4 C
London
Wednesday, February 18, 2026
Homeराज्यपुणे: बड़ा फैसला! पर्यटकों के लिए वाटरफॉल बंद, इस क्षेत्र में आए...

पुणे: बड़ा फैसला! पर्यटकों के लिए वाटरफॉल बंद, इस क्षेत्र में आए तो होगी सख्त कार्रवाई

Published on

पुणे

भीमाशंकर देवस्थान दर्शन के लिए आ रहे पर्यटकों के लिए अहम खबर है। भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सेंचुरी में दुर्घटना संभावित क्षेत्र में पर्यटकों का प्रवेश 30 सितंबर तक बंद कर दिया गया है। वन विभाग (वन्यजीव) ने आदेश जारी किया कि पर्यटक छुट्टियों के लिए इस क्षेत्र में न आएं। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरअसल भीमाशंकर क्षेत्र में साल भर भक्तों की भारी भीड़ रहती है। मॉनसून के दौरान पर्यटक भी बड़ी संख्या में इस प्राकृतिक क्षेत्र में घूमने और झरने का आनंद लेने आते हैं।

झरनों में तेज पानी से हो सकते हैं हादसे
भीमाशंकर सेंचुरी भाग एक और वन क्षेत्र के भाग दो में झरने के कुंडों में डुबकी लगाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ छुट्टियों पर पुणे मुंबई से पर्यटक आते हैं। वर्तमान में इन झरनों में पानी तेज है। यदि आप तैरते समय पानी के प्रवाह और गहराई का अनुमान नहीं लगाते हैं तो यह एक घातक दुर्घटना का कारण बन सकता है।

सेंचुरी के रास्ते खतरनाक
भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सेंचुरी की पहाड़ी घाटियों में जंगल के रास्ते बारिश के कारण फिसलन भरे हो गए हैं। कई स्थानों पर घास उगने के कारण रास्ते बह गए हैं। ऐसी स्थिति में दुर्घटना होने की संभावना है। कोहरे के कारण रास्ता भटकना पड़ रहा है। वन संरक्षक (वन्यजीव) तुषार चव्हाण ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमने 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटन के लिए सेंचुरी में सभी प्राकृतिक मार्गों को बंद करने का फैसला किया है।

नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं
इस बीच भीमाशंकर में दर्शन के लिए आने वाले सभी पर्यटकों को सेंचुरी के चारों ओर घूमते समय नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। चव्हाण ने कहा कि बिना अनुमति के अवैध रूप से सेंचुरी में प्रवेश न करें और बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले पर्यटकों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

लोनावला में लगातार हादसा
लोनावला के भूशी डैम इलाके में रविवार को हुए हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद तम्हिनी घाट इलाके में एक 32 वर्षीय युवक बह गया। सोमवार को कोल्हापुर के कलम्मावाडी बांध क्षेत्र में दूधगंगा नदी के तल में पैर गिरने से दो युवक बह गए।

Latest articles

बजट से पहले भोपाल में गूंजी ‘रसोई संसद’: महिला कांग्रेस ने बेलन-थाली बजाकर मांगा 400 रुपये में सिलेंडर

भोपाल विधानसभा के बजट सत्र के बीच राजधानी भोपाल में मंगलवार को महंगाई का मुद्दा...

कैफे में विवाद के बाद पुलिस की दबिश फ्लैट में मिला 61 लाख का ‘हवाला’ कैश

भोपाल राजधानी के एमपी नगर जोन-2 में एक कैफे में हुई मामूली मारपीट की जांच...

More like this

गोविंदपुरा को विकास की नई सौगात: राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया 5.65 करोड़ के सड़क कार्यों का भूमिपूजन

भोपाल राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में...

विश्वास का प्रतीक होती हैं सहकारिता संस्थाएं: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि...

ग्राम उत्थान शिविर’ से संवर रहा ग्रामीण राजस्थान

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की 'जनसेवा ही सर्वोपरि' की अवधारणा को साकार करते हुए प्रदेश...