9.4 C
London
Wednesday, April 1, 2026
Homeराज्यजुगनू की औलादों ने सूरज पर प्रश्न उठाए हैं.. महाराणा सांगा विवाद...

जुगनू की औलादों ने सूरज पर प्रश्न उठाए हैं.. महाराणा सांगा विवाद में कुमार विश्वास की एंट्री, लिख डाली कविता

Published on

लखनऊ

राणा सांगा को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के विवादित बयान ने तूल पकड़ लिया है। राणा सांगा को गद्दार और देशद्रोही बताने वाले बयान पर भारतीय जनता पार्टी और राजपूत समाज के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अब इस विवाद में कवि कुमार विश्वास की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने कहा कि जुगनू की कुछ औलादों ने सूरज पर प्रश्न उठाए हैं।

कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर शब्दों के बाण चलाते हुए कविता ही लिख डाली। सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने हाल ही में राज्यसभा में बाबर के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा था कि बाबर ने राणा सांगा के निमंत्रण पर ही आक्रमण किया था। उन्होंने कहा कि इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा ने ही बाबर को बुलावा भेजा था।

इस पूरे विवाद पर विश्वास ने लिखा-
‘महाराणा सांगा’
जुगनू की कुछ औलादों ने सूरज पर प्रश्न उठाए हैं,
शेरों की मादों के आगे कुछ ग्रामसिंह चिल्लाए हैं,
मेवाड़-वंश कुल-कीर्तिकोष जिनके होने से दीपित है,
उन राणा सांगा के घावों पर कुछ भुनगे मँडराए हैं।
उनसे कह दो अब देश शौर्य की मुठ्ठी खूब तानता है ,
उनसे कह दो यह देश महाराणा की ज्योति जानता है,
इतिहास तुम्हारी सरकारों का बंधक नहीं रहेगा अब,
उनसे कह दो यह देश लुटेरों को अब नहीं मानता है ॥
उनसे कह दो यह देश ऋणी है ऐसे पुण्य-प्रवाहों का,
यह देश ऋणी है वीर शिवा के परम प्रतापी छावों का,
उनसे कह दो वे राजनीति का गुणा भाग घर में रक्खें,
यह देश ऋणी है महाराणा सांगा के अस्सी घावों का॥

बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राणा सांगा विवाद पर कहा- ऐसा लगता है कि समाजवादी पार्टी के नेताओं के शरीर में दैत्यगुरु शुक्राचार्य की आत्मा बसी हुई है। इस बयान का क्या परिणाम होगा, इसकी चिंता सांगा के परिवार और राजपूत समाज को करने की जरूरत नहीं है। शुक्राचार्य के बताए रास्ते पर चलने से रावण का अंत हुआ था।

उन्होंने आगे कहा- इतिहास में बहुत कुछ देखने को मिलता है। लेकिन जिस बयान से किसी जाति या समाज को तकलीफ पहुंचे। ऐसे बयान कभी नहीं देने चाहिए। राणा सांगा देशभक्त थे। शिवाजी देशभक्त थे या नहीं? संभाजी महाराज देशभक्त थे या नहीं? झांसी की रानी देशभक्त थीं या नहीं? इसके लिए किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। सुमन जी को अपना बयान वापस लेना चाहिए, वरना इसका खामियाजा समाजवादी पार्टी को भुगतना पड़ेगा।

Latest articles

भेल के प्रेस शॉप में ठेका मजदूर घायल

भेल कारखाने के प्रेस शॉप में एक दुर्घटना हो गई है जिसमें एक ठेका...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका ‘आभास’ अंक-05 का विमोचन

भोपाल मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका आभास के अंक-05 का विमोचन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ठाकुर...

एक अप्रैल से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत

भोपाल मप्र में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से स्कूल चलें हम...

More like this

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

बीएचईएल हरिद्वार नाम किया रोशन,‘शौर्य’ गुणता चक्र को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम स्थान

हरिद्वारभारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) हरिद्वार की हीप इकाई के अंतर्गत न्यू ब्लेड शॉप...

हर घर जल’ की दिशा में राजस्थान का ऐतिहासिक कदम, JJM 2.0 में एमओयू करने वाला देश का पहला राज्य बना

जयपुर । प्रदेश ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को नई गति देते हुए एक...