9.3 C
London
Thursday, May 7, 2026
Homeराज्यRSS के गढ़ में हिंदू खतरे में कैसे, फडणवीस बताएं कौन है...

RSS के गढ़ में हिंदू खतरे में कैसे, फडणवीस बताएं कौन है पीछे? नागपुर हिंसा को लेकर भड़के उद्धव ठाकरे

Published on

मुंबई:

शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नागपुर हिंसा को लेकर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने राज्य की डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं मुख्यमंत्री नहीं हूं, न ही गृह मंत्री हूं, मुख्यमंत्री से पूछिए कि हिंसा के पीछे कौन है। ठाकरे ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से जवाब मांगा और कहा कि नागपुर आरएसएस का गढ़ है, वहां हिंदू कैसे खतरे में हो सकते हैं? उद्धव ठाकरे ने नागपुर हिंसा को सुनियोजित बताते हुए आरोप लगाया कि अगर यह पहले से तय था, तो गृह मंत्रालय क्या कर रहा था? उन्होंने सरकार पर अपनी विफलताओं को छुपाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

बुलडोजर नागपुर में भी चलाएं
उद्धव ठाकरे ने बीजेपी से सवाल करते हुए कहा कि आप कहते हैं कि यह साजिश है, तो यह किसकी साजिश है? क्या यह वही साजिश है, जो गुजरात में जन्मे और महाराष्ट्र पर हमला करने वाले औरंगजेब ने की थी? उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी से मुझे पूछना है कि हमने आपका हिंदुत्व देखा, अगर आपको हरे झंडे से इतनी परेशानी है तो अपने झंडे से हरा कलर हटा के दिखाए। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में बुलडोजर अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि वह वही बुलडोजर नागपुर में भी चलाएं। आप कह रहे हैं कि कब्र हटाना जरूर है, हटा दीजिए लेकिन, नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को भी बुलाइए।

नागपुर हिंसा पर फडणवीस ने दिया बयान
उद्धव ने कहा कि इनके नेताओं के बच्चे दुबई में जाकर मैच देखते हैं। अमित शाह का बेटा हिंदुस्तान पाकिस्तान का मैच ऑर्गेनाइज करता है। वहीं बांग्लादेश में हिंदुओं के ऊपर हो रहे अत्याचार पर ये लोग कुछ बोलने को तैयार नहीं है। दूसरी तरफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर हिंसा पर मंगलवार को विधानसभा में बयान दिया। उन्होंने बताया कि यह हिंसा एक अफवाह से शुरू हुई, जिसमें कहा गया था कि एक प्रतीकात्मक कब्र पर रखी चादर पर धार्मिक चिह्न था, जिसे जलाया गया। शाम को यह अफवाह फैली और देखते ही देखते हालात बिगड़ गए, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी।

पुलिस ने तेजी से कदम उठाए और हालात पर काबू पायामुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे बताया कि इस मामले में पांच आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। कानून-व्यवस्था को काबू में करने के लिए 11 थाना क्षेत्रों में लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही, स्थिति को संभालने के लिए स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स (एसआरपीएफ) की पांच टुकड़ियां तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तेजी से कदम उठाए और हालात पर काबू पाया।

Latest articles

बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या, नॉर्थ 24 परगना के मध्यग्राम इलाके में 4 गोलियां मारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए...

राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने किया पद भार ग्रहण

भोपाल। 6 मई को प्रातः 11 बजे राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ....

BHEL में CMD पद के लिए निकली भर्ती

नई दिल्ली। Government of India के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत आने वाले...

भोपाल में चयनित शिक्षक-अभ्यर्थियों में आक्रोश, डीपीआई के सामने किया प्रदर्शन

9 माह से नियुक्ति नहीं मिलने से नाराज, कहा- आदेश जारी नहीं हुए तो...

More like this

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...