8.3 C
London
Friday, May 8, 2026
Homeराज्यहजारों छात्रों के सपनों से खिलवाड़? फिटजी कोचिंग बंद होने पर संस्थान...

हजारों छात्रों के सपनों से खिलवाड़? फिटजी कोचिंग बंद होने पर संस्थान के मालिक समेत 12 लोगों पर केस दर्ज

Published on

नोएडा/गाजियाबादः

उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थान ‘फिटजी’ के सेंटर बंद होने के मामले में उसके मालिक सहित 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस बीच गाजियाबाद में अवैध रूप से कोचिंग संचालित करने के आरोप में चार आरोपियों के खिलाफ कवि नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।

नोएडा पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत पर नोएडा के सेक्टर-58 और ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाने में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं जिसमें ‘फिटजी’ के मालिक डीके गोयल, मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) राजीव बब्बर, मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) मनीष आनंद, ग्रेटर नोएडा शाखा के प्रमुख रमेश बटलेश समेत 12 लोगों को नामजद किया गया।

पुलिस उपायुक्त (नोएडा) राम बदन सिंह ने कहा, ‘‘अभिभावकों की शिकायत के आधार पर आपराधिक साजिश और विश्वासघात के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।’’ पुलिस प्रवक्ता ने ग्रेटर नोएडा के निवासी सतसंग कुमार की शिकायत के हवाले से बताया कि नोएडा के सेक्टर-62 स्थित संस्थान का सेंटर मंगलवार तक खुला था और उस दिन एक घंटे पहले छुट्टी कर दी गई जिसके बाद पता चला कि सेंटर पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

उनके मुताबिक, दावा है कि इस सेंटर में दो हजार से अधिक छात्र पढ़ते थे। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमेगा-दो के निवासी मनोज कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में भी इसी तरह के आरोप लगाए गए हैं। इस बीच, गाजियाबाद में राजनगर जिला केंद्र में फिटजी केंद्र बिना किसी पंजीकरण के अवैध रूप से चल रहा था। कवि नगर के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) धर्मेंद्र शर्मा ने फिटजी के संस्थापक डीके गोयल, मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) राजीव बब्बर, मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) मनीष आनन्‍द और आशीष गुप्ता के खिलाफ कविनगर थाने में मामला दर्ज कराया है।

उन्होंने बताया कि 13 जनवरी को कार्यालय में मनीष गुप्ता और एच.आर कपूर नामक दो लोगों ने शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्होंने कोचिंग फीस के तौर पर 3-5 लाख रुपये जमा किए हैं। अधिकारी ने बताया कि शिकायत डीआईओएस शर्मा को सौंपी गई, उन्होंने जांच के बाद पाया कि कोचिंग सेंटर बिना किसी पंजीकरण के चल रहा था। उन्होंने बताया कि जो अनुमति ली गई थी, उसकी अवधि 2022 में समाप्त हो गई थी।

पुलिस ने बताया कि संस्थान संचालकों ने उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के तहत मानदंडों का उल्लंघन किया है तथा कोचिंग सेंटर संचालक शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रहे थे, इसलिए वे सेंटर छोड़कर चले गए। पुलिस ने बताया कि मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (4) (धोखाधड़ी) और 316 (2) (आपराधिक विश्वासघात) के तहत दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने के बाद नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Latest articles

मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहीं आत्महत्याएं, 15 हजार के आंकड़ों के साथ देश में तीसरे स्थान पर

भोपाल। मध्य प्रदेश में आत्महत्या के लगातार बढ़ते मामले सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था...

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...

BHEL भोपाल में तकनीकी उन्नयन को बढ़ावा: नई मशीनों के उद्घाटन से उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी

भोपाल। Bharat Heavy Electricals Limited (बीएचईएल), भोपाल में तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक...

CM भगवंत मान ने जालंधर-अमृतसर धमाकों को साज़िश बताया, BJP पर आरोप लगाया

नई दिल्ली। पंजाब के कई इलाकों में जालंधर और अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल...

More like this

CM भगवंत मान ने जालंधर-अमृतसर धमाकों को साज़िश बताया, BJP पर आरोप लगाया

नई दिल्ली। पंजाब के कई इलाकों में जालंधर और अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल...

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...