शोएब मलिक का टेलीफोन पर निकाह, फिर सानिया मिर्जा से प्यार, क्या वाकई पहली पत्नी को दी 15 करोड़ की एलीमनी?

नई दिल्ली:

पाकिस्तान धाकड़ क्रिकटर शोएब मलिक अक्सर अपने खेल से अधिक निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा से शादी, उससे पहले उनकी एक और शादी, जबकि अब तीसरी शादी। उनकी पहली पत्नी आयशा सिद्दीकी बताई जाती हैं। खबरों के अनुसार, 2001 में आयशा नाम की एक फैन ने शोएब को फोन किया था। हैरत की बात यह है कि इन दोनों ने टेलीफोन पर निकाह कर लिया। जब सानिया से शादी करनी थी तो उन्होंने टेलीफोन पर हुए निकाह से तलाक लिया। साथ ही एलीमनी में 15 करोड़ रुपये देने का दावा किया गया, लेकिन सच पूरी तरह से हैरान करने वाला है।

शोएब ने टेलीफोन पर शादी करने की बात खुद भी एक बार यह बात बताई थी। यह भी खबरें थीं कि तलाक के बाद उन्हें आयशा को मोटी रकम एलीमनी के तौर पर देनी पड़ी थी। बाद में शोएब ने आयशा के परिवार पर मानहानि का केस करने की भी सोची थी। हालांकि, मामला बाद में तलाक के समझौते से सुलझ गया। असली बात यह है कि आयशा को तलाक के बाद सिर्फ 5,000 रुपये प्रति माह तीन महीने तक मेहर के तौर पर मिले थे, जबकि दावा 15 करोड़ का किया गया था।

कहा जाता है कि 2001 में आयशा नाम की एक फैन ने शोएब मलिक को फोन किया था। फिर दोनों में बातें होने लगीं और वे करीब आ गए। शोएब ने अपने माता-पिता को भी आयशा के बारे में बताया। आयशा ने कहा कि वह सऊदी अरब में रहती है और शोएब को कुछ तस्वीरें भेजीं, लेकिन जब भी शोएब उससे मिलना चाहते थे, तो वह टाल जाती थी। बाद में उसने शोएब पर फोन पर निकाह करने का दबाव डाला।

शोएब ने बताया कि 2005 में उन्हें पता चला कि जो तस्वीरें उन्हें मिली थीं और जिससे वह बात कर रहे थे, वह अलग-अलग लोग हैं। आयशा ने यह बात मान ली, लेकिन शोएब से असली महिला की पहचान न बताने की गुहार लगाई। आखिरकार, उनका तलाक हो गया। आयशा ने दावा किया था कि वह सऊदी अरब में रहती हैं। 2010 में, शोएब मलिक ने आयशा सिद्दीकी के परिवार के खिलाफ मानहानि का केस करने की सोची। उनके वकील ने कहा कि झूठे आरोपों से शोएब की इज्जत को नुकसान पहुंचा है। यह विवाद आयशा के शोएब की पहली पत्नी होने के दावे पर हुआ था, जिसे शोएब ने पहले नकार दिया था। बाद में यह मामला तलाक के समझौते से सुलझा लिया गया।

खबरें थीं कि शोएब मलिक ने आयशा सिद्दीकी को एलीमनी के तौर पर 15 करोड़ रुपये दिए थे। कुछ लोगों ने कहा कि आयशा के परिवार को 12 करोड़ रुपये मिले, जबकि 3 करोड़ रुपये दूसरे खर्चों में गए। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। आयशा की वकील शिराज सरीन खान ने कहा था कि अगर यह सच है तो उन्हें इस रकम का 10 प्रतिशत चाहिए। इससे समझौते को लेकर शक पैदा होता है। असल में आयशा को सिर्फ 5,000 रुपये प्रति माह तीन महीने तक मेहर के तौर पर मिले थे। यह रकम उन्हें इद्दत की अवधि के दौरान शरीयत कानून के अनुसार मिली थी।

आबिद रसूल खान ने बताया कि आयशा को सिर्फ 15,000 रुपये दिए गए थे, जिसे उन्होंने बाद में दान कर दिया था। आबिद रसूल खान ने तलाक के समझौते में मध्यस्थता की थी। उन्होंने 15 करोड़ रुपये की एलीमनी की खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें बेबुनियाद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के बाद मध्यस्थों को किनारे कर दिया गया था। उन्होंने झूठी अफवाहों से पैसे ऐंठने की कोशिशों की भी आलोचना की।

मुंबई मिरर में छपी एक खबर के अनुसार, शोएब मलिक तलाक के कागजात पर साइन करने में हिचकिचा रहे थे। लेकिन बाद में उन्हें समझाया गया कि चूंकि उन्होंने आयशा से निकाहनामा के अनुसार शादी की थी, इसलिए उसी शर्तों के अनुसार तलाक लेना भी जरूरी है। आबिद रसूल खान ने एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि आयशा को सिर्फ 15,000 रुपये दिए गए थे। बता दें कि शोएब ने सानिया से अलगाव के बाद पाकिस्तानी एक्ट्रेस सना जावेद से तीसरी शादी की।

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