10.2 C
London
Sunday, April 12, 2026
Homeराज्यमुगलों के ताजमहल से लड़ने को तैयार है आगरा की ये सफेद...

मुगलों के ताजमहल से लड़ने को तैयार है आगरा की ये सफेद इमारत, 104 साल में हुई तैयार, अब यहां का भी लगेगा टिकट

Published on

आगरा का नाम आते ही, जहन में सबसे पहला नाम ताजमहल का आता है, और आए भी क्यों ना दुनिया भर में ताजमहल को सातवें अजूबों में गिना जाता है। और ऐसी इमारत आपको शायद ही कहीं देखने को मिलेगी, जो एकदम हूबहू बनाई हो। लेकिन शायद अब आपको ऐसा कुछ देखने को मिल सकता है, जी हां, ताजमहल को टक्कर देने के लिए आगरा में एक सफेद संगमरमर की इमारत खड़ी कर दी गई है और लोग उसकी तुलना ताजमहल से कर रहे हैं।

इस इमारत को बनने में करीबन 104 साल का समय लगा था और अब ये रोज आध्यात्मिक चीजों में रहने वाले लोगों को आकर्षित कर रही है। पर्यटक अक्सर ताजमहल और इसके पास 12 किमी दूर स्वामी बाग में राधास्वामी संप्रदाय के संस्थापक की अभी बनी समाधि की तुलना करते हैं। चलिए आपको इस खूबसूरत इमारत के बारे में बताते हैं।

एक शताब्दी तक चला इसका निर्माण कार्य
ताजमहल 17 वीं शताब्दी में मध्य युग शासन के दौरान हजारों कारीगरों और शिल्पकारों की मेहनत से 22 सालों में इसे पूरा किया गया था। वहीं स्वामी बाग समाधि का निर्माण एक शताब्दी से ज्यादा समय तक चला। जानकारी के अनुसार इसका निर्माण रचनाकारों के अटूट विश्वास, उत्साह और समर्पण का प्रमाण था और जो उनकी धार्मिक मान्यताओं से प्रेरित था। ये इमारत 193 फीट ऊंची है और राजस्थान के मकराना के सफेद मार्बल से बनाई गई है।

स्वामी बाग कॉलोनी में है ये इमारत
यहां जो आप समाधि देखेंगे वो, राधास्वामी संप्रदाय के संस्थापक परम पुरुष पूरन धनी स्वामीजी महाराज को समर्पित है। आगरा के दयालबाग में स्थित ये इमारत स्वामी बाग कॉलोनी में है। यहां रोज बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और इसके शिल्प कौशल की प्रशंसा करते हैं। यहां पर एंट्री फ्री है, वहीं आप फोटोग्राफी बिल्कुल नहीं कर सकते।

लोग ताजमहल से करने लगे हैं इसकी तुलना
यहां आने वाले लोगों ने पहले ही स्वामी बाग में मौजूद समाधि की तुलना ताजमहल से करनी शुरू कर दी है, जो रोज दुनिया भर के हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। ताजमहल में मुगल बादशाह शाहजहां और उनकी पत्नी मुमताज महल का मकबरा है। स्वामी बाग की ये समादि राधास्वामी के अनुयायियों की एक कॉलोनी के बीच है।

इलाहाबाद के कारीगर ने की थी इसकी शुरुआत
उत्तर प्रदेश, पंजाब और कर्नाटक जैसे राज्यों के साथ विदेशों में भी इस मत के कई अनुयायी रहते हैं। बता दें, ऑरिजनल समाधि साधारण सफेद बलुआ पत्थर से बनाई गई थी। इलाहाबाद के वास्तुकार ने एक नए डिजाइन पर इसका काम शुरू किया। जानकारी के अनुसार ये काम 1922 से चल रहा है और आजतक लोग इसके निर्माण कार्य पर शानदार तरीके से काम कर रहे हैं।

ताजमहल से भी ऊंचा है शिखर
स्वामी बाग का मतलब है ‘’भगवान का बगीचा’’. इसका 31.4 फुट का सोना चढ़ाया हुआ शिखर बेहद खूबसूरत है, जो ताजमहल से भी ऊंचा है। इसे खास रूप से दिल्ली से बुलाए हुई क्रेन की मदद से लगवाया गया था।

Latest articles

किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों के विकास के लिए हम हैं प्रतिबद्ध : केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह

किसानों के श्रम से देश का खाद्यान्न निर्यात हुआ दोगुना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...

कस्तूरबा चिकित्सालय के नवीनीकृत भवन का उद्घाटन

भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल स्थित कस्तूरबा चिकित्सालय के नवीनीकृत भवन का...

बीएचईएल के अधिकारी को एचईसी में अतिरिक्त प्रभार

नई दिल्ली/रांची। Ministry of Heavy Industries के आदेश के तहत Krishnendu Kumar Ghosh को...

More like this

सीएम विष्णु देव साय ने किया “बिरहोर जननायक” पुस्तक का विमोचन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय...

कृषि क्षेत्र के सशक्त इकोसिस्टम के लिए प्रतिबद्ध सरकार: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' (ग्राम 2026) के कर्टेन रेज़र...

पीएम मोदी 21 अप्रैल को करेंगे बालोतरा का दौरा, देश के पहले इंटीग्रेटेड रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का होगा शुभारंभ

जयपुर/बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 21 अप्रैल को प्रस्तावित अपनी बालोतरा यात्रा के दौरान...