22.7 C
London
Monday, May 25, 2026
Homeराज्य13 दिनों में 6 पुलों के गिरने के बाद जागी बिहार सरकार,...

13 दिनों में 6 पुलों के गिरने के बाद जागी बिहार सरकार, जांच के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन

Published on

पटना,
बिहार में बीते 13 दिनों में 6 पुलों के गिरने की घटनाओं के बाद अब इस मामले की जांच के लिए नीतीश सरकार ने एक हाई लेवल कमेठी का गठन किया है. बता दें कि रविवार को किशनगंज के खौसी डांगी गांव में में साल 2009-10 में एमपी फंड से बूंद नदी पर बना पुल टूट गया था.13 दिनों के अंदर जितने पुल टूटे हैं या जमींदोज हुए हैं उसमें निर्माणाधीन पुल भी शामिल हैं, इन पुलों को राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) के द्वारा बनाए गया था या बनाया जा रहा रहा था.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक आरडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चौधरी ने मंगलवार को बताया कि चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता वाली कमेटी इन पुलों के ढहने के पीछे के कारणों का विश्लेषण करेगी और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिश करेगी.

3 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी समिति
उन्होंने कहा, ‘विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से हाल ही में सामने आई पुल ढहने की घटनाओं की जांच के लिए चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. कमेटी कारणों का पता लगाएगी और उपाय भी सुझाएगी. आरडब्ल्यूडी-निर्मित पुलों से संबंधित घटनाओं पर विशेष रूप से काम करने वाली समिति दो से तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी.

मंत्री चौधरी ने शुरुआती रिपोर्टों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ पुल चालू नहीं थे या रखरखाव की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए, परारिया गांव में बकरा नदी पर नवनिर्मित 182 मीटर लंबा पुल 18 जून को ढह गया. इसे पीएमजीएसवाई के तहत बनाया गया था, लेकिन अधूरे अप्रोच रोड के कारण इसे अभी तक नहीं खोला गया था.

क्वालिटी की भी जांच करेगी कमेटी
समिति को पुल की नींव और संरचनाओं में उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता सहित सभी पहलुओं की गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक जीतन राम मांझी द्वारा इसके पीछे साजिश बताए जाने पर मंत्री अशोक चौधरी ने कोई टिप्पणी नहीं की.

मांझी ने हाल ही में पुल गिरने की घटनाओं को लेकर कहा, ‘राज्य में अचानक इतने सारे पुल क्यों ढह रहे हैं? लोकसभा चुनाव के बाद ऐसा क्यों हो रहा है? मुझे इसके पीछे साजिश का संदेह है, संबंधित अधिकारियों को इस पर गौर करना चाहिए.’ बता दें कि पुल गिरने की हाल में जो घटनाएं राज्य में हुई है वो किशनगंज जिले में दो, मधुबनी, अररिया, सीवान और पूर्वी चंपारण जिलों के पुल शामिल हैं

Latest articles

भेल के पूर्व कार्यपालक निदेशक अनिल जोशी ने भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा से की शिष्टाचार भेंट

​भोपाल। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के पूर्व कार्यपालक निदेशक (Executive Director) अनिल जोशी...

भेल (BHEL) में प्रशासनिक फेरबदल: नवीन प्रकाश का हरिद्वार तबादला, सुशांत कुमार मंडल संभालेंगे पतरातु का प्रभार

​नई दिल्ली / नागपुर। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) कॉर्पोरेट कार्यालय द्वारा जारी एक...

भेल में फेरबदल: 39 अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला

​नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) कॉर्पोरेट कार्यालय...

मध्यप्रदेश में आसमान से बरस रही आग, कई शहर 45 डिग्री के पार, 37 जिलों में लू का अलर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा शुरू होने से पहले ही सूरज ने तेवर दिखाने शुरू...

More like this

मुख्यमंत्री साय का ‘त्वरित एक्शन’: कोसरंगी जन चौपाल में महिलाओं से किया वादा मात्र 24 घंटे में हुआ पूरा; बांटी गईं 50 निःशुल्क सिलाई...

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के "सुशासन और त्वरित न्याय" के संकल्प की...

मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना: सत्र 2025-26 के द्वितीय चरण की मेरिट सूची जारी, चयनित अभ्यर्थी 10 जून तक ले सकेंगे जॉइनिंग

जयपुर। राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना' के तहत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेज...

मुख्यमंत्री कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर हुआ बड़ा संवाद

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और सीएम भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को दिया 'डबल इंजन'...