15.5 C
London
Wednesday, April 29, 2026
Homeराज्यमुगलों के ताजमहल से लड़ने को तैयार है आगरा की ये सफेद...

मुगलों के ताजमहल से लड़ने को तैयार है आगरा की ये सफेद इमारत, 104 साल में हुई तैयार, अब यहां का भी लगेगा टिकट

Published on

आगरा का नाम आते ही, जहन में सबसे पहला नाम ताजमहल का आता है, और आए भी क्यों ना दुनिया भर में ताजमहल को सातवें अजूबों में गिना जाता है। और ऐसी इमारत आपको शायद ही कहीं देखने को मिलेगी, जो एकदम हूबहू बनाई हो। लेकिन शायद अब आपको ऐसा कुछ देखने को मिल सकता है, जी हां, ताजमहल को टक्कर देने के लिए आगरा में एक सफेद संगमरमर की इमारत खड़ी कर दी गई है और लोग उसकी तुलना ताजमहल से कर रहे हैं।

इस इमारत को बनने में करीबन 104 साल का समय लगा था और अब ये रोज आध्यात्मिक चीजों में रहने वाले लोगों को आकर्षित कर रही है। पर्यटक अक्सर ताजमहल और इसके पास 12 किमी दूर स्वामी बाग में राधास्वामी संप्रदाय के संस्थापक की अभी बनी समाधि की तुलना करते हैं। चलिए आपको इस खूबसूरत इमारत के बारे में बताते हैं।

एक शताब्दी तक चला इसका निर्माण कार्य
ताजमहल 17 वीं शताब्दी में मध्य युग शासन के दौरान हजारों कारीगरों और शिल्पकारों की मेहनत से 22 सालों में इसे पूरा किया गया था। वहीं स्वामी बाग समाधि का निर्माण एक शताब्दी से ज्यादा समय तक चला। जानकारी के अनुसार इसका निर्माण रचनाकारों के अटूट विश्वास, उत्साह और समर्पण का प्रमाण था और जो उनकी धार्मिक मान्यताओं से प्रेरित था। ये इमारत 193 फीट ऊंची है और राजस्थान के मकराना के सफेद मार्बल से बनाई गई है।

स्वामी बाग कॉलोनी में है ये इमारत
यहां जो आप समाधि देखेंगे वो, राधास्वामी संप्रदाय के संस्थापक परम पुरुष पूरन धनी स्वामीजी महाराज को समर्पित है। आगरा के दयालबाग में स्थित ये इमारत स्वामी बाग कॉलोनी में है। यहां रोज बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और इसके शिल्प कौशल की प्रशंसा करते हैं। यहां पर एंट्री फ्री है, वहीं आप फोटोग्राफी बिल्कुल नहीं कर सकते।

लोग ताजमहल से करने लगे हैं इसकी तुलना
यहां आने वाले लोगों ने पहले ही स्वामी बाग में मौजूद समाधि की तुलना ताजमहल से करनी शुरू कर दी है, जो रोज दुनिया भर के हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। ताजमहल में मुगल बादशाह शाहजहां और उनकी पत्नी मुमताज महल का मकबरा है। स्वामी बाग की ये समादि राधास्वामी के अनुयायियों की एक कॉलोनी के बीच है।

इलाहाबाद के कारीगर ने की थी इसकी शुरुआत
उत्तर प्रदेश, पंजाब और कर्नाटक जैसे राज्यों के साथ विदेशों में भी इस मत के कई अनुयायी रहते हैं। बता दें, ऑरिजनल समाधि साधारण सफेद बलुआ पत्थर से बनाई गई थी। इलाहाबाद के वास्तुकार ने एक नए डिजाइन पर इसका काम शुरू किया। जानकारी के अनुसार ये काम 1922 से चल रहा है और आजतक लोग इसके निर्माण कार्य पर शानदार तरीके से काम कर रहे हैं।

ताजमहल से भी ऊंचा है शिखर
स्वामी बाग का मतलब है ‘’भगवान का बगीचा’’. इसका 31.4 फुट का सोना चढ़ाया हुआ शिखर बेहद खूबसूरत है, जो ताजमहल से भी ऊंचा है। इसे खास रूप से दिल्ली से बुलाए हुई क्रेन की मदद से लगवाया गया था।

Latest articles

5वीं-8वीं की पुनः परीक्षा 1 जून से: भीषण गर्मी के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भोपाल। राज्य शिक्षा केन्द्र (आरएसके) ने सत्र 2025-26 की कक्षा 5वीं और 8वीं की...

एमपी के कॉलेजों में प्रवेश का शंखनाद: 1 मई से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन, छात्राओं को मिलेंगे 25 हजार रुपए

भोपाल। मप्र के सरकारी और निजी कॉलेजों में उच्च शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए...

टीटी नगर में शेड को लेकर विवाद, ताला तोड़कर सामान निकालने का आरोप

भोपाल। राजधानी के पॉश इलाके टीटी नगर में एक शेड पर कब्जे और उसमें...

भोपाल नगर निगम में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: 15 अधिकारियों के तबादले, भदौरिया को गोविंदपुरा तो सृष्टि को हुजूर की कमान

भोपाल। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने शहर की सफाई और अतिक्रमण व्यवस्था को...

More like this

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...