14.3 C
London
Thursday, April 23, 2026
Homeराज्यये अँधा कानून है.... 42 साल तक अदालत के काटे चक्कर, 86...

ये अँधा कानून है…. 42 साल तक अदालत के काटे चक्कर, 86 की उम्र में रद्द हुआ केस, बॉम्बे हाई कोर्ट भी हैरान

Published on

मुंबई

साल 1983 में एक महिला, जिसकी उम्र 44 साल थी, उस पर कस्टम ड्यूटी की चोरी, कार के रजिस्ट्रेशन में जाली दस्तावेज़ पेश करना और अवैध रूप से भारत में कार के इम्पोर्ट के आरोप लगते हैं। कोर्ट में मुकदमा लड़ते-लड़ते महिला की उम्र अब 86 साल की हो चुकी है और आरोपों का सामना करते हुए उसे 42 साल बीत चुके हैं। इसे देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट कोर्ट ने महिला के खि़लाफ़ किला कोर्ट में 1996 से लंबित केस को रद्द कर दिया।

क्या है पूरा मामला
1983 में महिला के पति ने एक कार विदेश से मंगाई थी। चूंकि, कार महिला के नाम पंजीकृत थी, इसलिए उसे आरोपी बनाया गया है। 2019 में महिला और उसके पति ने इस्प्लेंड (किला कोर्ट) कोर्ट में पेंडिंग केस को रद्द करने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस बीच महिला के पति की मौत हो गई, इसलिए महिला ने सेहत से जुड़ी तकलीफ़ और केस में देरी के आधार पर मुकदमे को रद्द करने की मांग की। महिला ने याचिका में दावा किया कि मामले में विलंब के चलते उसका तेज़ी से सुनवाई पाने के हक़ का उल्लंघन हुआ है। हालांकि सरकारी वकील ने दावा किया था कि इस याचिका के पेंडिंग होने के चलते सुनवाई में देरी हुई है।

निचली अदालत में 22 वर्ष में पड़ीं 90 तारीखें
बॉम्बे हाई कोर्ट जस्टिस एसवी कोतवाल और जस्टिस एसएम मोडक की बेंच ने कहा, 1983 में केस की जांच शुरू हुई थी, लेकिन 1996 में कोर्ट में केस दायर हुआ, जो यह दर्शाता है कि अथॉरिटी को केस (शिकायत) दायर करने में 13 साल लग गए। 86 वर्षीय महिला के पूरे जीवन में लगभग आधे समय तक मुक़दमे की तलवार सिर पर लटकी रही। मामले के हाई कोर्ट आने से पहले यानी 1996 से 2018 के बीच निचली अदालत में 90 तारीखें पड़ी थीं। इस दौरान अभियोज पक्ष के गवाह लगातार गैरहाजि़र रहे। लंबा वक़्त बीत जाने के बावजूद 10 में से 3 गवाहों की गवाही हुई, जबकि गवाहों को हाजि़र करना अभियोजन पक्ष की जि़म्मेदारी हैं।

Latest articles

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की तर्ज पर भारत के पहले एआई फेस्ट की मेजबानी

चंडीगढ़ l इंडिया एआई मिशन को मजबूती देने के लिए सीयू एआई मिशन लॉन्च...

अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती बरतें, कोताही बर्दाश्त नहीं: उप मुख्यमंत्री अरुण साव के कड़े निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने...

राजस्थान: पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार का ‘सुपर एक्शन’, दो दिन में ठीक हुए 1500 से ज्यादा हैंडपंप

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था...

More like this

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की तर्ज पर भारत के पहले एआई फेस्ट की मेजबानी

चंडीगढ़ l इंडिया एआई मिशन को मजबूती देने के लिए सीयू एआई मिशन लॉन्च...

अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती बरतें, कोताही बर्दाश्त नहीं: उप मुख्यमंत्री अरुण साव के कड़े निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने...

राजस्थान: पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार का ‘सुपर एक्शन’, दो दिन में ठीक हुए 1500 से ज्यादा हैंडपंप

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था...