नहीं बनी बात… तो 1 अक्टूबर से US में शटडाउन? 33 लाख कर्मचारियों की सांसें अटकीं!

नई दिल्ली,

दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी यानी अमेरिका से जुड़ी बड़ी खबर है. देश में चुनाव आने वाले हैं और राजनीतिक घमासान जारी है. इस सबसे बीच अमेरिका में शटडाउन का खतरा भी बढ़ता जा रहा है और इसमें महज दो दिन का समय बचा हुआ है. दरअसल, सरकारी फंडिंग संघीय वित्त वर्ष 30 सितंबर 2023 को समाप्त हो रहा है और इससे पहले सरकार को विपक्ष से सहमति बनाते हुए फंडिंग प्लान को पारित करवाना होगा.

अगर ऐसा नहीं होता है, तो फिर 1 अक्टूबर से देश में शटडाउन हो सकता है और अगर ऐसा होता है, तो फिर बड़ा वित्तीय संकट देखने को मिलेगा. कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिलेगी, योजनाओं पर ताला लग जाएगा और जरूरी चीजों के लिए भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. आइए समझते हैं कि आखिर क्यों बनती है शटडाउन की स्थिति और क्या होता है इसका असर?

30 सितंबर तक है इस काम की डेडलाइन
अमेरिका में शटडाउन होने का सीधा मतलब है कि वहां पर तमाम तरह के सरकारी काम-काज ठप पड़ जाएंगे. इसके पीछे की वजह ये है कि सरकार को इन कामों के लिए अपनी जरूरी स्कीम्स को जारी रखने के लिए जो पैसे की जरूरत होती है, उसे वह कर्ज के तौर पर लेती है. इस कर्ज के लिए अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस की मंजूरी चाहिए होती है. लेकिन यहां पेंच ये फंसता है कि कांग्रेस की मंजूरी के लिए पहुंचने से पहले पक्ष और विपक्ष यानी डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी में आपसी सहमति जरूरी है. आमतौर पर फंडिंग फाइनेंशियल खत्म होते-होते दोनों में सहमति बन ही जाती है, लेकिन इस बार हालात कुछ अलग बने हुए हैं.

फंडिंग प्लान को मंजूरी के लिए महज दो दिन का समय बचा हुआ है और इस बार देश में राजनीति चरम पर है. रिपब्लिकन पार्टी कुछ सरकारी स्कीम्स और खर्चों पर अड़ियल रुख बनाए हुए इन पर आपत्ति जता रही है. इसके साथ ही विपक्ष अमेरिक पर लगातार बढ़ रहे कर्ज का हवाला देते हुए अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है. ऐसे में इस बार दोनों पार्टियों के बीच फंडिंग प्लान पर एकमत होने की संभावना कम ही नजर आ रही है. अगर 30 सितंबर 2023 तक ये नहीं होता है, तो फिर देश को 1 अक्टूबर 2023 से शटडाउन का सामना करना पड़ सकता है.

33 ट्रिलियन कर्ज के तले दबा है अमेरिका
अगर US में शटडाउन होता है तो फिर पहले से ही बैंकिंग संकट समेत दूसरी चुनौतियों के भंवर में फंसी अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका होगा. अमेरिका का कुल कर्ज बढ़कर 33 ट्रिलियन डॉलर के पार निकल गया है. एक तिमाही में ये 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा बढ़ गया है. इससे आशंका है कि गवर्नमेंट शटडाउन के हालात बन सकते हैं. विपक्ष रिपबल्किन भी लगातार ये कह रहा है कि सरकार पर कर्ज बहुत ज्यादा है और ये देश की GDP से भी ज्यादा निकल चुका है. इतने कर्ज के साथ इकोनॉमी आगे बढ़ने से आने वाले समय में अर्थव्यवस्था के लिए खतरा होता है.

समझौते के मूड में नहीं दिख रहा विपक्ष
अमेरिका में बॉन्ड यील्ड लगातार बढ़ रही है और औसत होम लोन दर 8 फीसदी पर पहुंच चुका है. विपक्ष का कहना है कि ऐसी जनकल्याणकारी योजनाएं, जो कहीं न कहीं गैर जरूरी हैं उन्हें रोकना चाहिए और खर्च में कटौती करनी चाहिए. इन्ही मांगों के साथ विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है और अगर समझौता नहीं होता है तो फिर अमेरिका में शटडाउन हो सकता है.

33 लाख कर्मचारियों का रुक जाएगा वेतन
अमेरिका में शटडाउन होता है, तो सरकार को अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के भी लाले पड़ जाएंगे. सरकारी काम-काज रुकने से कई योजनाएं रुक जाएंगी. इसका असर देश के तकरीबन 33 लाख कर्मचारियों पर होगा और उनकी सैलरी रुक जाएगी. इनमें करीब 20 लाख कर्मचारी सिविल सर्विसेज के और 13 लाख डिफेंस एंप्लाईज प्रभावित होंगे. इस बीच अत्यावश्यक सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन नई स्कीम्स पर विराम लग जाएगा. इससे महंगाई की मार झेलने वाले देश के लोगों के पर बोझ और भी बढ़ जाएगा. अमेरिका जैसी अर्थव्यवस्था में शटडाउन होने का असर दुनिया के कई देशों में भी देखने को मिल सकता है.

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