14.7 C
London
Wednesday, April 29, 2026
Homeभोपालमध्य प्रदेश : हिस्ट्रीशीटर कासिम कसाई की फायरिंग में ASI घायल, थाना...

मध्य प्रदेश : हिस्ट्रीशीटर कासिम कसाई की फायरिंग में ASI घायल, थाना प्रभारी बाल-बाल बचे

Published on

दमोह ,

मध्य प्रदेश में पुलिस पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. मऊगंज में हुई सनसनीखेज वारदात के बाद अब दमोह जिले में भी एक हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. सर्च ऑपरेशन के दौरान हिस्ट्रीशीटर कासिम कसाई ने फायरिंग कर दी, जिसमें सहायक पुलिस निरीक्षक (ASI) आनंद अहिरवार घायल हो गए. जबकि हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर बाल बाल बच गए. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कासिम भी पैर में गोली लगने से घायल हो गया.

एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया कि यह घटना गुरुवार सुबह करीब 7 बजे मराहर गांव में हुई. कासिम कसाई के खिलाफ गोकशी, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं. आरोपी को पुलिस ने बुधवार रात नागपुर से गिरफ्तार किया था और उसे दमोह लाकर पूछताछ की जा रही थी. पुलिस टीमें उसके अलग-अलग ठिकानों पर छिपाए गए हथियार और अन्य सामान बरामद करने में जुटी थीं.

इसी सिलसिले में एक टीम कासिम को लेकर मराहर गांव पहुंची. वहां सर्च ऑपरेशन के दौरान कासिम ने मौका पाकर झाड़ियों में छिपाई गई एक रिवॉल्वर निकाली और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. एक गोली एएसआई आनंद अहिरवार (45) के बाएं हाथ में लगी, जबकि दूसरी गोली थाना प्रभारी के बाजू को छूते हुए निकल गई. हमले के बाद कासिम अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली मार दी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

एसपी ने बताया कि घायल एएसआई आनंद अहिरवार को तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. वहीं, कासिम कसाई को सागर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एसपी सोमवंशी ने बताया कि कासिम लंबे समय से फरार था और हाल ही में 7 मार्च को दमोह के सीताबाबली इलाके में गोकशी के एक मामले में उसकी संलिप्तता सामने आई थी.

कासिम कसाई का आपराधिक इतिहास
कासिम कसाई दमोह का कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ कोतवाली और देहात थाना क्षेत्र में कई मामले दर्ज हैं. गोकशी, विस्फोटक अधिनियम, लूट, डकैती और हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों में उसकी संलिप्तता रही है. एसपी ने कहा कि कासिम समाज के लिए बेहद खतरनाक है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद उस पर पुलिस पर हमले का एक और मामला दर्ज किया गया है.

मऊगंज की घटना से तुलना
यह घटना मऊगंज में हाल ही में हुई उस वारदात की याद दिलाती है, जहां एक उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था, जिसमें एक एएसआई रामचरण गौतम की मौत हो गई थी और कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे. दमोह की इस घटना ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Latest articles

छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच: सम्मान और आत्मनिर्भरता पर साय सरकार का जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र...

गाँव-ढाणी तक पहुँचेगी विकास की गूँज: 15 दिवसीय ‘ग्राम रथ अभियान’ का भव्य शुभारंभ

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने आज 'ग्राम...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से डेनमार्क के राजदूत की शिष्टाचार भेंट: राजस्थान में निवेश और तकनीकी सहयोग पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आज मुख्यमंत्री आवास पर डेनमार्क के राजदूत...

राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने पर सियासत तेज, किरणबीर कंग ने सीएम मान के बयान की निंदा की

संगरूर। पंजाब लोकराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणबीर सिंह कंग ने आम आदमी पार्टी...

More like this

भोपाल में 1 से 30 मई तक छुट्टियों पर रोक: जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारी नहीं ले सकेंगे अवकाश

भोपाल। राजधानी में जनगणना और मकानों के सूचीकरण कार्य को गति देने के लिए...

5वीं-8वीं की पुनः परीक्षा 1 जून से: भीषण गर्मी के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भोपाल। राज्य शिक्षा केन्द्र (आरएसके) ने सत्र 2025-26 की कक्षा 5वीं और 8वीं की...

एमपी के कॉलेजों में प्रवेश का शंखनाद: 1 मई से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन, छात्राओं को मिलेंगे 25 हजार रुपए

भोपाल। मप्र के सरकारी और निजी कॉलेजों में उच्च शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए...