निगम के वाहनों की मरम्मत के नाम पर फर्जी बिल बनाकर भुगतान किए जाने के मामले को लेकर कार्रवाई, करीब आठ घंटे टीम रही मौजूद दो दिन पहले निगम की कम्प्यूटर शाखा में हुई कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने की है हार्ड डिस्क जब्त सेंट्रल वार्कशाप में निगम के वाहनों के मेंटेनेंस व मैकेनिकल से जुडे होते हैं काम लोकायुक्त ने की थी निगम के अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर पर एफआईआर, दूसरे दिन निगम ने भी वित्त एवं लेखा विभाग से हटा दिया
नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा में शुक्रवार को लोकायुक्त की कार्रवाई के तीसरे दिन रविवार को लोकायुक्त की टीम ने निगम के सेंट्रल वर्कशाप में छापा मारा। यह मामला निगम के वाहनों की मरम्मत के नाम पर फर्जी बिल बनाकर भुगतान किए जाने से जुडा है। लोकायुक्त की टीम सुबह 9 बजे सेंट्रल वर्कशाप पहुंची और परिसर को अपने कब्जे में लिया। वर्कशाप के मेन गेट को बंद कर दिया गया और पहरा लगा दिया गया। टीम ने करीब आठ घंटे वर्कशाप में दस्तावेजों की बारीकी से जांच और मौजूद कर्मचारियों से गहन पूछताछ की है।
शुक्रवार को बिना काम कराए फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए निकालने के मामले में लोकायुक्त पुलिस द्वारा बड़ी कार्रवाई करने के बाद रविवार को सेंट्रल वर्कशाप पहुंची। टीम के पहुंचने की भनक लगने पर हडकंप मच गया और लोगों के प्रवेश व वाहनों की आवाजाही रोक दी गईं। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को लोकायुक्त ने नगर निगम के अपर आयुक्त वित्त सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) तथा भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया था। जबकि शनिवार को निगम आयुक्त ने गुणवंत सेवतकर को वित्त एवं लेखा विभाग से हटाने के आदेश जारी कर दिए थे।
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