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पति गिन रहा था अपने आखिरी पल, पत्नी ने मोबाइल पर स्टेटस लगाकर दे दी जान, पुणे में एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार

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पुणे:

पुणे के आळंदी में एक दुखद घटना घटी। कैंसर से जूझ रहे पति की मौत के बाद पत्नी ने भी इंद्रायणी नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं होना चाहते थे। यह घटना पुणे जिले के आळंदी में हुई। मृतक दंपती मूल रूप से नांदेड के रहने वाले थे। लेकिन वे पुणे में रहते थे। रविवार को पति-पत्नी की मौत के बाद आळंदी में दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। गंगाधर चक्रावार (65 वर्ष) और गंगाणी उर्फ मंगल चक्रावार (55 वर्ष) मरने वालों के नाम हैं। इस घटना से पूरे इलाके में शोक व्याप्त है।

क्या है मामला?
चक्रावार दंपती नांदेड शहर के चौफाला के रहने वाले थे। पांच साल पहले पूरा परिवार पुणे के आळंदी में रहने आ गया था। पति-पत्नी दोनों आळंदी के गुरु महाराज और ज्ञानेश्वर माऊली के दरबार में सेवा करते थे। उनके तीन बेटे और एक बेटी हैं। इसी दौरान गंगाधर चक्रावार को कैंसर का पता चला। उनका पुणे के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। लेकिन, उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था, इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें घर ले जाने को कहा।

इंद्रायणी नदी में कूदकर की आत्महत्या
गंगाधर चक्रवार घर पर अपनी अंतिम सांसें गिन रहे थे। उनकी पत्नी गंगाणी को यह अहसास हो गया कि उनके पति का अंतिम समय करीब है। रविवार को उन्होंने कहा कि वह ज्ञानेश्वर महाराज के दर्शन के लिए जा रही हैं और घर से निकल गईं। उन्होंने माऊली के दर्शन किए। बाद में उन्होंने इंद्रायणी नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उन्होंने अपने मोबाइल में स्टेटस भी डाला कि मैं देव दर्शन के लिए जा रही हूं।

एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार
पत्नी के घर से निकलने के बाद घर में पति ने भी अंतिम सांस ली। उधर, मां के घर नहीं लौटने पर बच्चों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच देर रात बच्चों को सूचना मिली कि उनकी मां का शव आळंदी की इंद्रायणी नदी में मिला है। इस घटना से चक्रावार परिवार को गहरा सदमा लगा है। रविवार दोपहर को आळंदी में नदी के किनारे एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना से इलाके में शोक की लहर है। लोगों का कहना है कि गंगाधर और गंगाणी एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। वे हमेशा साथ रहते थे और साथ ही मरना चाहते थे।

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