जयपुर
BJP ने मध्य प्रदेश की तरह राजस्थान में भी चौंकाया है।सांगानेर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को राजस्थान के सीएम पद की कमान दी गई है।विधायक दल के नेता के तौर पर भजनलाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव खुद वसुंधरा राजे ने रखा।भजनलाल शर्मा की सरकार में दीया कुमारी व प्रेमचंद बैरवा डिप्टी सीएम होंगे।वासुदेव देवनानी राजस्थान विधानसभा के अगली स्पीकर होंगे।
पर्यवेक्षकों संग बैठक में हुआ फैसला
भाजपा आलाकमान ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, विनोद तावड़े और सरोज पांडेय को राजस्थान का पर्यवेक्षक बनाया था. आज दोपहर तीनों नेता जयपुर पहुंचे, विधायकों संग बैठक की. आज दोपहर केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने वसुंधरा राजे से वन टू वन मीटिंग की थी. उधर, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी राजनाथ सिंह से फोन पर बात की थी.
बताते चलें कि राजस्थान का रण जीतने के बाद भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि सीएम किसे चुना जाए. लेकिन सीएम पद की यह रेस अब थम गई है. इस रेस में कई नाम चल रहे थे. इस लिस्ट में सबसे पहला नाम वसुंधरा राजे का चल रहा था. वो पहले भी राजस्थान की कमान संभाल चुकी हैं. इसके अलावा राजस्थान में हिंदुत्व के पोस्टर बॉय बन गए बाबा बालकनाथ के नाम पर भी चर्चा थी. वहीं गजेंद्र शेखावत, सीपी जोशी, दीया कुमारी और राजवर्धन राठौड़ जैसे नाम भी रेस में थे.
कौन हैं भजनलाल शर्मा?
भजनलाल शर्मा को बीजेपी ने सांगानेर से मैदान में उतारा था। वह पार्टी के महामंत्री रहे हैं। जोधपुर के रहने वाले भजनलाल शर्मा का आरएसएस से भी संबंध रहा है। बीजेपी संगठन में वह एक मजबूत भूमिका में रहे हैं। सांगानेर सीट से भजन लाल शर्मा को मैदान में उतार कर पार्टी ने उनकी एंट्री के संकेत दे दिए थे। लगातार जारी सियासी कयासों के बीच भी यह चर्चा थी कि भाजपा एक ऐसा चेहरा सामने ला सकती है जो काफी नया हो। भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48081 वोटों से शिकस्त दी थी। भजनलाल शर्मा के पास राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री है।
संगठन पर मजबूत पकड़
राजस्थान भाजपा के संगठन में भजनलाल शर्मा ने काफी काम किया है। वह सांगानेर से विधायक बनने से पहले भाजपा के तीन बार महामंत्री रहे हैं। वह राजस्थान के पूर्वी इलाके से आते हैं और भरतपुर में उनका घर है।
जब उन्हें सांगानेर विधानसभा से मैदान में उतारा गया तो ये कहा गया कि वह बाहरी है, लेकिन इसके बावजूद वह बड़े अंतर से जीत कर सामने आए। उन्हें गृहमंत्री अमित शाह के भी बेहद करीब माना जाता है। ABVP और आरएसएस से भी उनका काफी गहरा नाता रहा है। उन्होंने सांगानेर विधानसभा सीट पर अपने पुष्पेंद्र भारद्वाज के खिलाफ 145,162 वोट हासिल कर प्रभावशाली अंतर से जीत हासिल की थी।
