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Wednesday, April 29, 2026
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पाकिस्तान में ‘कंगाल’ हुई चीनी बिजली कंपनियां, अब CPEC से नहीं मिल रहा पैसा, काम बंद करेंगी

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इस्लामाबाद

पाकिस्तान की कंगाली का असर सीपीईसी के तहत बिजली परियोजना पर काम कर रही चीनी कंपनियों पर भी दिखने लगा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आश्वासन के बावजूद चीनी कंपनियां वित्तीय संकट का सामना कर रही हैं। बीजिंग में पाकिस्तान के दूतावास और इस्लामाबाद में अपने खुद के दूतावास के माध्यम से चीनी सरकार ने इस मुद्दे को सभी मंचों पर उठाया है। ऐसे में आशंका है कि ये कंपनियां पाकिस्तान में अपना काम समेट सकती हैं। इससे पाकिस्तान के बिजली संकट के और ज्यादा गहराने की आशंका है। पाकिस्तान पहले से ही ऊर्जा संकट से जूझ रहा है।

पैसों की कमी से चीनी कंपनियों का काम प्रभावित
चीनी कंपनी मैसर्स सिनोश्योर भी सीपीईसी के तहत पाकिस्तानी बिजली परियोजना पर काम कर रही है। यह कंपनी भी बिजली क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए नए फाइनेंस का बीमा करने को तैयार नहीं है। आधिकारिक दस्तावेज से पता चला है कि सिंध एंग्रो कोल माइनिंग कंपनी (SECMC) ने पावर डिवीजन को सूचित किया है कि लेटर ऑफ क्रेडिट (L/Cs) को ओपन करने और विदेशी फंड में काफी देरी के कारण, कंपनी का खनन परिचालन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।

कोल कंपनियों ने सरकार को लिखी चिट्ठी
अप्रूवल में देरी के कारण सिंध एंग्रो कोल माइनिंग कंपनी डिमर्ज चार्जेज, लिक्विडेटेड डैमेज और हर्जाना भी वहन कर रहा है। इस कारण कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ लागत भी बढ़ रही है। कंपनी संबंधित बैंकों के साथ लगातार संपर्क में है, लेकिन अब भी उनका पैसा फंसा हुआ है। सिंध एंग्रो कोल माइनिंग कंपनी के सीईओ अमीर इकबाल ने विद्युत सचिव को लिखे पत्र में कहा कि हमारे ठेकेदार ने अब सूचित किया है कि उनके भुगतान में काफी देरी के कारण वे खदान संचालन जारी रखने में असमर्थ हैं। हम अपने चीनी ठेकेदार को भुगतान का समर्थन करने के लिए आपके तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं; अन्यथा, हमारा ऑपरेशन तत्काल प्रभाव से बंद हो जाएगा

पाकिस्तान में तीन गुना महंगी हो सकती है बिजली
अमीर इकबाल खान ने संचालन को बंद करने से थार कोयले पर काम करने वाले तार बिजली संयंत्रों एंग्रो पावर थार लिमिटेड (ईपीटीएल 660 मेगावाट), थार एनर्जी लिमिटेड (300 मेगावाट), थल नोवा पावर थार (प्रा.) लिमिटेड (330 मेगावाट) और लकी इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (660 मेगावाट) को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगरहम बाहर से कोयला मंगाते हैं तो बिजली क्षमता से अर्थव्यवस्था पर प्रति माह 85 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त विदेशी मुद्रा बोझ पड़ेगा। इसके कारण पाकिस्तान में बिजली तीन गुना ज्यादा महंगी हो सकती है।

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