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भारतीय संस्कृति का किया सम्मान तो विवेक रामास्वामी पर भड़के अमेरिकी, बताया एंटी अमेरिकन, कहा- कभी गवर्नर नहीं बन सकते

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वॉशिंगटन

हाल ही में वॉइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई चर्चित मुलाकात में यूक्रेन के राष्ट्रपति को इसलिए भी आलोचना सुननी पड़ी थी क्योंकि वह सूट पहनकर ट्रंप से नहीं मिले थे। ओवल ऑफिस में ट्रंप के साथ प्रेस से सामना करते समय तो एक अमेरिकी पत्रकार ने जेलेंस्की से सूट न पहनने को लेकर सवाल ही पूछ लिया था। अब ट्रंप के सहयोगी और अमेरिकी राष्ट्रपति पद की रेस में शामिल रहे भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी को लेकर विवाद शुरू किया गया है। रामास्वामी पर एंटी अमेरिकन कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगा है।

विवेक रामास्वामी का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें अपने घर पर नंगे पैर इंटरव्यू देते दिखाया गया है। इसके लिए भारतीय अमेरिकी उद्यमी रामास्वामी को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। विवेक रामास्वामी के अपने घर में नंगे पैर बैठने को ‘असभ्य और ‘एंटी अमेरिकन’ कहा जा रहा है।

विवेक रामास्वामी को बताया अमेरिका के लिए अस्वीकार्य
हालांकि, जिस इंटरव्यू के लिए उन्हें निशाने पर लिया गया है, वह पिछले साल का है। सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही फोटो के साथ एक यूजर ने लिखा, ‘विवेक कभी भी ओहायो के गवर्नर नहीं बनेंगे। यह अमेरिका के लिए अस्वीकार्य है।’ एक अन्य यूजर ने कहा कि विवेक को कम से कम मोजे तो पहनने की चाहिए थे। उसने लिखा, शायद जब आप दुनिया के सबसे शक्तिशाली साम्राज्य में किसी पद के लिए इंटरव्यू दे रहे हों, तो कम सेकम मोजे तो पहने ही होंगे। है ना?

विवेक के समर्थन में भी आए यूजर्स
एक अन्य यूजर लिखा कि नंगे पांव रहकर हमें शिक्षा पर व्याख्यान देना कितना ‘असभ्य’ था। हालांकि, हर कोई उनकी आलोचना ही नहीं कर रहा है। कुछ यूजर्स विवेक के बचाव में भी आए। इयान माइल्स चियोंग ने विवेक की नंगे पैर होने पर आलोचना को ‘सबसे मूर्खतापूर्ण तर्क’ करार दिया। उन्होंने ये भी कहा कि नंगे पैर अपने घर में जाना एंटी-अमेरिकन नहीं है। ‘मुझे लगता है कि बहुत से लोग सिटकॉम देखते हुए बड़े हुए हैं, जहां वे बिस्तर पर अपने जूते पहनते हैं।

कुछ दूसरे यूजर्स ने बताया कि घरों के अंदर जूते उतारना एक सांस्कृतिक बात है, जिसमें दक्षिण और पूर्वी एशिया भी शामिल है। एक यूजर ने लिखा, लगभग सभी भारतीय अपने घरों में नंगे पैर चलते हैं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। यर सिर्फ एक सांस्कृतिक बात है। एक दूसरे यूजर्स ने कहा, ‘भारतीय परंपरा में किसी के घर में प्रवेश करने से पहले जूते उतारने की प्रथा है। इसे सम्मान और स्वच्छता का प्रतीक माना जाता है, क्योंकि यह बाहर से गंदगी और कीटाणुओं को घर में आने से रोकता है। इस प्रथा का व्यापक रूप से पालन किया जाता है।’

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