20.5 C
London
Monday, June 15, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयतालिबान सरकार को मान्यता नहीं... कतर की मीटिंग के बाद बोला संयुक्त...

तालिबान सरकार को मान्यता नहीं… कतर की मीटिंग के बाद बोला संयुक्त राष्ट्र, तालिबानी प्रशासन को बड़ा झटका

Published on

दोहा:

अफगानिस्तान के साथ जुड़ाव बढ़ाने वाली संयुक्त राष्ट्र और तालिबान के बीच एक मीटिंग कतर में हुई। इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने साफ कह दिया है कि यह मीटिंग सरकार को मान्यता के रूप में तब्दील नहीं होती है। कतर की राजधानी दोहा में रविवार और सोमवार को पहली तालिबान प्रशासन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित बैठक में भाग लिया। इसमें लगभग दो दर्जन देशों के दूत मौजूद थे। तालिबान को पहली बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि फरवरी में दूसरी बैठक में भाग लेने के लिए अस्वीकार्य शर्तें रखी गई थीं। तालिबान ने मांग की थी कि अफगान सिविल सोसायटी के लोगों को बातचीत से बाहर रखा जाए और तालिबान के साथ वैसा ही व्यवहार किया जाए, जैसा एक वैध देश के साथ होता है। दोहा में मीटिंग के दौरान अफगान महिलाओं के प्रतिनिधियों को हिस्सा लेने से बाहर रखा गया, जिससे तालिबान के लिए अपना दूत भेजने का रास्ता साफ हो गया। हालांकि आयोजकों ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के अधिकारों की मांग उठाई जाएगी।

तालिबान को मान्यता नहीं
राजनीतिक और शांति निर्माण मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र अधिकारी रोजमेरी ए डिकार्लो ने सोमवार को कहा, ‘मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगी कि इस बैठक और जुड़ाव की इस प्रक्रिया का मतलब सामान्यीकरण या मान्यता नहीं है।’ उन्होंने कहा मेरी आशा है कि पिछले दो दिनों में विभिन्न मुद्दों पर रचनात्मक आदान-प्रदान हमें कुछ समस्याओं के समाधान के करीब ले आया है, जिनका अफगान लोगों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। दोहा में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि सभा के मौके पर उनके लिए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से मिलने का अवसर था।

क्या बोला तालिबान
उन्होंने कहा कि तालिबान का संदेश बैठक में भाग लेने वाले सभी देशों तक पहुंच गया। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को निजी क्षेत्र और ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में सहयोग की जरूरत है। ज्यादातर देशों ने इन क्षेत्रों में सहयोग की इच्छा व्यक्त की है। 2021 में अमेरिका और नाटो की सेनाएं दो दशक के युद्ध के बाद अफगानिस्तान से वापस हो गई थीं। अगस्त 2021 में तालिबान ने सत्ता पर कब्जा कर लिया था। लेकिन कोई भी देश आधिकारिक तौर पर तालिबान को मान्यता नहीं देता है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि महिला शिक्षा और रोजगार पर प्रतिबंध जारी रहने तक मान्यता व्यावहारिक रूप से असंभव है।

Latest articles

मुरैना में मोबाइल फटने से फैली ट्रेन में आग की अफवाह, रेल से कूदे चार यात्री दूसरी गाड़ी से कट गए

मुरैना। प्रदेश के मुरैना जिले के हेतमपुर और राजस्थान के धौलपुर रेल खंड के...

सीएम यादव ने जारी की लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त, 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में पहुंचे 1500 रुपये

सागर। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 37वीं किस्त...

सिवनी में बाघ दो आदिवासी महिलाओं पर किया, ग्रामीणों में दहशत

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में बाघ के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं...

More like this

ओमान के तट पर भारतीय क्रू वाले जहाज पर लगातार दूसरे दिन हमला, होर्मुज में अमेरिकी हमले में 3 भारतीय मारे गए

तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। ओमान के तट के पास लगातार दूसरे दिन भारतीय क्रू वाले जहाज...

ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला, यूएस अमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में कार्रवाई

ट्रम्प बोले थे- हेलिकॉप्टर गिराने का बदला लेंगे अम्मान। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान...