6.9 C
London
Monday, March 30, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयसांता क्‍लाज की मौत के 1600 साल बाद तुर्की में मिला उनका...

सांता क्‍लाज की मौत के 1600 साल बाद तुर्की में मिला उनका मकबरा, जानिए इसके बारे में सबकुछ

Published on

अंकारा:

तुर्की के अंतालिया जिले से दक्षिण में एक छोटा सा कस्‍बा है डेमरे जहां पर एक बहुत ही पुराना चर्च है। यह चर्च सदियों पहले भूमध्यसागर के बढ़ते जलस्‍तर की वजह से पूरी तरह से ढंक गया था। अब इसी चर्च में सांता क्‍लॉज का मकबरा मिलने की खबरें हैं। कहा जा रहा है कि वास्तविक इमारत के ऊपर एक और चर्च बनाया गया था जिसे संत निकोलस के मकबरे की रक्षा करने के मकसद से बनाया गया था। संत निकोलस या सांता क्‍लॉज। जी हां,तुर्की से खबरें आ रही हैं कि यहां पर संत निकोलस की मृत्‍यु के 1600 साल बाद उनका मकबरा प्राचीन चर्च में मिला है।

यहीं पर रखे थे कदम
पुरातत्‍वविदों ने हाल ही में कुछ मोजै‍क स्‍टोन और दूसरे पत्‍थरों का परीक्षण किया है। इसकी मदद से ही उन्‍हें असली चर्च और संत निकोलस की कब्र का पता लगा। अंतालिया में प्रांतीय सांस्कृतिक विरासत संरक्षण बोर्ड के मुखिया उस्मान इरावसर ने न्‍यूज एजेंसी डेमिरोरेन को बताया, ‘पहला चर्च भूमध्य सागर के बढ़ने से डूब गया था। कुछ सदियों बाद उसके ऊपर एक नया चर्च बनाया गया था। अब हम पहले चर्च के अवशेष और उस मंजिल पर पहुंच गए हैं जहां संत निकोलस ने कदम रखा था।

चमत्‍कारों के लिए मशहूर
उन्‍होंने आगे कहा कि पहले चर्च के फर्श की टाइलिंग, जिस पर संत निकोलस चले थे, का पता लगाया गया है। कहा जाता है कि संत निकोलस 270 और 343 ईसा पूर्व के तुर्की में रहते थे। वह ग्रीक के रहने वाले थे और बिशप थे। उनके जीवन के बारे में बहुत कम जानकारी है। सांता क्‍लॉज को उनके जीवन में हुए चमत्‍कारों के लिए जाना जाता है। उनके समर्थकों का दावा था कि ये चमत्‍कार बताते हैं कि वह कितने महान थे। संत निकोलस को ही सांता क्‍लॉज माना जाता है।

सांता क्‍लॉज की कहानी
उनके बारे में एक कहानी काफी मशहूर है। कहते हैं कि उन्‍होंने तीन गरीब युवा बहनों को सोने के सिक्कों से भरा एक बैग दिया था ताकि वे शादी के लिए दहेज दे सकें। सबके सामने बहनों को शर्मिंदगी से बचाने के लिए उन्‍होंने बैग आधी रात को उनके कमरे की खिड़कियों से सोने को कमरे में बिखरा दिया था। कहते हैं कि जब संत निकोलस सोने के सिक्‍कों से भरा दूसरा बैग कमरे में फेंक रहे थे लड़कियों के पिता ने उन्‍हें देख लिया। उन्‍होंने कहा कि वह हमेशा संत निकोलस के अहसानमंद रहेंगे। लेकिन संत ने उनसे यह वादा करने को कहा कि वह इसके बारे में किसी को नहीं बताएंगे। सांता क्‍लॉज यह नाम डच शब्‍द सिंटर क्‍लास से आया है जो कि संत निकोलस की शॉर्ट फॉर्म है।

Latest articles

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

भंडारा खाकर लौट रहे युवक को बस ने कुचला, मौके पर मौत

भोपाल राजधानी के एमपी नगर इलाके में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। गायत्री...

एम्स भोपाल में जल्द शुरू होगी लंग ट्रांसप्लांट सुविधा, मरीजों को दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा

भोपाल एम्स भोपाल में जल्द ही फेफड़ा प्रत्यारोपण (लंग ट्रांसप्लांट) की सुविधा शुरू होने जा...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...