9 C
London
Wednesday, May 13, 2026
Homeराज्यये अँधा कानून है.... 42 साल तक अदालत के काटे चक्कर, 86...

ये अँधा कानून है…. 42 साल तक अदालत के काटे चक्कर, 86 की उम्र में रद्द हुआ केस, बॉम्बे हाई कोर्ट भी हैरान

Published on

मुंबई

साल 1983 में एक महिला, जिसकी उम्र 44 साल थी, उस पर कस्टम ड्यूटी की चोरी, कार के रजिस्ट्रेशन में जाली दस्तावेज़ पेश करना और अवैध रूप से भारत में कार के इम्पोर्ट के आरोप लगते हैं। कोर्ट में मुकदमा लड़ते-लड़ते महिला की उम्र अब 86 साल की हो चुकी है और आरोपों का सामना करते हुए उसे 42 साल बीत चुके हैं। इसे देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट कोर्ट ने महिला के खि़लाफ़ किला कोर्ट में 1996 से लंबित केस को रद्द कर दिया।

क्या है पूरा मामला
1983 में महिला के पति ने एक कार विदेश से मंगाई थी। चूंकि, कार महिला के नाम पंजीकृत थी, इसलिए उसे आरोपी बनाया गया है। 2019 में महिला और उसके पति ने इस्प्लेंड (किला कोर्ट) कोर्ट में पेंडिंग केस को रद्द करने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस बीच महिला के पति की मौत हो गई, इसलिए महिला ने सेहत से जुड़ी तकलीफ़ और केस में देरी के आधार पर मुकदमे को रद्द करने की मांग की। महिला ने याचिका में दावा किया कि मामले में विलंब के चलते उसका तेज़ी से सुनवाई पाने के हक़ का उल्लंघन हुआ है। हालांकि सरकारी वकील ने दावा किया था कि इस याचिका के पेंडिंग होने के चलते सुनवाई में देरी हुई है।

निचली अदालत में 22 वर्ष में पड़ीं 90 तारीखें
बॉम्बे हाई कोर्ट जस्टिस एसवी कोतवाल और जस्टिस एसएम मोडक की बेंच ने कहा, 1983 में केस की जांच शुरू हुई थी, लेकिन 1996 में कोर्ट में केस दायर हुआ, जो यह दर्शाता है कि अथॉरिटी को केस (शिकायत) दायर करने में 13 साल लग गए। 86 वर्षीय महिला के पूरे जीवन में लगभग आधे समय तक मुक़दमे की तलवार सिर पर लटकी रही। मामले के हाई कोर्ट आने से पहले यानी 1996 से 2018 के बीच निचली अदालत में 90 तारीखें पड़ी थीं। इस दौरान अभियोज पक्ष के गवाह लगातार गैरहाजि़र रहे। लंबा वक़्त बीत जाने के बावजूद 10 में से 3 गवाहों की गवाही हुई, जबकि गवाहों को हाजि़र करना अभियोजन पक्ष की जि़म्मेदारी हैं।

Latest articles

असम के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंता, 2 बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से मंत्री बने, मोदी-शाह मौजूद रहे

गुवाहाटी। हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। असम के...

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से धनंजय तिवारी को मिली 14 हजार से अधिक रुपये की राहत

रायपुर। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026...

बीएचईएल में नई भर्ती आर्टिजनों के वेतन पुनरीक्षण की मांग, ऐबू ने प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

भोपाल। बीएचईएल भोपाल में नई भर्ती कामगारों (आर्टिजनों) के हितों और वेतन विसंगतियों को...

उद्यमशीलता से प्रवासी राजस्थानियों ने देश-विदेश में बनाई अलग पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी उद्यमशीलता, मेहनत और दूरदर्शिता...

More like this

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से धनंजय तिवारी को मिली 14 हजार से अधिक रुपये की राहत

रायपुर। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026...

उद्यमशीलता से प्रवासी राजस्थानियों ने देश-विदेश में बनाई अलग पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी उद्यमशीलता, मेहनत और दूरदर्शिता...

विज्ञान, तकनीक और नवाचार ही विकास का वास्तविक माध्यम : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में भजनलाल शर्मा...