17.5 C
London
Monday, June 8, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयतालिबान सरकार को मान्यता नहीं... कतर की मीटिंग के बाद बोला संयुक्त...

तालिबान सरकार को मान्यता नहीं… कतर की मीटिंग के बाद बोला संयुक्त राष्ट्र, तालिबानी प्रशासन को बड़ा झटका

Published on

दोहा:

अफगानिस्तान के साथ जुड़ाव बढ़ाने वाली संयुक्त राष्ट्र और तालिबान के बीच एक मीटिंग कतर में हुई। इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने साफ कह दिया है कि यह मीटिंग सरकार को मान्यता के रूप में तब्दील नहीं होती है। कतर की राजधानी दोहा में रविवार और सोमवार को पहली तालिबान प्रशासन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित बैठक में भाग लिया। इसमें लगभग दो दर्जन देशों के दूत मौजूद थे। तालिबान को पहली बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि फरवरी में दूसरी बैठक में भाग लेने के लिए अस्वीकार्य शर्तें रखी गई थीं। तालिबान ने मांग की थी कि अफगान सिविल सोसायटी के लोगों को बातचीत से बाहर रखा जाए और तालिबान के साथ वैसा ही व्यवहार किया जाए, जैसा एक वैध देश के साथ होता है। दोहा में मीटिंग के दौरान अफगान महिलाओं के प्रतिनिधियों को हिस्सा लेने से बाहर रखा गया, जिससे तालिबान के लिए अपना दूत भेजने का रास्ता साफ हो गया। हालांकि आयोजकों ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के अधिकारों की मांग उठाई जाएगी।

तालिबान को मान्यता नहीं
राजनीतिक और शांति निर्माण मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र अधिकारी रोजमेरी ए डिकार्लो ने सोमवार को कहा, ‘मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगी कि इस बैठक और जुड़ाव की इस प्रक्रिया का मतलब सामान्यीकरण या मान्यता नहीं है।’ उन्होंने कहा मेरी आशा है कि पिछले दो दिनों में विभिन्न मुद्दों पर रचनात्मक आदान-प्रदान हमें कुछ समस्याओं के समाधान के करीब ले आया है, जिनका अफगान लोगों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। दोहा में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि सभा के मौके पर उनके लिए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से मिलने का अवसर था।

क्या बोला तालिबान
उन्होंने कहा कि तालिबान का संदेश बैठक में भाग लेने वाले सभी देशों तक पहुंच गया। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को निजी क्षेत्र और ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में सहयोग की जरूरत है। ज्यादातर देशों ने इन क्षेत्रों में सहयोग की इच्छा व्यक्त की है। 2021 में अमेरिका और नाटो की सेनाएं दो दशक के युद्ध के बाद अफगानिस्तान से वापस हो गई थीं। अगस्त 2021 में तालिबान ने सत्ता पर कब्जा कर लिया था। लेकिन कोई भी देश आधिकारिक तौर पर तालिबान को मान्यता नहीं देता है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि महिला शिक्षा और रोजगार पर प्रतिबंध जारी रहने तक मान्यता व्यावहारिक रूप से असंभव है।

Latest articles

मध्य प्रदेश में भाजपा उतारेगी तीसरा राज्यसभा कैंडिडेट, दिल्ली से मिली हरी झंडी

कल नामांकन दाखिल करेंगी कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी...

जनता पर फिर महंगाई की मार: घरेलू गैस सिलिंडर 29 रुपये महंगा, विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा

नई दिल्ली। एलपीजी गैस सिलिंडर की कीमत में बढ़ोतरी के बाद विपक्ष एक बार...

भोपाल के रेस्टोरेंट में आग, लोगों में हड़कंप, बुझाने के लिए दीवार तोड़कर घुसे दमकलकर्मी

भोपाल। राजधानी के लालघाटी क्षेत्र स्थित भोज इन रेस्टोरेंट में रविवार को अचानक आग...

सांसद आलोक शर्मा के प्रयास लाए रंग: सीहोर में फिर रुकेगी इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस

​भोपाल। लंबे समय से चली आ रही सीहोरवासियों की बड़ी मांग आखिरकार पूरी हो...

More like this

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...