11.8 C
London
Monday, April 6, 2026
Homeराज्य13 दिनों में 6 पुलों के गिरने के बाद जागी बिहार सरकार,...

13 दिनों में 6 पुलों के गिरने के बाद जागी बिहार सरकार, जांच के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन

Published on

पटना,
बिहार में बीते 13 दिनों में 6 पुलों के गिरने की घटनाओं के बाद अब इस मामले की जांच के लिए नीतीश सरकार ने एक हाई लेवल कमेठी का गठन किया है. बता दें कि रविवार को किशनगंज के खौसी डांगी गांव में में साल 2009-10 में एमपी फंड से बूंद नदी पर बना पुल टूट गया था.13 दिनों के अंदर जितने पुल टूटे हैं या जमींदोज हुए हैं उसमें निर्माणाधीन पुल भी शामिल हैं, इन पुलों को राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) के द्वारा बनाए गया था या बनाया जा रहा रहा था.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक आरडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चौधरी ने मंगलवार को बताया कि चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता वाली कमेटी इन पुलों के ढहने के पीछे के कारणों का विश्लेषण करेगी और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिश करेगी.

3 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी समिति
उन्होंने कहा, ‘विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से हाल ही में सामने आई पुल ढहने की घटनाओं की जांच के लिए चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. कमेटी कारणों का पता लगाएगी और उपाय भी सुझाएगी. आरडब्ल्यूडी-निर्मित पुलों से संबंधित घटनाओं पर विशेष रूप से काम करने वाली समिति दो से तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी.

मंत्री चौधरी ने शुरुआती रिपोर्टों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ पुल चालू नहीं थे या रखरखाव की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए, परारिया गांव में बकरा नदी पर नवनिर्मित 182 मीटर लंबा पुल 18 जून को ढह गया. इसे पीएमजीएसवाई के तहत बनाया गया था, लेकिन अधूरे अप्रोच रोड के कारण इसे अभी तक नहीं खोला गया था.

क्वालिटी की भी जांच करेगी कमेटी
समिति को पुल की नींव और संरचनाओं में उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता सहित सभी पहलुओं की गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक जीतन राम मांझी द्वारा इसके पीछे साजिश बताए जाने पर मंत्री अशोक चौधरी ने कोई टिप्पणी नहीं की.

मांझी ने हाल ही में पुल गिरने की घटनाओं को लेकर कहा, ‘राज्य में अचानक इतने सारे पुल क्यों ढह रहे हैं? लोकसभा चुनाव के बाद ऐसा क्यों हो रहा है? मुझे इसके पीछे साजिश का संदेह है, संबंधित अधिकारियों को इस पर गौर करना चाहिए.’ बता दें कि पुल गिरने की हाल में जो घटनाएं राज्य में हुई है वो किशनगंज जिले में दो, मधुबनी, अररिया, सीवान और पूर्वी चंपारण जिलों के पुल शामिल हैं

Latest articles

Hair Regroth Tips: सफेद बालों को करना चाहते हैं नेचुरली काला तो अपनाएं ये उपाय

Hair Regroth Tips: आजकल खराब खान-पान की आदतें और जीवनशैली में बदलाव के कारण...

अवधपुरी में अवैध शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन, रहवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

भोपाल। अवधपुरी इलाके में अवैध शराब दुकान को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।...

अयोध्या बायपास पर 10 लेन सड़क निर्माण के दौरान फूटी पानी की पाइप लाइन, सप्लाई प्रभावित

भोपाल। शहर में अयोध्या बायपास पर चल रहे 10 लेन सड़क निर्माण कार्य के...

उत्पादन लक्ष्य पूर्ति पर भेल के कार्यपालक निदेशक को दी बधाई

भेल। भेल भोपाल के कार्यपालक निदेशक से सौजन्य मुलाकात कर फायनेंशियल वर्ष 2025-2026 के...

More like this

छत्तीसगढ़ माओवादी आतंक से मुक्त, ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 31 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ के पूर्णतः माओवादी आतंक...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘सरस’ को नेशनल ब्रांड बनाने और धार्मिक स्थलों पर आउटलेट खोलने के दिए निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि डेयरी क्षेत्र राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था...

मिशन हरियालो राजस्थान: मानसून में 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य, सीएम भजनलाल शर्मा ने दिए ‘नमो वन’ और ‘चंदन वन’ को गति देने के...

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ शनिवार...