9.1 C
London
Tuesday, March 31, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयचीन को दोस्‍त पाकिस्‍तान की जांच पर नहीं रहा भरोसा, अब खुद...

चीन को दोस्‍त पाकिस्‍तान की जांच पर नहीं रहा भरोसा, अब खुद करेगा बलूचों के हमलों की जांच

Published on

कराची

इस साल अप्रैल में कराची यूनिवर्सिटी में हुए ब्‍लास्‍ट ने पाकिस्‍तान और चीन, दोनों ही देशों की अथॉरिटीज की नींद उड़ा दी थी। इस हमले की जांच पाकिस्‍तान अपनी तरफ से कर रहा है। लेकिन लगता है उसके बेस्‍ट फ्रेंड चीन को उसकी जांच पर भरोसा नहीं है। शायद इसलिए ही उसने अब इन हमलों की जांच पाकिस्‍तान के साथ मिलकर करने का फैसला किया है। पाकिस्‍तान में होने वाले हमलों में चीन के नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। अप्रैल में जो हमला हुआ उससे साफ हो गया था कि आतंकी पाकिस्‍तान के सबसे करीबी और सबसे महत्‍वपूर्ण साझीदार को निशाना बनाने में लगे हुए हैं। इन हमलों का मकसद चीन के साथ पाकिस्‍तान के रिश्‍तों को खराब करना है ताकि देश के लिए आर्थिक मुश्किलें पैदा हो जाएं। अब इन दोनों देशों ने तय किया है कि इस मसले से मिलकर निबटा जायेगा।

बलूचिस्‍तान में साजिश
इस हमले को एक महिला आत्‍मघाती हमलावर ने अंजाम दिया था। यह हमलावर बहुत ही पढ़ी-लिखी थी और पाकिस्‍तान की ही नागरिक थी। इस हमले में चीनी मूल के टीचरों के अलावा उनके स्‍थानीय ड्राइवर की भी मौत हो गई थी। हमले के बाद यह तो अप्रैल के बाद कुछ और आतंकी हमले हुए जिसमें से एक सितंबर में ही हुआ था। इस हमले में भी चीनी नागरिकों को निशान बनाया गया था। नवंबर 2018 में भी कराची में चीनी कांसुलेट पर हमला हुआ था। इसके बाद जून 2020 में भी कराची स्‍टॉक एक्‍सचेंज पर हमला हुआ।

इन सभी हमलों के पीछे बलूचिस्‍तान लिब्रेशन आर्मी (BLA) का हाथ बताया गया। यूनिवर्सिटी पर जो हमला हुआ था, उसमें शामिल हमलावर तो काफी अच्‍छे परिवार से आती थी। इसके बाद एक वीडियो सामने आया था जिसमें नजर आ रहा था कि बलूचिस्‍तान के अलगाववादियों ने चीन को पाकिस्‍तान छोड़कर जाने या फिर यही रहकर और ज्‍यादा तबाही झेलने के लिए तैयार होने की धमकी दी थी। कई महीनों बाद भी पाकिस्‍तान की चिंताएं इसे लेकर कम नहीं हुई हैं।

चीन को धमकाया गया
कराची में होने वाले हमलों के बाद चीन के बेल्‍ट एंड रो‍ड इनीशिएटिव (BRI) पर खतरा बढ़ गया है। चीन 65 अरब डॉलर के साथ इस प्रोजेक्‍ट के तहत पाकिस्‍तान में रेलवे, सड़क, पाइपलाइन और बंदरगाहों का निर्माण करा रहा है। इन सभी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स के बाद अरब सागर तक चीन की पकड़ मजबूत होगी और पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था सुधर सकेगी।

बीएलए ने हाल के कुछ वर्षों में चीनी नागरिकों पर हमले तेज कर दिए हैं। बीएलए हमेशा चीन को बलूचिस्‍तान से दूर रहने की धमकी देता आया है। चीन ने हर बार इन धमकियों को नजरअंदाज कर दिया। लेकिन अब चीन को लगने लगा है कि मसला उसके लिए गंभीर होता जा रहा है। पाकिस्‍तान गृह मंत्रालय की तरफ से पिछले दिनों आये बयान में कहा गया था कि चीनी नागरिकों पर हमले और पाकिस्‍तान में जारी प्रोजेक्‍ट्स पर खतरा गहरी चिंता का विषय है।

जिनपिंग को दी चेतावनी
बलूचिस्‍तान, पाकिस्‍तान का वह हिस्‍सा है जहां पर संसाधन भरपूर मात्रा में हैं। इसी जगह पर चीन ने ग्‍वादर बंदरगाह का निर्माण भी कराया है। कई माइनिंग प्रोजेक्‍ट्स भी हैं जो चीन-पाकिस्‍तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के तहत आते हैं। जो वीडियो कराची यूनिवर्सिटी पर हमले के बाद आया था उसमें एक आतंकी चेहरा ढंके हुए नजर आ रहा था।

इंग्लिश में बात करते हुए इस आतंकी ने चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को धमकी दी थी। इस आतंकी ने कहा, ‘चीन के राष्‍ट्रपति, समय रहते आप बलूचिस्‍तान से निकल जायें नहीं तो हम आपको यहां से ऐसे बाहर करेंगे कि आप कभी उसे भूल नहीं पायेंगे।’ चीन के अधिकारियों ने हमले की जांच के लिए पाकिस्‍तान का दौरा किया था। गृह मंत्रालय की तरफ से भी इसकी पुष्टि की गई थी।

चीन ने की बड़ी मदद
गृ‍ह मंत्रालय के मुताबिक चीनी अधिकारियों ने पाकिस्‍तान की कांउटर टेररिज्‍म फोर्स को सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन से डेटा हासिल करने में मदद की थी। अगस्‍त के महीने में आई यह टीम करीब दो महीने तक जांच के सिलसिले में रुकी थी। जुलाई में जब संदिग्‍ध को गिरफ्तार किया गया तो पाकिस्‍तान की अथॉरिटीज ने राहत की सांस ली। पाकिस्‍तान के अधिकारियों ने माना है कि अप्रैल में हुए हमले में चीनी अधिकारियों की तरफ से जो मदद मिली, उसकी वजह से ही संदिग्‍ध पकड़ा जा सका।

Latest articles

एमपी नगर में युवतियों के बीच सड़क पर विवाद, मारपीट का वीडियो वायरल

भोपाल भोपाल के एमपी नगर जोन-2 इलाके में रविवार देर रात कुछ युवतियों के बीच...

इकबाल मैदान का नाम बदलने के बयान पर विवाद, मुस्लिम त्यौहार कमेटी का प्रदर्शन

भोपाल भोपाल में ऐतिहासिक इकबाल मैदान का नाम बदलने को लेकर विवाद तेज हो गया...

काटजू अस्पताल में नवजात की मौत पर भारी हंगामा: डॉक्टरों ने खुद को कमरों में किया बंद

भोपाल शहर के कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में एक नवजात शिशु की मौत के बाद स्थिति...

विधानसभा में ‘युवा विधायक सम्मेलन’ का आगाज: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया उद्घाटन

भोपाल मप्र विधानसभा परिसर में दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...