29.7 C
London
Friday, June 19, 2026
Homeराज्य13 दिनों में 6 पुलों के गिरने के बाद जागी बिहार सरकार,...

13 दिनों में 6 पुलों के गिरने के बाद जागी बिहार सरकार, जांच के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन

Published on

पटना,
बिहार में बीते 13 दिनों में 6 पुलों के गिरने की घटनाओं के बाद अब इस मामले की जांच के लिए नीतीश सरकार ने एक हाई लेवल कमेठी का गठन किया है. बता दें कि रविवार को किशनगंज के खौसी डांगी गांव में में साल 2009-10 में एमपी फंड से बूंद नदी पर बना पुल टूट गया था.13 दिनों के अंदर जितने पुल टूटे हैं या जमींदोज हुए हैं उसमें निर्माणाधीन पुल भी शामिल हैं, इन पुलों को राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) के द्वारा बनाए गया था या बनाया जा रहा रहा था.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक आरडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चौधरी ने मंगलवार को बताया कि चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता वाली कमेटी इन पुलों के ढहने के पीछे के कारणों का विश्लेषण करेगी और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिश करेगी.

3 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी समिति
उन्होंने कहा, ‘विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से हाल ही में सामने आई पुल ढहने की घटनाओं की जांच के लिए चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. कमेटी कारणों का पता लगाएगी और उपाय भी सुझाएगी. आरडब्ल्यूडी-निर्मित पुलों से संबंधित घटनाओं पर विशेष रूप से काम करने वाली समिति दो से तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी.

मंत्री चौधरी ने शुरुआती रिपोर्टों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ पुल चालू नहीं थे या रखरखाव की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए, परारिया गांव में बकरा नदी पर नवनिर्मित 182 मीटर लंबा पुल 18 जून को ढह गया. इसे पीएमजीएसवाई के तहत बनाया गया था, लेकिन अधूरे अप्रोच रोड के कारण इसे अभी तक नहीं खोला गया था.

क्वालिटी की भी जांच करेगी कमेटी
समिति को पुल की नींव और संरचनाओं में उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता सहित सभी पहलुओं की गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक जीतन राम मांझी द्वारा इसके पीछे साजिश बताए जाने पर मंत्री अशोक चौधरी ने कोई टिप्पणी नहीं की.

मांझी ने हाल ही में पुल गिरने की घटनाओं को लेकर कहा, ‘राज्य में अचानक इतने सारे पुल क्यों ढह रहे हैं? लोकसभा चुनाव के बाद ऐसा क्यों हो रहा है? मुझे इसके पीछे साजिश का संदेह है, संबंधित अधिकारियों को इस पर गौर करना चाहिए.’ बता दें कि पुल गिरने की हाल में जो घटनाएं राज्य में हुई है वो किशनगंज जिले में दो, मधुबनी, अररिया, सीवान और पूर्वी चंपारण जिलों के पुल शामिल हैं

Latest articles

देश की पहली कमर्शियल कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट परियोजना का आज शिलान्यास करेंगे पीएम मोदी, बीएचईएल और कोल इंडिया का बड़ा कदम

झारसुगुड़ा/भोपाल। भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और औद्योगिक आत्मनिर्भरता को गति देने...

बीमा अस्पताल की बदहाली के खिलाफ आज सोनागिरी में मजदूरों का हल्लाबोल

भोपाल। केंद्र सरकार के अधीन जाने के बाद से लगातार बदहाली का दंश झेल...

मप्र विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होगा अवैध कॉलोनियों पर सख्त कानून, 10 साल तक की सजा का प्रावधान

भोपाल। प्रदेश में अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार...

More like this

मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: छह आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी

भोपाल। मप्र शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से भारतीय प्रशासनिक...

राजस्थान में सुशासन की नई मिसाल: भजनलाल सरकार के ‘ग्रामीण सेवा शिविरों’ से 5.76 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 'प्रशासन को गांव-गांव और...