अर्थव्यवस्था के लिए भ्रष्टाचार अच्‍छा… IAS की सैलरी बढ़ाने की वकालत कर लेडी इकनॉमिस्‍ट ने क्‍यों कहा ऐसा?

नई दिल्‍ली:

अर्थशास्त्री और UPSC के इंटरव्यू लेने वाली सलोनी खन्ना ने कुछ ऐसा कहा है जिसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है। उन्होंने कहा है कि थोड़ा बहुत भ्रष्टाचार अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है। एक पॉडकास्ट में खन्ना ने समाज और IAS अधिकारियों में भ्रष्टाचार पर बात करते हुए यह भी कहा कि अधिकारियों का वर्तमान वेतन नाकाफी है। खन्ना UPSC उम्मीदवारों के मॉक इंटरव्यू लेने वाले पैनल का हिस्सा रह चुकी हैं। उनसे पूछा गया कि इतनी कड़ी जांच के बाद भी कुछ भ्रष्ट लोग कैसे अधिकारी बन जाते हैं? क्या यह व्यवस्था की वजह से है कि एक ईमानदार व्यक्ति भी भ्रष्ट हो जाता है?

बातचीत में सलोनी खन्‍ना ने कहा कि यह सिर्फ जांच का मामला नहीं है। आप एक घंटे के इंटरव्यू में किसी व्यक्ति के बारे में सब कुछ नहीं जांच सकते। ऐसा नहीं है कि लोग दिखावा नहीं करते। उन्होंने आगे कहा कि हर कोई जो नौकरी में आता है वह समाज पर अच्छा प्रभाव डालने के लिए प्रेरित नहीं होता। बहुत कम लोग ऐसे होते हैं। ज्यादातर लोग स्वार्थी होते हैं। कोई ताकत चाहता है, तो कोई पैसे के लिए ताकत चाहता है और फिर पैसे से और अधिक ताकत चाहता है। तो यह अपने आप में एक दुष्चक्र है।

अफसरों की सैलरी बढ़ाने का सुझाव
फिर खन्ना ने IAS अधिकारियों के वेतन ढांचे की ओर इशारा किया। उनका सुझाव था कि इसे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज एक IAS अधिकारी का वेतन 80,000 से 90,000 रुपये है। क्या 80,000 से 90,000 रुपये में एक घर चल सकता है? वह बोलीं, ‘मैं भ्रष्टाचार को सही नहीं ठहरा रही हूं, लेकिन मैं कह रही हूं कि हमें भ्रष्टाचार को मात देने के लिए ऐसे तरीके बनाने होंगे, जैसे वेतन बढ़ाना ताकि उन्हें उनकी असली वर्थ मिल सके।’

उन्होंने आगे कहा कि कॉरपोरेट सेक्टर में लोग इससे चार से पांच गुना ज्यादा कमाते हैं। एक IAS अधिकारी का काम कहीं ज्यादा डिमांडिंग होता है। यह 24 घंटे का काम होता है। इसलिए, उन्हें उचित वेतन देना जरूरी है। इस पर विचार किया जा सकता है। भ्रष्टाचार सिर्फ अधिकारी ही नहीं करते, समाज भी कर रहा है। यह पूरे समाज की मानसिकता है जो भ्रष्ट है।

भ्रष्टाचार कैसे काम करता है, इस पर रोशनी डालते हुए अर्थशास्‍त्री ने कहा कि अगर कोई अधिकारी भ्रष्ट नहीं है। लेकिन, उनके ऊपर और नीचे के लोग भ्रष्ट हैं या लोग बार-बार उनके पास आते हैं तो हो सकता है कि आप x राशि के लिए भ्रष्ट न हों, लेकिन आप x + 100 के लिए हो सकते हैं और फिर शायद आप x + 100 के लिए नहीं बल्कि x + 1000 के लिए या x प्लस एक लाख, x प्लस एक करोड़ के लिए होंगे तो इसका कोई अंत नहीं है।

भ्रष्‍टाचार को बताया अर्थव्‍यवस्‍था का ग्रीस
इसके बाद खन्ना ने तर्क दिया कि थोड़ा बहुत भ्रष्टाचार अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा होता है। यह नैतिक रूप से अच्छा नहीं है लेकिन एक अर्थशास्त्री के रूप में भ्रष्टाचार को अर्थव्यवस्था का ग्रीस माना जाता है। उन्होंने आगे कहा कि अगर अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार नहीं होगा तो सब कुछ बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा, व्यवसाय प्रभावित होंगे, उत्पादकता प्रभावित होगी, GDP प्रभावित होगी और इस प्रकार राष्ट्र का समग्र उत्पादन प्रभावित होगा। तो अर्थशास्त्र में हम सीखते हैं कि थोड़ा भ्रष्टाचार अर्थव्यवस्था के लिए ग्रीस का काम करता है। इसलिए यह होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि वह इसे किसी भी तरह से बढ़ावा दे रही हैं।

IAS अफसर की सैलरी क‍ितनी?
7वें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार, प्रवेश स्तर के IAS अधिकारी का वेतन 56,100 रुपये (मूल वेतन) प्रति माह से शुरू होता है। DA और अन्य भत्तों के साथ वेतन 1,32,000 रुपये प्रति माह तक जा सकता है। प्रत्येक पदोन्नति और सेवा के वर्ष के साथ IAS अधिकारी का वेतन बढ़ता जाता है। 37 साल की सेवा के बाद एक IAS अधिकारी कैबिनेट सचिव के पद के लिए पात्र हो जाता है। इसके लिए वेतन 2.5 लाख रुपये तय किया गया है।

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