8.2 C
London
Wednesday, May 6, 2026
Homeराज्यहिमाचल में मंत्रियों-विधायकों संग CM की भी सैलरी बढ़ी, जानें अब किसको...

हिमाचल में मंत्रियों-विधायकों संग CM की भी सैलरी बढ़ी, जानें अब किसको मिलेगा कितना वेतन

Published on

शिमला

हिमाचल प्रदेश में विधायकों की सैलरी बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने शुक्रवार को तीन विधेयकों को पारित करने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी। इन विधेयकों में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विधायकों के वेतन में 18 से 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है। इससे सरकारी राजस्व पर सालाना करीब 24 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इस विधेयक में वेतन को पांच साल बाद संशोधन के लिए लागत मुद्रास्फीति सूचकांक से जोड़ने का भी प्रावधान किया गया है, जो 1 अप्रैल, 2030 से प्रभावी होगा।

विधायकों की कितनी बढ़ी सैलरी?
इस संशोधन के कारण विधायकों को एक लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त धनराशि मिलेगी। कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों के विधायकों ने मेजें थपथपाकर विधेयकों के पारित होने का स्वागत किया। विधायकों का मासिक वेतन 55,000 रुपये से बढ़ाकर 70,000 रुपये कर दिया गया है। निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 90,000 रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये और कार्यालय भत्ता 30,000 रुपये से बढ़ाकर 90,000 रुपये कर दिया गया है। दैनिक भत्ता 1,800 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जाएगा।

मुख्यमंत्री को अब कितना मिलेगा वेतन?
मुख्यमंत्री का मासिक वेतन 95,000 रुपये से बढ़ाकर 1.15 लाख रुपये, जबकि कैबिनेट मंत्रियों का वेतन 80,000 रुपये से बढ़ाकर 95,000 रुपये किया गया है। मंत्रियों का वेतन 78,000 रुपये से बढ़ाकर 92,000 रुपये किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का वेतन क्रमशः 80,000 रुपये और 75,000 रुपये से बढ़ाकर क्रमश: 95,000 रुपये और 92,000 रुपये प्रति माह किया गया है।

विधायकों की मूल पेंशन 50 हजार
पहली बार विधायकों की मूल पेंशन 36,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और विधायकों के वेतन और पेंशन को नौ साल बाद संशोधित किया गया है।

सब्सिडी भी वापस
इससे पहले संशोधन 2016 में किया गया था। लगभग 20,000 रुपये के टेलीफोन बिलों की प्रतिपूर्ति समाप्त कर दी गई है और विधायकों को पानी और बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी भी वापस ले ली गई है। विधेयक में जिक्र किया गया है कि मंत्रियों को दिए जाने वाले व्यय संबंधी अन्य भत्ते में एक साल के लिए 30 प्रतिशत की कटौती की गई है।

Latest articles

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में सुरक्षा बलों पर फायरिंग; 5 घायल, कोलकाता में TMC ऑफिस पर चला बुलडोजर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं शुरू हो गई हैं।...

संजू सैमसन ने डेविड वॉर्नर को पीछे छोड़ा, अब AB de Villiers की बारी, जड़े इस साल 21 छक्के

नई दिल्ली। संजू सैमसन इस समय ज़बरदस्त फॉर्म में हैं। मंगलवार को उन्होंने दिल्ली...

भोपाल-इंदौर मेट्रो में अब ₹7000 में कर सकेंगे प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और बर्थ-डे सेलिब्रेशन

भोपाल। भोपाल और इंदौर मेट्रो में अब प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और बर्थडे...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...

More like this

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...