12.8 C
London
Monday, May 4, 2026
Homeराज्यमुगलों के ताजमहल से लड़ने को तैयार है आगरा की ये सफेद...

मुगलों के ताजमहल से लड़ने को तैयार है आगरा की ये सफेद इमारत, 104 साल में हुई तैयार, अब यहां का भी लगेगा टिकट

Published on

आगरा का नाम आते ही, जहन में सबसे पहला नाम ताजमहल का आता है, और आए भी क्यों ना दुनिया भर में ताजमहल को सातवें अजूबों में गिना जाता है। और ऐसी इमारत आपको शायद ही कहीं देखने को मिलेगी, जो एकदम हूबहू बनाई हो। लेकिन शायद अब आपको ऐसा कुछ देखने को मिल सकता है, जी हां, ताजमहल को टक्कर देने के लिए आगरा में एक सफेद संगमरमर की इमारत खड़ी कर दी गई है और लोग उसकी तुलना ताजमहल से कर रहे हैं।

इस इमारत को बनने में करीबन 104 साल का समय लगा था और अब ये रोज आध्यात्मिक चीजों में रहने वाले लोगों को आकर्षित कर रही है। पर्यटक अक्सर ताजमहल और इसके पास 12 किमी दूर स्वामी बाग में राधास्वामी संप्रदाय के संस्थापक की अभी बनी समाधि की तुलना करते हैं। चलिए आपको इस खूबसूरत इमारत के बारे में बताते हैं।

एक शताब्दी तक चला इसका निर्माण कार्य
ताजमहल 17 वीं शताब्दी में मध्य युग शासन के दौरान हजारों कारीगरों और शिल्पकारों की मेहनत से 22 सालों में इसे पूरा किया गया था। वहीं स्वामी बाग समाधि का निर्माण एक शताब्दी से ज्यादा समय तक चला। जानकारी के अनुसार इसका निर्माण रचनाकारों के अटूट विश्वास, उत्साह और समर्पण का प्रमाण था और जो उनकी धार्मिक मान्यताओं से प्रेरित था। ये इमारत 193 फीट ऊंची है और राजस्थान के मकराना के सफेद मार्बल से बनाई गई है।

स्वामी बाग कॉलोनी में है ये इमारत
यहां जो आप समाधि देखेंगे वो, राधास्वामी संप्रदाय के संस्थापक परम पुरुष पूरन धनी स्वामीजी महाराज को समर्पित है। आगरा के दयालबाग में स्थित ये इमारत स्वामी बाग कॉलोनी में है। यहां रोज बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और इसके शिल्प कौशल की प्रशंसा करते हैं। यहां पर एंट्री फ्री है, वहीं आप फोटोग्राफी बिल्कुल नहीं कर सकते।

लोग ताजमहल से करने लगे हैं इसकी तुलना
यहां आने वाले लोगों ने पहले ही स्वामी बाग में मौजूद समाधि की तुलना ताजमहल से करनी शुरू कर दी है, जो रोज दुनिया भर के हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। ताजमहल में मुगल बादशाह शाहजहां और उनकी पत्नी मुमताज महल का मकबरा है। स्वामी बाग की ये समादि राधास्वामी के अनुयायियों की एक कॉलोनी के बीच है।

इलाहाबाद के कारीगर ने की थी इसकी शुरुआत
उत्तर प्रदेश, पंजाब और कर्नाटक जैसे राज्यों के साथ विदेशों में भी इस मत के कई अनुयायी रहते हैं। बता दें, ऑरिजनल समाधि साधारण सफेद बलुआ पत्थर से बनाई गई थी। इलाहाबाद के वास्तुकार ने एक नए डिजाइन पर इसका काम शुरू किया। जानकारी के अनुसार ये काम 1922 से चल रहा है और आजतक लोग इसके निर्माण कार्य पर शानदार तरीके से काम कर रहे हैं।

ताजमहल से भी ऊंचा है शिखर
स्वामी बाग का मतलब है ‘’भगवान का बगीचा’’. इसका 31.4 फुट का सोना चढ़ाया हुआ शिखर बेहद खूबसूरत है, जो ताजमहल से भी ऊंचा है। इसे खास रूप से दिल्ली से बुलाए हुई क्रेन की मदद से लगवाया गया था।

Latest articles

नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2360 करोड़ की लागत के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले...

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

जबलपुर बरगी डैम हादसा: राजधानी में बरपा युवा कांग्रेस का कहर

पर्यटन मंत्री के बंगले पर '11 अर्थियाँ' लेकर पहुँचे कार्यकर्ता भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम...

8 करोड़ की लागत से बेहतर होगा सड़क परिवहन : राज्यमंत्री गौर

मिसरोद और बरखेड़ा पठानी में क्रमश: 2 करोड़ 68 लाख और 2 करोड़ 70...

More like this

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...

अहमदाबाद में ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट आयोजित, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को दिया राजस्थान में निवेश का आमंत्रण

अहमदाबाद। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अहमदाबाद में आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट में...