुआ है. जबकि 2021 में भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच सिर्फ 40 अरब यूरो का व्यापार हुआ था.

इसमें से 17 बिलियन यूरो का व्यापार डिजिटल प्रोडक्ट और सेवाओं में हुआ है. यूरोपीय यूनियन भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. जबकि भारत ईयू का दसवां सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. 2022 में भारत ने कुल व्यापार का लगभग 11 प्रतिशत व्यापार यूरोपीय यूनियन के साथ किया है. वहीं, ईयू ने कुल व्यापार का लगभग 2 प्रतिशत व्यापार भारत के साथ किया है.

 

Latest articles

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की तर्ज पर भारत के पहले एआई फेस्ट की मेजबानी

चंडीगढ़ l इंडिया एआई मिशन को मजबूती देने के लिए सीयू एआई मिशन लॉन्च...

अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती बरतें, कोताही बर्दाश्त नहीं: उप मुख्यमंत्री अरुण साव के कड़े निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने...

राजस्थान: पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार का ‘सुपर एक्शन’, दो दिन में ठीक हुए 1500 से ज्यादा हैंडपंप

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...