13.5 C
London
Saturday, May 9, 2026
Homeराज्यबीजेपी के 'संकटमोचक' बने रामलला! कैसे कमजोर सपा विधायकों को साधने में...

बीजेपी के ‘संकटमोचक’ बने रामलला! कैसे कमजोर सपा विधायकों को साधने में की मदद

Published on

नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश में राज्‍यसभा की 10 सीटों के लिये मंगलवार को संपन्न हुए चुनाव में सपा के तीसरे उम्‍मीदवार आलोक रंजन को पराजय का सामना करना पड़ा था। माना जा रहा है कि सपा के कम से कम सात विधायकों ने भाजपा के आठवें उम्‍मीदवार संजय सेठ के पक्ष में ‘क्रॉस वोटिंग’ की है, जिससे उन्‍हें जीत मिली। हालांकि, क्रॉस वोटिंग की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

यूपी में हुए राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ की जीत के पीछे रामलला एक निर्णायक कारक के रूप में उभरे। सात सपा विधायकों ने पार्टी लाइन अप से अलग हटकर भाजपा उम्मीदवारों को वोट दिया, जिससे सेठ की जीत का रास्ता साफ हो गया। सेठ को प्रथम वरीयता के 29 वोट मिले जबकि एसपी के तीसरे उम्मीदवार, पूर्व आईएएस अधिकारी आलोक रंजन को केवल 19 वोट मिले।

बीजेपी के पक्ष में 7 सपा विधायकों ने किया मतदान
बीजेपी के पक्ष में मतदान करने वाले इन सात कमजोर एसपी विधायकों की पहचान करने की बीजेपी की रणनीति सीएम योगी आदित्यनाथ और मंत्री सुरेश खन्ना और जेपीएस राठौड़ सहित सरकार के प्रमुख लोगों द्वारा बनाई गई थी। जिसमें राज्य पार्टी प्रमुख भूपेन्द्र चौधरी और महासचिव (संगठन) धर्मपाल जैसे शीर्ष पार्टी नेता भी शामिल थे।

यह काम तब आसान हो गया जब भाजपा ने उन सपा विधायकों को साधा जिन्होंने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्रतिष्ठा का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया था। एक भाजपा नेता ने कहा, “वे सपा विधायक जिन्होंने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी की चुप्पी के बावजूद प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का पुरजोर समर्थन किया था। उन सभी से संपर्क किया गया और उनमें से कई ने प्रतिक्रिया दी।”

इन विधायकों ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का किया था समर्थन
इन सपा विधायकों में राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, विनोद चतुर्वेदी और मनोज पांडे का नाम था। राज्यसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अभय सिंह ने ट्वीट किया, “मतदान पारदर्शी तरीके से हुआ है। हमने अपनी इच्छा से मतदान किया है। राम मंदिर खुलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों को दर्शन के लिए आमंत्रित किया लेकिन सपा ने अपने विधायकों को रोक दिया, यह सही नहीं था।” इसी तरह, जनसत्ता दल के संस्थापक रघुराज प्रताप सिंह के अभिषेक समारोह के बाद पीएम मोदी और सीएम योगी के लिए मुखर समर्थन ने उन्हें भाजपा नेताओं के लिए एक सुलभ लक्ष्य बना दिया।

 

Latest articles

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने की विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर सीहोर स्थित कलेक्ट्रेट...

बीएचईएल में पांच दिवसीय पूर्ण अनुवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

भोपाल। महाप्रबंधक (मानव संसाधन) टी. यू. सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को संपन्न हुआ।...

बीएचईएल में 4 वर्ष बाद होने वाले संयुक्त समिति चुनाव को लेकर एआईबीईयू ने कॉर्पोरेट प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

भोपाल। बीएचईएल भोपाल में 4 वर्ष बाद होने वाले संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी), प्लांट...

बीएचईएल में AGM से GM पदोन्नति हेतु इंटरव्यू

भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में वर्ष 2026 की पदोन्नति प्रक्रिया के अंतर्गत...

More like this

CM भगवंत मान ने जालंधर-अमृतसर धमाकों को साज़िश बताया, BJP पर आरोप लगाया

नई दिल्ली। पंजाब के कई इलाकों में जालंधर और अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल...

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...