4.8 C
London
Sunday, March 22, 2026
Homeराज्यलाडली बहनों के मन में एकनाथ शिंदे अब भी मुख्यमंत्री हैं, शिवसेना...

लाडली बहनों के मन में एकनाथ शिंदे अब भी मुख्यमंत्री हैं, शिवसेना नेता के बयान से मची हलचल

Published on

पुणे

विधानसभा चुनाव में महायुति की बड़ी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय मुख्यमंत्री की लाडली बहना योजना को दिया जा रहा है। जब महायुति सरकार की ओर से यह योजना शुरू की गई थी, तब राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे थे। अब जब नई सरकार सत्ता में आ गई है तो उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने स्वीकार किया है कि इसी लाडली बहना योजना के कारण सरकार पर बोझ पड़ रहा है। इसलिए लाडली बहन योजना एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। इस बीच पुणे में शिवसेना की संवाद बैठक में शिवसेना नेता नीलम गोरहे की ओर से इस योजना को लेकर दिए गए बयान से हलचल मच गई है।

नीलम गोरहे ने क्या कहा?
शिवसेना की शहर और जिला संवाद बैठक आज पुणे में संचार प्रमुख उदय सामंत के नेतृत्व में हुई। इस संवाद बैठक के दौरान शिवसेना नेता और विधायक नीलम गोरहे ने यह कहकर हलचल मचा दी कि राज्य की लाडली बहनों को अब भी लगता है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की हैं। वे समझती हैं कि आपने लाडली बहन को जीने का अधिकार दिया है। नीलम गोरहे ने बैठक में अपने भाषण में यही कहा। वहीं दूसरी ओर विधायक विजय शिवतारे ने बताया कि महिलाओं को 45 हजार करोड़ रुपए दिए। यदि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री नहीं बनते तो कोई भी अन्य मुख्यमंत्री ऐसा करने का साहस नहीं कर पाता। ऐसा कहते हुए यह सुझाव दिया गया है कि इस योजना का श्रेय एकनाथ शिंदे को जाता है।

महायुति में एक बार फिर उत्साह
जब महायुति की सरकार बन रही थी तो मुख्यमंत्री पद को लेकर काफी असमंजस की स्थिति थी। एक ओर भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री पद छोड़ने को तैयार नहीं थी, वहीं एकनाथ शिंदे की मुख्यमंत्री बनने की चाहत भी छिपी नहीं थी। इससे महायुति के भीतर काफी समय तक असमंजस का माहौल बना रहा। अब नीलम गोरहे ने यह कहकर एक बार फिर महायुति में हलचल मचा दी है कि उनकी लाडली बहनों के मन में एकनाथ शिंदे ही मुख्यमंत्री हैं।

शिवसैनिकों में भरा जोश
इस बीच इस बैठक में नीलम गोरहे ने भी पार्टी के कान खड़े कर दिए हैं। हर कोई मुझे लाड़-प्यार देता है और अगर मैं थोड़ा अनुशासन लागू करती हूं तो मुझे बुरा लगता है, इसलिए मैंने आज कुछ न कहने का फैसला किया। मुझे नहीं लगता कि आप गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले शिवसेना सदस्य हैं। हर किसी को शिवसेना का बैनर लगाना चाहिए। इसलिए, जैसे ही यह देखा जाएगा कि शिंदे साहब का अपमान किया गया है, पूरे जिले में विरोध होना चाहिए। सिर्फ इसलिए कि हम सत्ता में हैं इसका मतलब यह नहीं है कि हमें विरोध नहीं करना चाहिए। ऐसा कहकर गोरहे ने शिवसैनिकों में एक नया जोश पैदा करने की भी कोशिश की।

Latest articles

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...

भोपाल सहित प्रदेशभर में मनाई गई ईद-उल-फितर, मस्जिदों में अदा हुई नमाज

भोपाल: पवित्र महीने Ramadan के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को Eid al-Fitr...

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा का पूजन, हनुमान चालीसा एवं श्री गुरु गीता का सामूहिक पाठ आयोजित

भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम...

More like this

जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के निर्देश

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर मेट्रो के विस्तार को लेकर एक...

टीकाकरण महिलाओं और किशोरियों के सुरक्षित भविष्य और स्वास्थ्य की दिशा में बीएचईएल द्वारा क्रांतिकारी कदम — ईडी

हरिद्वार भेल  हरिद्वार के मुख्य चिकित्सालय में महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...