19.4 C
London
Wednesday, May 27, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयश्रीलंका और पाकिस्‍तान के बाद अब बांग्‍लादेश को चाहिए IMF से कर्ज,...

श्रीलंका और पाकिस्‍तान के बाद अब बांग्‍लादेश को चाहिए IMF से कर्ज, आर्थिक संकट में भारत का एक और पड़ोसी

Published on

ढाका

पिछले कुछ दिनों से बांग्‍लादेश की आर्थिक स्थिति को लेकर कई तरह की बातें हो रही थीं। इस बीच ही बांग्‍लादेश ने अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष से कर्ज की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि देश वाकई संकट में है। दूसरी तरफ, देश के वित्‍त मंत्री मुस्‍तफा कमाल के बयान के बाद इशारा मिलता है कि दुनिया में एक और देश की मुसीबत बढ़ रहा है। मुस्‍तफा ने कहा है कि देश ने आईएमएफ से कर्ज जरूर मांगा है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि बांग्लादेश पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। उन्‍होंने इस बात को मानने से साफ इनकार कर दिया है कि देश की अर्थव्‍यवस्‍था खतरे में है। उन्‍होंने ये भी कहा कि मैक्रोनॉमिक्‍स की स्थितियां हमेशा से ठीक हैं।

क्‍या बोले देश के वित्‍त मंत्री
बांग्‍लादेश की अर्थव्‍यवस्‍था 416 बिलियन डॉलर की है और इसे पिछले कुछ वर्षो में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली इकॉनमी करार दिया गया था। लेकिन रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का असर अब इस देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर नजर आने लगा है। इस युद्ध की वजह से ऊर्जा और खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि बांग्‍लादेश का आयात बिल बढ़ता जा रहा है और चालू खाता भी घाटा में है।

वित्‍त मंत्री के शब्‍दों में, ‘आईएमएफ को एक चिट्ठी लिखी गई है और उनसे मदद मांगी गई है। ले‍किन हमने कहीं ये जिक्र नहीं किया है कि हमें कितनी मदद चाहिए।’ उन्‍होंने आगे कहा, ‘हम उनकी शर्तों का इंतजार कर रहे हैं। अगर आईएमएफ की शर्तें देश के पक्ष में हुईं और हमारी विकास नीति के अनुरूप हुईं तो हम इस कर्ज को हासिल करेंगे। अगर शर्तें हमारे मनमाफिक नहीं हुई तो फिर हमें ये कर्ज मंजूर नहीं होगा।’

देश पर बढ़ा विदेशी कर्ज
एक सीनियर आईएमएफ अधिकारी की तरफ से मंगलवार को इस बात की जानकारी दी गई थी कि बांग्‍लादेश ने कर्ज के लिए अनुरोध किया है। ये कर्ज उसने ग्‍लोबल रिज‍ीलियंस और सस्‍टेनबेलिटी ट्रस्‍ट के आधार पर मांगा है। इस तरह के फंड्स में देश के लिए 150 फीसदी कोटा तय होता है। वहीं देश के लीडिंग न्‍यूजपेपर डेली स्‍टार की मानें तो उसे इस समय 4.5 बिलियन डॉलर की मदद आईएमएफ से चाहिए। प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में देश ने खूब आर्थिक तरक्‍की की है लेकिन ये काफी नहीं है।

बांग्‍लादेश का विदेशी कर्ज जीडीपी पर 21.8 फीसदी तक बढ़ गया है। वहीं आयात पर 44 फीसदी तक खर्च बढ़ा है, फॉरेक्‍स रिजर्व 42 बिलियन डॉलर से नीचे आ गया है और बस 5 माह तक के लिए ही काफी है। जुलाई से मई माह तक देश का घाटा 17.2 बिलियन डॉलर पर था जबकि एक साल पहले यही आंकड़ा 2.7 बिलियन डॉलर पर था। बांग्‍लादेश के अलावा श्रीलंका और पाकिस्‍तान ने भी इस साल आईएमएफ से कर्ज मांगा था।

Latest articles

बीएचईएल के कुछ एजीएम 12 साल से नहीं बन पाये जीएम, अब फिर प्रमोशन की कतार में

केसी दुबे भोपाल यूनिट से कौन बनेंगा जीएम,कॉरपोरेट खंगाल रहा है कुंडली अगले साल कई...

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक, कई अहम फैसलों को मंजूरी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन स्थित मंत्रालय में आयोजित...

धंबोला रात्रि चौपाल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं और किसानों से किया संवाद

राजस्थान। राजस्थान के डूंगरपुर जिला की चौरासी विधानसभा क्षेत्र स्थित धंबोला ग्राम पंचायत में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बीसलपुर बांध का करेंगे दौरा; ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ के तहत करेंगे पूजा-अर्चना

देवली (टोंक)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को देवली उपखंड क्षेत्र स्थित प्रदेश...

More like this

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...