11.6 C
London
Sunday, April 5, 2026
HomeभोपालMP: राजधानी भोपाल में भीख लेने और देने पर होगी कार्रवाई, DM...

MP: राजधानी भोपाल में भीख लेने और देने पर होगी कार्रवाई, DM ने जारी किया सख्त आदेश

Published on

भोपाल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भीख मांगना और भीख देना अपराध की श्रेणी में आ गया है. कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इसके लिए आदेश जारी किया है, जिसमें सार्वजनिक स्थलों पर भीख मांगने और देने दोनों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है. यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है और इसका उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी.

भीख मांगने पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
डीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राजधानी भोपाल में ट्रैफिक सिग्नलों, चौराहों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने वाले लोग यातायात में बाधा डालते हैं और शासन के आदेशों की अवहेलना करते हैं. इसके अलावा, यह भी देखा गया है कि भीख मांगने में अन्य राज्यों और शहरों के लोग भी संलग्न रहते हैं, जिनमें से कई का आपराधिक इतिहास होता है. इनमें से कई व्यक्ति नशे और अन्य अवैध गतिविधियों में भी लिप्त पाए गए हैं. इसके अलावा, भीख मांगने की आड़ में कई आपराधिक गिरोह भी सक्रिय हैं, जो इसका फायदा उठाते हैं.

ट्रैफिक सिग्नलों पर दुर्घटनाओं का खतरा
भीख मांगने का एक और बड़ा खतरा सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ा है. अक्सर देखा गया है कि भिक्षुक ट्रैफिक सिग्नलों पर गाड़ियों के बीच आकर भीख मांगते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. भोपाल प्रशासन ने इसे एक सामाजिक बुराई मानते हुए इसे समाप्त करने का निर्णय लिया है.

भीख देने वाले पर भी होगी कार्रवाई
भोपाल कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सिर्फ भीख मांगना ही नहीं, बल्कि भिक्षुकों को भिक्षा देना या उनसे कोई सामान खरीदना भी अपराध माना जाएगा. अगर कोई व्यक्ति किसी भिक्षुक को भोजन, पैसे या अन्य चीजें देता है या उनसे कोई सामान खरीदता है, तो इसे भी इस आदेश का उल्लंघन माना जाएगा और उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

भिक्षुओं के लिए आश्रय स्थल की व्यवस्था
प्रशासन ने भीख मांगने पर पूरी तरह से रोक लगाने के साथ ही, भिक्षुकों को पुनर्वासित करने के लिए विशेष प्रबंध भी किए हैं. आदेश के अनुसार, कोलार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आश्रय स्थल को भिक्षुक गृह के रूप में आरक्षित किया गया है. प्रशासन का कहना है कि इससे बेघर और बेसहारा भिक्षुकों को रहने के लिए उचित स्थान मिलेगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा.

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
डीएम कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यह भी कहा कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसे सार्वजनिक प्रचार, समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा. यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी

Latest articles

छत्तीसगढ़ माओवादी आतंक से मुक्त, ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 31 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ के पूर्णतः माओवादी आतंक...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘सरस’ को नेशनल ब्रांड बनाने और धार्मिक स्थलों पर आउटलेट खोलने के दिए निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि डेयरी क्षेत्र राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था...

मिशन हरियालो राजस्थान: मानसून में 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य, सीएम भजनलाल शर्मा ने दिए ‘नमो वन’ और ‘चंदन वन’ को गति देने के...

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ शनिवार...

जैतो में सीएम भगवंत मान की रैली की तैयारियां तेज, 15 हजार लोगों के पहुंचने का दावा

जैतो (फरीदकोट)। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के चार साल पूरे होने के...

More like this

भोपाल में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा, सीएमएचओ पर फर्जी अस्पतालों को संरक्षण देने का आरोप, निलंबन की मांग

भोपाल। राजधानी भोपाल में फर्जी अस्पतालों के संचालन को लेकर सियासत गरमा गई है।...

अजाक्स भवन को लेकर विवाद गहराया, जांच की मांग

भोपाल। मप्र अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) ने सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा...

ईटखेड़ी की सहकारी समिति में 42 लाख का गबन, किसानों पैसे डकार गए तीन कर्मचारी

भोपाल। राजधानी के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रायपुर की सहकारी समिति में लाखों...