9 C
London
Tuesday, January 20, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयतालिबान सरकार को मान्यता नहीं... कतर की मीटिंग के बाद बोला संयुक्त...

तालिबान सरकार को मान्यता नहीं… कतर की मीटिंग के बाद बोला संयुक्त राष्ट्र, तालिबानी प्रशासन को बड़ा झटका

Published on

दोहा:

अफगानिस्तान के साथ जुड़ाव बढ़ाने वाली संयुक्त राष्ट्र और तालिबान के बीच एक मीटिंग कतर में हुई। इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने साफ कह दिया है कि यह मीटिंग सरकार को मान्यता के रूप में तब्दील नहीं होती है। कतर की राजधानी दोहा में रविवार और सोमवार को पहली तालिबान प्रशासन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित बैठक में भाग लिया। इसमें लगभग दो दर्जन देशों के दूत मौजूद थे। तालिबान को पहली बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि फरवरी में दूसरी बैठक में भाग लेने के लिए अस्वीकार्य शर्तें रखी गई थीं। तालिबान ने मांग की थी कि अफगान सिविल सोसायटी के लोगों को बातचीत से बाहर रखा जाए और तालिबान के साथ वैसा ही व्यवहार किया जाए, जैसा एक वैध देश के साथ होता है। दोहा में मीटिंग के दौरान अफगान महिलाओं के प्रतिनिधियों को हिस्सा लेने से बाहर रखा गया, जिससे तालिबान के लिए अपना दूत भेजने का रास्ता साफ हो गया। हालांकि आयोजकों ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के अधिकारों की मांग उठाई जाएगी।

तालिबान को मान्यता नहीं
राजनीतिक और शांति निर्माण मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र अधिकारी रोजमेरी ए डिकार्लो ने सोमवार को कहा, ‘मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगी कि इस बैठक और जुड़ाव की इस प्रक्रिया का मतलब सामान्यीकरण या मान्यता नहीं है।’ उन्होंने कहा मेरी आशा है कि पिछले दो दिनों में विभिन्न मुद्दों पर रचनात्मक आदान-प्रदान हमें कुछ समस्याओं के समाधान के करीब ले आया है, जिनका अफगान लोगों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। दोहा में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि सभा के मौके पर उनके लिए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से मिलने का अवसर था।

क्या बोला तालिबान
उन्होंने कहा कि तालिबान का संदेश बैठक में भाग लेने वाले सभी देशों तक पहुंच गया। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को निजी क्षेत्र और ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में सहयोग की जरूरत है। ज्यादातर देशों ने इन क्षेत्रों में सहयोग की इच्छा व्यक्त की है। 2021 में अमेरिका और नाटो की सेनाएं दो दशक के युद्ध के बाद अफगानिस्तान से वापस हो गई थीं। अगस्त 2021 में तालिबान ने सत्ता पर कब्जा कर लिया था। लेकिन कोई भी देश आधिकारिक तौर पर तालिबान को मान्यता नहीं देता है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि महिला शिक्षा और रोजगार पर प्रतिबंध जारी रहने तक मान्यता व्यावहारिक रूप से असंभव है।

Latest articles

नववर्ष मिलन समारोह 2026 में सांस्कृतिक और प्रतिभा सम्मान का आयोजन—उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक परिषद में नवीन कार्यकारिणी का गठन

भोपाल।उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक परिषद के तत्वाधान में नववर्ष मिलन समारोह 2026 का भव्य आयोजन...

बीएचईएल ने जारी किए दिसंबर तिमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे

भेल नई दिल्ली।भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही...

व्यापारियों के विरोध के बावजूद विजय मार्केट बरखेड़ा में बीएचईएल प्रशासन ने अवैध कब्जों के विरुद्ध की सख्त कार्रवाई

भेल भोपाल । बीएचईएल भोपाल के महाप्रबंधक  टीयू सिंह एवं टाउनशिप प्रमुख प्रशांत पाठक के...

भोपाल तमिल संगम द्वारा पोंगल 2026 का भव्य आयोजन

भोपाल, उलगत तमिल संगम, मदुरै तथा ऑर्गनाइजेशन ऑफ ऑल इंडिया तमिल संगम्स, चेन्नई से संबद्ध...

More like this

वेनेजुएला के राष्ट्रपति को न्यूयॉर्क कोर्ट में पेश किया

न्यूयॉर्क।वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किया गया।...

राष्ट्रपति भवन में पुतिन का भव्य स्वागत

नई दिल्ली।पुतिन का भारत दौरा आज दूसरे दिन भी जारी है। राष्ट्रपति भवन में...

हांगकांग में 35 मंजिलों वाली 8 इमारतें जलकर खाक, 44 लोगों की मौत

हांगकांग।हांगकांग के ताइ पो जिले में एक बड़े रिहायशी कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग...