10.4 C
London
Saturday, March 28, 2026
Homeराज्यबीजेपी के 'संकटमोचक' बने रामलला! कैसे कमजोर सपा विधायकों को साधने में...

बीजेपी के ‘संकटमोचक’ बने रामलला! कैसे कमजोर सपा विधायकों को साधने में की मदद

Published on

नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश में राज्‍यसभा की 10 सीटों के लिये मंगलवार को संपन्न हुए चुनाव में सपा के तीसरे उम्‍मीदवार आलोक रंजन को पराजय का सामना करना पड़ा था। माना जा रहा है कि सपा के कम से कम सात विधायकों ने भाजपा के आठवें उम्‍मीदवार संजय सेठ के पक्ष में ‘क्रॉस वोटिंग’ की है, जिससे उन्‍हें जीत मिली। हालांकि, क्रॉस वोटिंग की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

यूपी में हुए राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ की जीत के पीछे रामलला एक निर्णायक कारक के रूप में उभरे। सात सपा विधायकों ने पार्टी लाइन अप से अलग हटकर भाजपा उम्मीदवारों को वोट दिया, जिससे सेठ की जीत का रास्ता साफ हो गया। सेठ को प्रथम वरीयता के 29 वोट मिले जबकि एसपी के तीसरे उम्मीदवार, पूर्व आईएएस अधिकारी आलोक रंजन को केवल 19 वोट मिले।

बीजेपी के पक्ष में 7 सपा विधायकों ने किया मतदान
बीजेपी के पक्ष में मतदान करने वाले इन सात कमजोर एसपी विधायकों की पहचान करने की बीजेपी की रणनीति सीएम योगी आदित्यनाथ और मंत्री सुरेश खन्ना और जेपीएस राठौड़ सहित सरकार के प्रमुख लोगों द्वारा बनाई गई थी। जिसमें राज्य पार्टी प्रमुख भूपेन्द्र चौधरी और महासचिव (संगठन) धर्मपाल जैसे शीर्ष पार्टी नेता भी शामिल थे।

यह काम तब आसान हो गया जब भाजपा ने उन सपा विधायकों को साधा जिन्होंने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्रतिष्ठा का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया था। एक भाजपा नेता ने कहा, “वे सपा विधायक जिन्होंने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी की चुप्पी के बावजूद प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का पुरजोर समर्थन किया था। उन सभी से संपर्क किया गया और उनमें से कई ने प्रतिक्रिया दी।”

इन विधायकों ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का किया था समर्थन
इन सपा विधायकों में राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, विनोद चतुर्वेदी और मनोज पांडे का नाम था। राज्यसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अभय सिंह ने ट्वीट किया, “मतदान पारदर्शी तरीके से हुआ है। हमने अपनी इच्छा से मतदान किया है। राम मंदिर खुलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों को दर्शन के लिए आमंत्रित किया लेकिन सपा ने अपने विधायकों को रोक दिया, यह सही नहीं था।” इसी तरह, जनसत्ता दल के संस्थापक रघुराज प्रताप सिंह के अभिषेक समारोह के बाद पीएम मोदी और सीएम योगी के लिए मुखर समर्थन ने उन्हें भाजपा नेताओं के लिए एक सुलभ लक्ष्य बना दिया।

 

Latest articles

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

भंडारा खाकर लौट रहे युवक को बस ने कुचला, मौके पर मौत

भोपाल राजधानी के एमपी नगर इलाके में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। गायत्री...

एम्स भोपाल में जल्द शुरू होगी लंग ट्रांसप्लांट सुविधा, मरीजों को दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा

भोपाल एम्स भोपाल में जल्द ही फेफड़ा प्रत्यारोपण (लंग ट्रांसप्लांट) की सुविधा शुरू होने जा...

More like this

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

बीएचईएल हरिद्वार नाम किया रोशन,‘शौर्य’ गुणता चक्र को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम स्थान

हरिद्वारभारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) हरिद्वार की हीप इकाई के अंतर्गत न्यू ब्लेड शॉप...

हर घर जल’ की दिशा में राजस्थान का ऐतिहासिक कदम, JJM 2.0 में एमओयू करने वाला देश का पहला राज्य बना

जयपुर । प्रदेश ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को नई गति देते हुए एक...