तेल अवीव,
इजरायल और हिज्बुल्लाह लगातार एक-दूसरे पर हवाई हमले कर रहे हैं. ऐसे में इजरायल और लेबनान के बीच जंग के हालात बनते जा रहे हैं. ताजा हमले में रविवार को हिज़्बुल्लाह ने इजरायल पर ताबड़तोड़ रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार तड़के हिज्बुल्लाह ने उत्तरी इजरायल में 100 से अधिक रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन दागे हैं, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई है. इन हमलों को हिज्बुल्लाह की तरफ से अबतक का सबसे बड़ा पलटवार माना जा रहा है, जिसकी पुष्टि आईडीएफ ने भी की है.
इजरायली डिफेंस फोर्स ने कहा है कि हिज्बुल्लाह लगातार उनके लोगों पर निशाना बना रहा है. रविवार की सुबह जेजेरेल घाटी में 140 से ज्यादा रॉकेट और ड्रोन दागे गए हैं. इसके बाद हाइफा, नाजरेथ, अफुला, लोअर गलील सहित कई सैन्य ठिकानों के पास अलर्ट जारी किया गया. आईडीएफ ने एक्स पर लिखा है, ”हिज्बुल्लाह के आतंकवादी हमारे नागरिकों को निशाना बना रहे हैं. हजारों इजरायलियों ने अपनी रात बम शेल्टर होम में छिपकर बिताई हैं. रॉकेटों की बौछारें उनके सिर के ऊपर से गुजर रही थीं. कुछ उनके घरों पर भी गिरी हैं. रॉकेट अलर्ट सायरन रात भर लगातार बजते रहे थे.”
इस हमले के बाद इजरायल ने भी पलटवार किया है. उनकी तरफ से भी सैकड़ों मिसाइलें दागी गई हैं. वैसे लेबनान में हुए पेजर और वॉकी टॉकी ब्लास्ट के बाद दुनिया ये मान कर चल रही थी कि इजरायल कुछ दिनों के लिए खामोश रहेगा, अपने दुश्मनों की अगली चाल को भांपने के लिए वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाएगा, लेकिन यहां तो ताबड़तोड़ हमलों से उसने जता दिया है कि वो फिलहाल रुकने वाला नहीं है. जब तक वो इस जंग में अपने दुश्मनों का समूल नाश ना कर दे, तब तक वो थमने वाला नहीं है. उसके द्वारा लगातार जारी हमले, इस बात का सबूत हैं.
17 सितंबर को ये बात लेबनान में हुए पेजर के धमाकों से शुरू हुई थी और अब हवाई हमलों तक पहुंच गई है. इजरायल सिर्फ ड्रोन से नहीं बल्कि फाइटर जेट्स से भी कोहराम मचा रहा है. लेबनान में हुए पेजर और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट के बाद हिज़्बुल्लाह ने इजरायल पर इक्के-दुक्के रॉकेट दागे थे, लेकिन इज़रायल इतना करारा जवाब देगा, ये खुद हिज़्बुल्लाह ने भी नहीं सोचा होगा. क्योंकि वो अभी पेजर और वॉकी-टॉकी धमाकों से मिले ज़ख्मों की पहली खेप से कराह रहा था.
इज़रायल और हिज्बुल्लाह के बीच हो रहे इन हमलों के बाद जंग की आग और भड़कने की आशंका है. बात बढ़ी तो फिर ये बात सिर्फ इजरायल और हिज्बुल्लाह तक नहीं बल्कि इजरायल और लेबनान तक पहुंच जाएगी. ऐसे में अगर दोनों देशों के बीच आमने-सामने की जंग छिड़ गई, तो इसका अंजाम क्या होगा? सैन्य ताकत के मामले में आखिर लेबनान इज़रायल के आगे कहां टिकता है?? तो आइए दोनों देशों की इसी काबिलियत को समझने की कोशिश करते हैं.
इज़रायल और लेबनान के बीच करीब 130 किलोमीटर की सीमा लगती है. ये इजरायल का उत्तरी जबकि लेबनान का दक्षिणी इलाका है. इसे ब्लू लाइन के नाम से भी जाना जाता है. लेकिन लेबनान की सरजमीं पर फलने-फूलने वाले हिज़्बुल्लाह की ओर से बेशक इजरायल को बार-बार चुनौती दी जाए, फ़ौजी ताकत के मामले में एक मुल्क के तौर पर लेबनान इजरायल के सामने कहीं नहीं टिकता है. ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स की बात करें, तो इसमें शामिल दुनिया के 145 देशों में इजरायल की रैंकिंग जहां 18वीं है, वहीं लेबनान की उससे बहुत पीछे 111वीं. यानी दोनों देशों की क्षमता का आपस में कोई मुकाबला नहीं है.
अब आइए अलग-अलग पैमानों पर दोनों देशों की ताकत को समझने की कोशिश करते हैं. फौजियों की तादाद दोनों देशों के सैनिकों की बात करें, तो लेबनान इजरायल के सामने कहीं नहीं टिकता है. लेबनान के पास जहां सिर्फ 80 हज़ार सैनिक हैं, वहीं इजरायल के पास 1 लाख 73 हज़ार. यानी दुगने से भी ज्यादा. इसी तरह इजरायल के पास 4 लाख 65 की रिजर्व फ़ोर्स भी है, जबकि लेबनान के पास कोई रिजर्व फोर्स है ही नहीं है.
हालांकि पैरा मिलिट्री फोर्स के मामले में लेबनान इजरायल से आगे है. लेबनान के पास जहां 25 हजार पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान हैं, वहीं इजरायल के पास 8 हजार. हवाई ताक़त हवाई ताक़त यानी जंगी जहाजों के बेडे़ के मामले में भी लेबनान काफी पीछे हैं. उसके पास जहां सिर्फ 78 एयरक्राफ्ट्स हैं, वहीं इजरायल के पास 601. फाइटर जेट्स की बात करें तो लेबनान के हाथ बिल्कुल खाली हैं. उसके पास एक भी फाइटर जेट नहीं है, जबकि इजरायल के पास 241 हैं.
