11.3 C
London
Sunday, May 17, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयचीन के खिलाफ अमेरिका का बड़ा ऐक्‍शन, तेल रिफाइनरी पर लगाया प्रतिबंध,...

चीन के खिलाफ अमेरिका का बड़ा ऐक्‍शन, तेल रिफाइनरी पर लगाया प्रतिबंध, भारत को क्‍यों रहना होगा सतर्क?

Published on

नई दिल्‍ली:

अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए चीन की एक तेल रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगाया है। यह रिफाइनरी हूत‍ियों से जुड़े जहाजों से लगभग 50 करोड़ डॉलर का ईरानी तेल खरीदती थी। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को यह ऐलान किया। चीन ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उसने कहा है कि अमेरिका चीन और ईरान के बीच सामान्य व्यापार में बाधा डाल रहा है। अमेरिका की यह कार्रवाई दिखाती है कि ग्‍लोबल एनर्जी मार्केट कितने जटिल रूप से भू-राजनीतिक संघर्षों से जुड़े हुए हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। उसे इन जटिलताओं को सावधानी से देखना होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर ‘अधिकतम दबाव’ बनाने की नीति फिर से शुरू की है। इसके तहत कई लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें ईरान के पेट्रोलियम मंत्री भी शामिल हैं। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह तेल ईरान के ‘शैडो फ्लीट’ टैंकरों से ले जाया गया था। इनमें हूती और ईरानी रक्षा मंत्रालय से जुड़े जहाज भी शामिल थे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी एक चीनी तेल टर्मिनल पर प्रतिबंध लगाए हैं।

ईरान को आर्थिक रूप से तोड़ने का प्‍लान
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरानी तेल की रिफाइनरी की खरीद ईरानी शासन के लिए आर्थिक जीवन रेखा है। यह शासन दुनिया में आतंकवाद का सबसे बड़ा समर्थक है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि ये प्रतिबंध राष्ट्रपति ट्रंप के ‘अधिकतम दबाव’ अभियान के तहत लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात को शून्य करना है। चीन ईरान के तेल का सबसे बड़ा आयातक है। ईरान इस तेल राजस्व का इस्‍तेमाल अमेरिकी सहयोगियों पर हमले और दुनिया भर में आतंकवाद का समर्थन करने के लिए करता है।

भारत को अब ज्‍यादा सतर्क रहने की जरूरत
अमेरिका के ऐक्‍शन का चीन ने कड़ा विरोध किया है। यह दोनों देशों के तल्‍ख रिश्‍तों में और गिरावट ला सकता है। भारत को भी इस पूरे घटनाक्रम से सतर्क हो जाने की जरूरत है। यह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को भी उजागर करता है। साथ ही संकेत देता है कि भारत को इस क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति को संतुलित करने की कितनी ज्‍यादा जरूरत है। यह ऐक्‍शन दर्शाता है कि अमेरिका अपने प्रतिबंधों को लागू करने के लिए कितना तैयार है। यहां तक कि चीन जैसी प्रमुख आर्थिक शक्ति के खिलाफ भी वह कतई संकोच नहीं करने वाला है। ऐसे में भारत को उन संस्थाओं के साथ व्यापार करते समय सतर्क रहने की जरूरत है जो अमेरिकी प्रतिबंधों के अधीन हो सकते हैं। भारत को अपने तेल स्रोतों में विविधता लाने और र‍िन्‍यूएबल एनर्जी में निवेश करने की जरूरत है ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके।

Latest articles

लखपति दीदी मंजू की संघर्षगाथा बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, सीएम साय ने लेमरू में चखा गुपचुप

रायपुर। राज्य सरकार के 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा...

सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज उन्नति’ की 5वीं उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अभिनव पहल ‘राजस्थान यूनिफाइड नेटवर्क फॉर न्यू एक्शन’ (राज...

पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह शेखावत को मुख्यमंत्री भजनलाल ने अर्पित की श्रद्धांजलि

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देश के पूर्व उपराष्ट्रपति और प्रदेश के...

सीएम भगवंत मान ने दिखाई हरी झंडी; कहा- ट्रेनिंग लेकर लौटेंगे तो ‘नेशन बिल्डर’ बनकर लाएंगे बदलाव

चंडीगढ़। पंजाब सरकार के महत्वाकांक्षी शिक्षा मॉडल को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत...

More like this

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...

चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 लोग घायल

बीजिंग। मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक खबर सामने...