15.8 C
London
Sunday, May 17, 2026
Homeराज्य13 दिनों में 6 पुलों के गिरने के बाद जागी बिहार सरकार,...

13 दिनों में 6 पुलों के गिरने के बाद जागी बिहार सरकार, जांच के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन

Published on

पटना,
बिहार में बीते 13 दिनों में 6 पुलों के गिरने की घटनाओं के बाद अब इस मामले की जांच के लिए नीतीश सरकार ने एक हाई लेवल कमेठी का गठन किया है. बता दें कि रविवार को किशनगंज के खौसी डांगी गांव में में साल 2009-10 में एमपी फंड से बूंद नदी पर बना पुल टूट गया था.13 दिनों के अंदर जितने पुल टूटे हैं या जमींदोज हुए हैं उसमें निर्माणाधीन पुल भी शामिल हैं, इन पुलों को राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) के द्वारा बनाए गया था या बनाया जा रहा रहा था.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक आरडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चौधरी ने मंगलवार को बताया कि चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता वाली कमेटी इन पुलों के ढहने के पीछे के कारणों का विश्लेषण करेगी और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिश करेगी.

3 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी समिति
उन्होंने कहा, ‘विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से हाल ही में सामने आई पुल ढहने की घटनाओं की जांच के लिए चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. कमेटी कारणों का पता लगाएगी और उपाय भी सुझाएगी. आरडब्ल्यूडी-निर्मित पुलों से संबंधित घटनाओं पर विशेष रूप से काम करने वाली समिति दो से तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी.

मंत्री चौधरी ने शुरुआती रिपोर्टों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ पुल चालू नहीं थे या रखरखाव की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए, परारिया गांव में बकरा नदी पर नवनिर्मित 182 मीटर लंबा पुल 18 जून को ढह गया. इसे पीएमजीएसवाई के तहत बनाया गया था, लेकिन अधूरे अप्रोच रोड के कारण इसे अभी तक नहीं खोला गया था.

क्वालिटी की भी जांच करेगी कमेटी
समिति को पुल की नींव और संरचनाओं में उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता सहित सभी पहलुओं की गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक जीतन राम मांझी द्वारा इसके पीछे साजिश बताए जाने पर मंत्री अशोक चौधरी ने कोई टिप्पणी नहीं की.

मांझी ने हाल ही में पुल गिरने की घटनाओं को लेकर कहा, ‘राज्य में अचानक इतने सारे पुल क्यों ढह रहे हैं? लोकसभा चुनाव के बाद ऐसा क्यों हो रहा है? मुझे इसके पीछे साजिश का संदेह है, संबंधित अधिकारियों को इस पर गौर करना चाहिए.’ बता दें कि पुल गिरने की हाल में जो घटनाएं राज्य में हुई है वो किशनगंज जिले में दो, मधुबनी, अररिया, सीवान और पूर्वी चंपारण जिलों के पुल शामिल हैं

Latest articles

मप्र में भीषण गर्मी-बाजारों में पसरा सन्नाटा, 15 शहरों में 43°C पार, कई जिलों में लू का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदला है कि लोग बारिश...

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...

राजधानी एक्सप्रेस में लगी आग, दिल्ली-मुंबई ट्रैक पर आवाजाही ठप, 68 यात्री बाहर निकाले, कई ट्रेनें प्रभावित

रतलाम। कोटा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले रतलाम जिले के आलोट स्टेशन के...

लखपति दीदी मंजू की संघर्षगाथा बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, सीएम साय ने लेमरू में चखा गुपचुप

रायपुर। राज्य सरकार के 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा...

More like this

लखपति दीदी मंजू की संघर्षगाथा बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, सीएम साय ने लेमरू में चखा गुपचुप

रायपुर। राज्य सरकार के 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा...

सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज उन्नति’ की 5वीं उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अभिनव पहल ‘राजस्थान यूनिफाइड नेटवर्क फॉर न्यू एक्शन’ (राज...

पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह शेखावत को मुख्यमंत्री भजनलाल ने अर्पित की श्रद्धांजलि

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देश के पूर्व उपराष्ट्रपति और प्रदेश के...