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भोपाल नवाब की दूसरी बेगम, सैफ की रिश्तेदार, कौन हैं आफताफ जहां, जिनकी प्रॉपर्टी को सरकार ने घोषित किया शत्रु संपत्ति?

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भोपाल

फिल्म अभिनेता सैफ अली खान की करोड़ों की संपत्ति को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। भोपाल के नवाब हमीदुल्ला खां की दूसरी बेगम, आफताब जहां की संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया है। यह संपत्ति भोपाल, सीहोर और रायसेन जिलों में फैली हुई है और इसकी कीमत लगभग 15 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है।

कौन थीं आफताब जहां?
आफताब जहां, जिन्हें छोटी बेगम भी कहा जाता था, 1960 में नवाब की मृत्यु के बाद पाकिस्तान चली गई थीं। उन्होंने अपनी संपत्ति का न तो किसी को दान दिया, न ही किसी को पावर ऑफ अटॉर्नी दी। साल 2000 में उनका निधन हो गया। इस मामले में सैफ अली खान और उनके परिवार पर अदालत से जानकारी छुपाने का आरोप भी लगा है।

इसलिए घोषित हुई शत्रु संपत्ति
शत्रु संपत्ति कार्यालय ने 2 मई 1977 के एक पत्र का हवाला देते हुए भोपाल कलेक्टर को सूचित किया है कि छोटी बेगम की संपत्ति अब शत्रु संपत्ति है। यह पत्र इस बात की पुष्टि करता है कि आफताब जहां, नवाब हमीदुल्ला खां की दूसरी पत्नी, पाकिस्तान चली गई थीं और अपनी संपत्ति यहीं छोड़ गई थीं। इस संपत्ति में भोपाल के खानूगांव, कोहेफिजा, लाउखेड़ी, बोरवन, बेहटा, हलालपुर और सीहोर व रायसेन जिलों की जमीनें शामिल हैं। चूंकि बेगम ने पाकिस्तान जाने के बाद किसी को भी अपनी संपत्ति का अधिकार नहीं दिया, इसलिए इसे शत्रु संपत्ति घोषित किया गया है।

सैफ अली खान ने छुपाई जानकारी!
इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एडवोकेट जगदीश छावानी, घर बचाओ संघर्ष समिति के उपसंयोजक, ने बताया कि शत्रु संपत्ति कार्यालय के तत्कालीन कस्टोडियन उत्पल चक्रवर्ती ने 20 अप्रैल 2015 को ही इस संपत्ति पर एक आदेश जारी कर दिया था। लेकिन सैफ अली खान और उनके परिवार ने इस आदेश की जानकारी हाई कोर्ट से छुपाई। अगर सैफ ने मार्च 2015 में दायर अपनी याचिका में इस आदेश का जिक्र किया होता, तो हाई कोर्ट सीधे मामले का निपटारा कर सकती थी। यह सवाल उठता है कि आखिर सैफ ने इस महत्वपूर्ण जानकारी को अदालत से क्यों छुपाया?

कई बार गए नोटिस
20 अप्रैल 2015 के आदेश के अनुसार, कस्टोडियन अधिकारी ने सैफ अली खान को कई बार नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने न तो कोई जवाब दिया और न ही कोई जानकारी साझा की। उन्होंने नवाब हमीदुल्ला खान की संपत्तियों और उनके उत्तराधिकारियों के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी। इससे कस्टोडियन अधिकारी ने यह निष्कर्ष निकाला कि सैफ जानबूझकर सहयोग नहीं कर रहे हैं और शत्रु संपत्ति अधिनियम की धारा 11 का उल्लंघन कर रहे हैं। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि नवाब हमीदुल्ला खान के कुछ कानूनी उत्तराधिकारी पाकिस्तान चले गए हैं, इसलिए उनकी संपत्ति शत्रु संपत्ति मानी जाएगी।

सरकार का पक्ष और भी मजबूत
इस मामले में सरकार का पक्ष भी मजबूत होता दिख रहा है। आदेश में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया गया है, जिनमें कहा गया है कि दुश्मन देश में रहने वाले लोगों की संपत्ति को जब्त करने का अधिकार सरकार के पास है। इसके अलावा, आबिदा सुल्तान को नवाब हमीदुल्ला खान का उत्तराधिकारी मानते हुए जारी किए गए प्रमाण पत्र की भी पुष्टि की गई है।

पीएम और गृहमंत्री को लिखा पत्र
इस पूरे मामले को लेकर आम लोगों में भी काफी रोष है। घर बचाओं संघर्ष समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। समिति का कहना है कि सैफ अली खान के रवैये से प्रभावित लोगों के हक के लिए आवाज उठाई जानी चाहिए। इसके लिए एक ‘पत्र भेजो’ अभियान भी शुरू किया जा रहा है।

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