8.3 C
London
Tuesday, May 12, 2026
Homeराज्यबीजेपी के 'संकटमोचक' बने रामलला! कैसे कमजोर सपा विधायकों को साधने में...

बीजेपी के ‘संकटमोचक’ बने रामलला! कैसे कमजोर सपा विधायकों को साधने में की मदद

Published on

नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश में राज्‍यसभा की 10 सीटों के लिये मंगलवार को संपन्न हुए चुनाव में सपा के तीसरे उम्‍मीदवार आलोक रंजन को पराजय का सामना करना पड़ा था। माना जा रहा है कि सपा के कम से कम सात विधायकों ने भाजपा के आठवें उम्‍मीदवार संजय सेठ के पक्ष में ‘क्रॉस वोटिंग’ की है, जिससे उन्‍हें जीत मिली। हालांकि, क्रॉस वोटिंग की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

यूपी में हुए राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ की जीत के पीछे रामलला एक निर्णायक कारक के रूप में उभरे। सात सपा विधायकों ने पार्टी लाइन अप से अलग हटकर भाजपा उम्मीदवारों को वोट दिया, जिससे सेठ की जीत का रास्ता साफ हो गया। सेठ को प्रथम वरीयता के 29 वोट मिले जबकि एसपी के तीसरे उम्मीदवार, पूर्व आईएएस अधिकारी आलोक रंजन को केवल 19 वोट मिले।

बीजेपी के पक्ष में 7 सपा विधायकों ने किया मतदान
बीजेपी के पक्ष में मतदान करने वाले इन सात कमजोर एसपी विधायकों की पहचान करने की बीजेपी की रणनीति सीएम योगी आदित्यनाथ और मंत्री सुरेश खन्ना और जेपीएस राठौड़ सहित सरकार के प्रमुख लोगों द्वारा बनाई गई थी। जिसमें राज्य पार्टी प्रमुख भूपेन्द्र चौधरी और महासचिव (संगठन) धर्मपाल जैसे शीर्ष पार्टी नेता भी शामिल थे।

यह काम तब आसान हो गया जब भाजपा ने उन सपा विधायकों को साधा जिन्होंने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्रतिष्ठा का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया था। एक भाजपा नेता ने कहा, “वे सपा विधायक जिन्होंने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी की चुप्पी के बावजूद प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का पुरजोर समर्थन किया था। उन सभी से संपर्क किया गया और उनमें से कई ने प्रतिक्रिया दी।”

इन विधायकों ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का किया था समर्थन
इन सपा विधायकों में राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, विनोद चतुर्वेदी और मनोज पांडे का नाम था। राज्यसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अभय सिंह ने ट्वीट किया, “मतदान पारदर्शी तरीके से हुआ है। हमने अपनी इच्छा से मतदान किया है। राम मंदिर खुलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों को दर्शन के लिए आमंत्रित किया लेकिन सपा ने अपने विधायकों को रोक दिया, यह सही नहीं था।” इसी तरह, जनसत्ता दल के संस्थापक रघुराज प्रताप सिंह के अभिषेक समारोह के बाद पीएम मोदी और सीएम योगी के लिए मुखर समर्थन ने उन्हें भाजपा नेताओं के लिए एक सुलभ लक्ष्य बना दिया।

 

Latest articles

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर...

आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आयोजित 'सोमनाथ अमृत...

बरनाला पहुंचे सीएम भगवंत मान: बोले- अब कोई नहीं बचा पाएगा बेअदबी के दोषियों को, हाईकोर्ट ने भी कानून पर लगाई मुहर

बरनाला। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को 'शुकराना यात्रा' के दौरान बरनाला पहुंचे।...

More like this

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर...

आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आयोजित 'सोमनाथ अमृत...