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जुगनू की औलादों ने सूरज पर प्रश्न उठाए हैं.. महाराणा सांगा विवाद में कुमार विश्वास की एंट्री, लिख डाली कविता

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लखनऊ

राणा सांगा को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के विवादित बयान ने तूल पकड़ लिया है। राणा सांगा को गद्दार और देशद्रोही बताने वाले बयान पर भारतीय जनता पार्टी और राजपूत समाज के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अब इस विवाद में कवि कुमार विश्वास की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने कहा कि जुगनू की कुछ औलादों ने सूरज पर प्रश्न उठाए हैं।

कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर शब्दों के बाण चलाते हुए कविता ही लिख डाली। सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने हाल ही में राज्यसभा में बाबर के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा था कि बाबर ने राणा सांगा के निमंत्रण पर ही आक्रमण किया था। उन्होंने कहा कि इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा ने ही बाबर को बुलावा भेजा था।

इस पूरे विवाद पर विश्वास ने लिखा-
‘महाराणा सांगा’
जुगनू की कुछ औलादों ने सूरज पर प्रश्न उठाए हैं,
शेरों की मादों के आगे कुछ ग्रामसिंह चिल्लाए हैं,
मेवाड़-वंश कुल-कीर्तिकोष जिनके होने से दीपित है,
उन राणा सांगा के घावों पर कुछ भुनगे मँडराए हैं।
उनसे कह दो अब देश शौर्य की मुठ्ठी खूब तानता है ,
उनसे कह दो यह देश महाराणा की ज्योति जानता है,
इतिहास तुम्हारी सरकारों का बंधक नहीं रहेगा अब,
उनसे कह दो यह देश लुटेरों को अब नहीं मानता है ॥
उनसे कह दो यह देश ऋणी है ऐसे पुण्य-प्रवाहों का,
यह देश ऋणी है वीर शिवा के परम प्रतापी छावों का,
उनसे कह दो वे राजनीति का गुणा भाग घर में रक्खें,
यह देश ऋणी है महाराणा सांगा के अस्सी घावों का॥

बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राणा सांगा विवाद पर कहा- ऐसा लगता है कि समाजवादी पार्टी के नेताओं के शरीर में दैत्यगुरु शुक्राचार्य की आत्मा बसी हुई है। इस बयान का क्या परिणाम होगा, इसकी चिंता सांगा के परिवार और राजपूत समाज को करने की जरूरत नहीं है। शुक्राचार्य के बताए रास्ते पर चलने से रावण का अंत हुआ था।

उन्होंने आगे कहा- इतिहास में बहुत कुछ देखने को मिलता है। लेकिन जिस बयान से किसी जाति या समाज को तकलीफ पहुंचे। ऐसे बयान कभी नहीं देने चाहिए। राणा सांगा देशभक्त थे। शिवाजी देशभक्त थे या नहीं? संभाजी महाराज देशभक्त थे या नहीं? झांसी की रानी देशभक्त थीं या नहीं? इसके लिए किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। सुमन जी को अपना बयान वापस लेना चाहिए, वरना इसका खामियाजा समाजवादी पार्टी को भुगतना पड़ेगा।

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