— ईएल इंकेशमेंट को लेकर यूनियनों ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा, भोपाल यूनिट में भी उठी मांग सौंपा ज्ञापन
भोपाल।
ईएल इंकेशमेंट को लेकर भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) की रानीपेट यूनिट से कर्मचारियों के हितों से जुडी एक खबर आ रही हैं। कई वर्षों से संघर्षों के बाद यूनियनों के हक में फैसला सुनाते हुए मद्रास हाइकोर्ट ने 26 दिन की ईएल बेचने पर एक माह के वेतन का भुगतान किए जाने का आदेश पारित किया है। ज्ञात हो कि बीएचईएल में पूर्व में कर्मचारियों के ईएल का नगदीकरण करने पर 26 दिन की ईएल बेचने पर एक माह का वेतन (बेसिक + डीए) का भुगतान किया जाता था। परंतु नियम में परिवर्तन होने से एक माह के वेतन के लिए 30 दिन की ई एल की गणना की जाने लगी।
इस निर्णय के खिलाफ रानीपेठ बीएचईएल की यूनियनों जिनमे BAPEGTU INTUC ,BAPSU एवं अन्य यूनियनों द्वारा लेबर कोर्ट एवं मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। कई वर्षो के संघर्ष के बाद मद्रास हाइकोर्ट केस नंबर W.P.No.4673 ऑफ़ 2015 ने ट्रेड यूनियन के पक्ष में निर्णय देते हुए यह फैसला किया की ईएल इंकेशमेंट की गणना पूर्व की भाँति करते हुए 26 दिन की ईएल बेचने पर एक माह के वेतन का भुगतान किया जाये।
इस सन्दर्भ में हेम्टू इंटक यूनियन का एक प्रतिनिधि मंडल जिसमे यूनियन के कोषाध्यक्ष राजेश शुक्ला, मिथिलेश तिवारी, संतोष कुमार, मदन मोहन पाण्डेय, रंजीत रजक महाप्रबंधक मानव संसाधन बी के सिंह बीएचईएल भोपाल को ज्ञापन सौंपा और यह माँग की कि मद्रास हाई कोर्ट के निर्णय को ध्यान में रखते हुए बीएचईएल रानीपेठ की तरह बीएचईएल भोपाल कर्मचारियो को भी ईएल इंकेशमेंट की गणना पूर्व की तरह 26 दिन करते हुए एक माह का वेतन (बेसिक + डीए) दिया जाये। नियम में परिवर्तन होने के पश्चात प्रभावित कर्मचारियों को प्रति एक माह में 4 दिन के अतिरिक्त वेतन का भुगतान किया जाये। महाप्रबंधक मानव संसाधन ने कहा की कारपोरेट कार्यालय में चर्चा कर उचित निर्णय करने का प्रयास किया जायेगा।
