13.8 C
London
Sunday, June 7, 2026
Homeराज्यपति गिन रहा था अपने आखिरी पल, पत्नी ने मोबाइल पर स्टेटस...

पति गिन रहा था अपने आखिरी पल, पत्नी ने मोबाइल पर स्टेटस लगाकर दे दी जान, पुणे में एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार

Published on

पुणे:

पुणे के आळंदी में एक दुखद घटना घटी। कैंसर से जूझ रहे पति की मौत के बाद पत्नी ने भी इंद्रायणी नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं होना चाहते थे। यह घटना पुणे जिले के आळंदी में हुई। मृतक दंपती मूल रूप से नांदेड के रहने वाले थे। लेकिन वे पुणे में रहते थे। रविवार को पति-पत्नी की मौत के बाद आळंदी में दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। गंगाधर चक्रावार (65 वर्ष) और गंगाणी उर्फ मंगल चक्रावार (55 वर्ष) मरने वालों के नाम हैं। इस घटना से पूरे इलाके में शोक व्याप्त है।

क्या है मामला?
चक्रावार दंपती नांदेड शहर के चौफाला के रहने वाले थे। पांच साल पहले पूरा परिवार पुणे के आळंदी में रहने आ गया था। पति-पत्नी दोनों आळंदी के गुरु महाराज और ज्ञानेश्वर माऊली के दरबार में सेवा करते थे। उनके तीन बेटे और एक बेटी हैं। इसी दौरान गंगाधर चक्रावार को कैंसर का पता चला। उनका पुणे के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। लेकिन, उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था, इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें घर ले जाने को कहा।

इंद्रायणी नदी में कूदकर की आत्महत्या
गंगाधर चक्रवार घर पर अपनी अंतिम सांसें गिन रहे थे। उनकी पत्नी गंगाणी को यह अहसास हो गया कि उनके पति का अंतिम समय करीब है। रविवार को उन्होंने कहा कि वह ज्ञानेश्वर महाराज के दर्शन के लिए जा रही हैं और घर से निकल गईं। उन्होंने माऊली के दर्शन किए। बाद में उन्होंने इंद्रायणी नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उन्होंने अपने मोबाइल में स्टेटस भी डाला कि मैं देव दर्शन के लिए जा रही हूं।

एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार
पत्नी के घर से निकलने के बाद घर में पति ने भी अंतिम सांस ली। उधर, मां के घर नहीं लौटने पर बच्चों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच देर रात बच्चों को सूचना मिली कि उनकी मां का शव आळंदी की इंद्रायणी नदी में मिला है। इस घटना से चक्रावार परिवार को गहरा सदमा लगा है। रविवार दोपहर को आळंदी में नदी के किनारे एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना से इलाके में शोक की लहर है। लोगों का कहना है कि गंगाधर और गंगाणी एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। वे हमेशा साथ रहते थे और साथ ही मरना चाहते थे।

Latest articles

बीएचईएल झांसी में ‘पर्यावरण जागरूकता माह-2026’ का शुभारंभ, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

झांसी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) झांसी इकाई...

भेल में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण,कर्मचारियों और छात्रों ने ली पर्यावरण संरक्षण की शपथ

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), भोपाल के...

सुशासन तिहार के दौरान ठठारी पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तहत शनिवार को सक्ती जिले के...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एसएमएस अस्पताल में औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल...

More like this

सुशासन तिहार के दौरान ठठारी पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तहत शनिवार को सक्ती जिले के...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एसएमएस अस्पताल में औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल...

पंजाब में ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर, तीन विधानसभा क्षेत्रों में हुई समीक्षा बैठकें

पंजाब। पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध...