11.6 C
London
Friday, March 27, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयबांग्लादेश बॉर्डर पर अराकान आर्मी की हलचल, मोहम्मद यूनुस की बढ़ी टेंशन,...

बांग्लादेश बॉर्डर पर अराकान आर्मी की हलचल, मोहम्मद यूनुस की बढ़ी टेंशन, अमेरिकी जनरल पहुंच रहे ढाका

Published on

ढाका:

अमेरिकी सेना के बड़े अफसर लेफ्टिनेंट जनरल जोएल जेबी वोवेल सोमवार, 24 मार्च को बांग्लादेश पहुंच रहे हैं। ढाका में उनकी बांग्लादेशी सेना के बड़े अफसरों के साथ मीटिंग होनी है। इस मीटिंग का मकसद बांग्लादेश और म्यांमार के बॉर्डर पर सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करना है। बांग्लादेश की सीमा से लगते म्यांमार के रखाइन राज्य पर अराकान आर्मी का नियंत्रण है। माना जा रहा है कि अराकान आर्मी और म्यांमार की जुंटा सेना के बीच रखाइन में संघर्ष तेज हो सकता है। इसका असर बांग्लादेश की सीमा पर भी होगा। ऐसे में इससे संबंधित मुद्दे पर चर्चा के लिए अमेरिकी सैन्य अफसर ढाका पहुंच रहे हैं।

अमेरिका ने लेफ्टिनेंट जनरल जोएल ‘जेबी’ वोवेल को ढाका भेजने का फैसला लिया है। जेबी अमेरिकी आर्मी पेसिफिक (USARPAC) के डिप्टी कमांडिंग जनरल हैं। वोवेल अफगानिस्तान में तीन और इराक में दो बार युद्ध में शामिल रहे हैं। उनके साथ USARPAC के चार और अफसर भी ढाका जा रहे हैं। ढाका में अमेरिकी दूतावास के मिलिट्री अटैच लेफ्टिनेंट कर्नल माइकल ईडे मिची, ऑफिस ऑफ डिफेन्स कोऑपरेशन के लेफ्टिनेंट कर्नल हंटर गैलाघर और मेजर इयान लियोनार्ड की टीम बांग्लादेश सेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ ऑपरेशंस ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अलीमुल अमीन से मुलाकात करेगी।

क्यों खास है ये दौरा
नॉर्थईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के रणनीतिक मामलों के जानकारों का कहना है कि लेफ्टिनेंट जनरल वोवेल का दौरा बहुत खास है। ऐसा इसलिए क्योंकि अराकान आर्मी रखाइन राज्य के तीन बचे हुए शहरों- सितवे, क्यौकफ्यु और मानांग पर कब्जा करने के लिए बड़ी सैन्य कार्रवाई की योजना बना रही है।

ढाका के भूराजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, रखाइन राज्य में किसी भी तरह की लड़ाई का बांग्लादेश पर असर पड़ेगा। ऐसे में अराकान आर्मी को सप्लाई लाइन खुली रखने की जरूरत होगी। इसके लिए बांग्लादेश सेना की उन यूनिट तक पहुंच सुनिश्चित करना होगा, जो म्यांमार-बांग्लादेश सीमा के करीब तैनात हैं। ऐसे में हो सकता है कि अमेरिकी सैन्य अधिकारी यह देखने के लिए आएं हों कि बांग्लादेश सेना की यूनिट किस तरह मदद देती है।

भारत की क्यों रहेगी नजर
रखाइन का सितवे अराकान आर्मी के लिए महत्वपूर्ण सैन्य लक्ष्य है। यह भारत के नजरिए से खास है। सितवे बंदरगाह का विकास कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KMTTP) का हिस्सा है। इसे भारत और म्यांमार के बीच कलादान नदी पर मल्टीमॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट फैसिलिटी के लिए बनाया जा रहा है। सितवे बंदरगाह को भारत में मिजोरम से जोड़ता है। ऐसे में भारत की भी घटनाक्रम पर नजर है।

Latest articles

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 घटी, कीमतों को स्थिर रखने का फैसला

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10-₹10 प्रति लीटर की...

भोपाल में खौफनाक वारदात: 80 उपद्रवियों के बीच फंसा परिवार, 6 साल की मासूम के सिर पर तलवार से हमला

भोपाल राजधानी के शाहजहानाबाद इलाके में बुधवार देर रात मानवता को शर्मसार करने वाली घटना...

पटरी पार करते समय बड़ा हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से बुजुर्ग पूर्व टेलर की मौत

भोपाल राजधानी के ऐशबाग थाना इलाके में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया।...

भोपाल: ऐतिहासिक ईदगाह मस्जिद में मोबाइल टावर निर्माण पर बवाल, AIMIM कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी झड़प

भोपाल राजधानी की ऐतिहासिक ईदगाह मस्जिद की पार्किंग में मोबाइल टावर लगाए जाने को लेकर...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...