19.7 C
London
Saturday, May 2, 2026
Homeराज्यपुणे: बड़ा फैसला! पर्यटकों के लिए वाटरफॉल बंद, इस क्षेत्र में आए...

पुणे: बड़ा फैसला! पर्यटकों के लिए वाटरफॉल बंद, इस क्षेत्र में आए तो होगी सख्त कार्रवाई

Published on

पुणे

भीमाशंकर देवस्थान दर्शन के लिए आ रहे पर्यटकों के लिए अहम खबर है। भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सेंचुरी में दुर्घटना संभावित क्षेत्र में पर्यटकों का प्रवेश 30 सितंबर तक बंद कर दिया गया है। वन विभाग (वन्यजीव) ने आदेश जारी किया कि पर्यटक छुट्टियों के लिए इस क्षेत्र में न आएं। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरअसल भीमाशंकर क्षेत्र में साल भर भक्तों की भारी भीड़ रहती है। मॉनसून के दौरान पर्यटक भी बड़ी संख्या में इस प्राकृतिक क्षेत्र में घूमने और झरने का आनंद लेने आते हैं।

झरनों में तेज पानी से हो सकते हैं हादसे
भीमाशंकर सेंचुरी भाग एक और वन क्षेत्र के भाग दो में झरने के कुंडों में डुबकी लगाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ छुट्टियों पर पुणे मुंबई से पर्यटक आते हैं। वर्तमान में इन झरनों में पानी तेज है। यदि आप तैरते समय पानी के प्रवाह और गहराई का अनुमान नहीं लगाते हैं तो यह एक घातक दुर्घटना का कारण बन सकता है।

सेंचुरी के रास्ते खतरनाक
भीमाशंकर वाइल्डलाइफ सेंचुरी की पहाड़ी घाटियों में जंगल के रास्ते बारिश के कारण फिसलन भरे हो गए हैं। कई स्थानों पर घास उगने के कारण रास्ते बह गए हैं। ऐसी स्थिति में दुर्घटना होने की संभावना है। कोहरे के कारण रास्ता भटकना पड़ रहा है। वन संरक्षक (वन्यजीव) तुषार चव्हाण ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमने 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटन के लिए सेंचुरी में सभी प्राकृतिक मार्गों को बंद करने का फैसला किया है।

नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं
इस बीच भीमाशंकर में दर्शन के लिए आने वाले सभी पर्यटकों को सेंचुरी के चारों ओर घूमते समय नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। चव्हाण ने कहा कि बिना अनुमति के अवैध रूप से सेंचुरी में प्रवेश न करें और बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले पर्यटकों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

लोनावला में लगातार हादसा
लोनावला के भूशी डैम इलाके में रविवार को हुए हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद तम्हिनी घाट इलाके में एक 32 वर्षीय युवक बह गया। सोमवार को कोल्हापुर के कलम्मावाडी बांध क्षेत्र में दूधगंगा नदी के तल में पैर गिरने से दो युवक बह गए।

Latest articles

मप्र के कई जिलों में बारिश, रायसेन में वेयरहाउस की छत उड़ी, सीहोर में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रखी फसल भीगी

बालाघाट में पेड़ गिरने से बाइक दबी भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के दौर...

बरगी क्रूज हादसे में सीएम की बड़ी कार्रवाई, पायलट समेत 3 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त, मैनेजर निलंबित

भोपाल। बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई...

‘बगिया के विष्णु’ का विकास विज़न : सुशासन से जन-जन तक पहुँचती सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली ने विकास की...

जनगणना 2027 का महा-अभियान शुरू: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं भरी अपनी जानकारी, नागरिकों से की खास अपील

जयपुर। राजस्थान में 'जनगणना 2027' के पहले चरण 'मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना'...

More like this

‘बगिया के विष्णु’ का विकास विज़न : सुशासन से जन-जन तक पहुँचती सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली ने विकास की...

जनगणना 2027 का महा-अभियान शुरू: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं भरी अपनी जानकारी, नागरिकों से की खास अपील

जयपुर। राजस्थान में 'जनगणना 2027' के पहले चरण 'मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना'...

युवाओं को पेपरलीक से मिली मुक्ति, अब विदेशी भाषाओं के हुनर से वैश्विक मंच पर भरेंगे उड़ान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर...