जिंदा है दाऊद इब्राहिम का सबसे बड़ा दुश्मन! 9 साल बाद सामने आई छोटा राजन की नई तस्वीर

नई दिल्ली,

दाऊद इब्राहिम का जानी दुश्मन और दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की सबसे ताजा तस्वीर सामने आई है. साल 2015 में छोटा राजन को भारतीय खुफिया एजेंसियों ने विदेश में पकड़ा था और बाद में उसे भारत लाया गया था. यह 2015 के बाद छोटा राजन की ये पहली तस्वीर है.

हालांकि जो तस्वीर सामने आई है वह साल 2020 की हैं, जब मीडिया में खबरें चलीं की अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की कोरोना से मौत हो गई. छोटा राजन की जो दो तस्वीरें सामने आई हैं उनमें एक तस्वीर दिल्ली के अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (AIIMS) की है जबकि दूसरी तस्वीर एम्बुलेंस वैन की है.फिलहाल छोटा राजन दिल्ली के तिहाड़ में जेल नम्बर-2 में बंद है जो बेहद हाई सिक्योरिटी वाली जेल है. जेल नम्बर-2 में ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी बंद हैं.

दाउद गिरोह के निशाने पर है छोटा राजन
एक समय ऐसा भी था जब छोटा राजन मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सबसे करीबी माना जाता था और उसने दो दशक से भी ज्यादा वक्त तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकी थी. 1993 बम धमाकों के बाद छोटा राजन दाऊद से अलग हो गया. छोटा राजन और दाऊद की दुश्मनी के चलते मुंबई, दुबई, नेपाल में कई लोगों की हत्याएं हुईं. दाऊद का खास छोटा शकील आज भी छोटा राजन पर हमले को फिराक में रहता है.

दाउद इब्राहीम के खास गुर्गे छोटा शकील ने छोटा राजन को लेकर धमकी देते हुए कहा था, ‘छोटा राजन सोचता है कि जब तक वह तिहाड़ जेल में है, उसकी जिंदगी बची हुई है. लेकिन वह तिहाड़ में ही मरेगा. क्योंकि हम उसे तिहाड़ जेल में ही मारेंगे. डी कंपनी छोटा राजन को अब दुश्मन की कैटेगरी में नहीं रखती. वह मरा हुआ सांप (डेड स्नेक) है.’

कैसे गिरफ्तार हुआ था छोटा राजन
छोटा राजन को 25 अक्टूबर, 2015 को इंडोनेशिया के बाली शहर से गिरफ्तार किया गया था. दरअसल अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को महज एक फोन कॉल ने सलाखों के पीछे भिजवाया था. हमेशा वीओआईपी के जरिए कॉल करने वाले राजन ने 24 अक्टूबर, 2015 को व्हाट्सएप के जरिए अपने एक शुभचिंतक को फोन किया था. इस कॉल को सुरक्षा एजेंसियों ने टेप कर लिया था. फोन पर छोटा राजन ने कहा था कि अब वह ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षित नहीं है और बहुत जल्द से यहां से निकल जाएगा. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. इंटरपोल ने भी राजन के देश छोड़कर निकलने के संबंध में अलर्ट जारी कर दिया.

25 अक्टूबर, 2015 को ऑस्ट्रेलियन फेडेरल पुलिस को खबर मिली कि भारतीय मूल का एक नागरिक बाली जा रहा है. फेडेरल पुलिस ने फौरन इंटरपोल के जरिए बाली इमिग्रेशन डिपार्टमेंट को इसकी सूचना दी और छोटा राजन को बाली पहुंचते ही एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के समय छोटा राजन काफी डरा हुआ था. उसने खुद पर खतरे की बात भी कबूल की. उसने बताया कि डी कंपनी यानी दाऊद का गैंग उसके पीछे पड़ा हुआ है.

ऐसे भारत लाया गया अंडरवर्ल्ड डॉन
राजन की गिरफ्तारी के बाद दाऊद इब्राहिम के खास गुर्गे छोटा शकील ने कहा था कि उनके इशारे पर ही राजन की गिरफ्तारी हुई थी. इसके साथ ही शकील ने राजन को जान से मारने की भी धमकी दी थी. इंडोनेशिया के साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि है, जिसकी वजह से छोटा राजन को भारत लाना मुश्किल नहीं था. सूत्रों के मुताबिक, इस ऑपरेशन के लिए भारत सरकार के मंत्री जनरल वी.के. सिंह खासतौर पर इंडोनेशिया गए थे और वह कागजी कार्रवाई करके वापस लौट आए थे.

यह भी कहा गया कि डी कंपनी से खतरे को देखते हुए छोटा राजन खुद भारत आना चाहता था. छोटा राजन को भारत लाने में सीबीआई, इंटेलिजेंस यूनिट और मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा हाथ था. छोटा राजन को 6 नवंबर, 2015 की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष विमान से बाली से दिल्ली के पालम एयरपोर्ट लाया गया. राजन ने प्लेन से उतरते ही सबसे पहले भारतीय धरती को चूमा था.

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