8.9 C
London
Sunday, April 26, 2026
Homeराज्य13 दिनों में 6 पुलों के गिरने के बाद जागी बिहार सरकार,...

13 दिनों में 6 पुलों के गिरने के बाद जागी बिहार सरकार, जांच के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन

Published on

पटना,
बिहार में बीते 13 दिनों में 6 पुलों के गिरने की घटनाओं के बाद अब इस मामले की जांच के लिए नीतीश सरकार ने एक हाई लेवल कमेठी का गठन किया है. बता दें कि रविवार को किशनगंज के खौसी डांगी गांव में में साल 2009-10 में एमपी फंड से बूंद नदी पर बना पुल टूट गया था.13 दिनों के अंदर जितने पुल टूटे हैं या जमींदोज हुए हैं उसमें निर्माणाधीन पुल भी शामिल हैं, इन पुलों को राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) के द्वारा बनाए गया था या बनाया जा रहा रहा था.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक आरडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चौधरी ने मंगलवार को बताया कि चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता वाली कमेटी इन पुलों के ढहने के पीछे के कारणों का विश्लेषण करेगी और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिश करेगी.

3 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी समिति
उन्होंने कहा, ‘विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से हाल ही में सामने आई पुल ढहने की घटनाओं की जांच के लिए चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. कमेटी कारणों का पता लगाएगी और उपाय भी सुझाएगी. आरडब्ल्यूडी-निर्मित पुलों से संबंधित घटनाओं पर विशेष रूप से काम करने वाली समिति दो से तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी.

मंत्री चौधरी ने शुरुआती रिपोर्टों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ पुल चालू नहीं थे या रखरखाव की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए, परारिया गांव में बकरा नदी पर नवनिर्मित 182 मीटर लंबा पुल 18 जून को ढह गया. इसे पीएमजीएसवाई के तहत बनाया गया था, लेकिन अधूरे अप्रोच रोड के कारण इसे अभी तक नहीं खोला गया था.

क्वालिटी की भी जांच करेगी कमेटी
समिति को पुल की नींव और संरचनाओं में उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता सहित सभी पहलुओं की गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक जीतन राम मांझी द्वारा इसके पीछे साजिश बताए जाने पर मंत्री अशोक चौधरी ने कोई टिप्पणी नहीं की.

मांझी ने हाल ही में पुल गिरने की घटनाओं को लेकर कहा, ‘राज्य में अचानक इतने सारे पुल क्यों ढह रहे हैं? लोकसभा चुनाव के बाद ऐसा क्यों हो रहा है? मुझे इसके पीछे साजिश का संदेह है, संबंधित अधिकारियों को इस पर गौर करना चाहिए.’ बता दें कि पुल गिरने की हाल में जो घटनाएं राज्य में हुई है वो किशनगंज जिले में दो, मधुबनी, अररिया, सीवान और पूर्वी चंपारण जिलों के पुल शामिल हैं

Latest articles

ईरान-अमेरिका वार्ता पर लगा ब्रेक, ट्रंप ने रद्द किया अपने डेलिगेशन का इस्लामाबाद दौरा

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद में होने वाली ईरान के साथ...

दादाजी धाम में धार्मिक अनुष्ठानों का भव्य समापन

भोपाल। रायसेन रोड, पटेल नगर स्थित प्रसिद्ध दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में...

भेल भाजपा नेता के मोबाइल हैक कर संपर्कों को भेजे जा रहे शादी के फर्जी डिजिटल कार्ड

भोपाल। राजधानी में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और चौंकाने वाला तरीका...

मुख्यमंत्री साय ने हज यात्रियों को सौंपे ‘फर्स्ट एड किट’, कहा- प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए करें दुआ

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को राजधानी रायपुर के मेडिकल...

More like this

मुख्यमंत्री साय ने हज यात्रियों को सौंपे ‘फर्स्ट एड किट’, कहा- प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए करें दुआ

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को राजधानी रायपुर के मेडिकल...

सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनुभव की अमूल्य धरोहर, युवा पीढ़ी इनसे सीखे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (राल्सा) के संयुक्त...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को दी विदाई

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर के स्टेट हैंगर पर उपराष्ट्रपति सी.पी....