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यहां आकर लगता है अपनों के बीच आया हूं… मॉरीशस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर बोले पीएम मोदी

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नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से देने का ऐलान वहां की सरकार ने किया है। यह सम्मान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ है। पीएम मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय बने हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां आकर लगता है अपनों के बीच आया हूं। मॉरीशस का सर्वोच्च सम्मान विनम्रता से स्वीकार है। दोनों देशों के बीच रिश्तों की मिठास बढ़ती जा रही है।

मैं महाकुंभ के समय का संगम का जल लेकर आया हूं- पीएम
पोर्ट लुईस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-मॉरीशस का साझा इतिहास है। मॉरीशस के अनेक परिवार अभी-अभी महाकुंभ में भी होकर आए हैं। दुनिया को आश्चर्य हो रहा है। मानव इतिहास का ये विश्व का सबसे बड़ा समागम था। 65-66 करोड़ लोग इसमें पहुंचे थे। मैं महाकुंभ के समय का ही संगम का पावन जल लेकर आया हूं जिसे यहां कल गंगा तालाब को अर्पित किया जाएगा।

पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को किया संबोधित
पोर्ट लुइस में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मॉरीशस के लोगों ने, यहां की सरकार ने मुझे अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने का फैसला लिया है। मैं आपके निर्णय को विनम्रता से स्वीकार करता हूं। ये भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक रिश्तों का सम्मान है। ये उन भारतीयों का सम्मान है जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी इस धरती की खूब सेवा की।

जब भी मॉरीशस आता हूं तो लगता है…
पीएम मोदी ने कहा कि मैं जब भी मॉरीशस आता हूं तो लगता है कि अपनों के बीच ही आया हूं। यहां की मिट्टी में कितने ही हिन्दुस्तानियों का, हमारे पुरखों का खून पसीना मिला हुआ है। हम सब एक परिवार ही तो हैं। एक समय बिहार दुनिया की समृद्धि का केंद्र था। अब हम मिलकर बिहार का गौरव फिर से वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के साथ आपका भावुक संबंध भी मैं समझता हूं। दुनिया के अनेक हिस्से जब पढ़ाई-लिखाई से कोसों दूर थे, तब नालंदा जैसा ग्लोबल इंस्टीट्यूट भारत में था, बिहार में था। हमारी सरकार ने फिर से नालंदा यूनिवर्सिटी को और नालंदा स्पिरिट को रिवाइव किया है। बिहार का मखाना, ये आज भारत में बहुत चर्चा में है। आप देखेंगे कि वो दिन दूर नहीं, बिहार का ये मखाना, दुनिया भर में स्नैक्स मैन्यू का हिस्सा होगा।

पीएम मोदी ने किया 1998 की यात्रा का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे याद है, साल 1998 में अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन के लिए मुझे यहां आने का अवसर मिला था। तब मैं किसी सरकारी पद पर भी नहीं था। एक सामान्य कार्यकर्ता के रुपए में यहां आया था। संयोग देखिए, कि नवीन जी उस समय भी प्रधानमंत्री थे। अब जब मैं प्रधानमंत्री बना तो नवीन जी मेरे शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने दिल्ली आए थे। प्रभु राम और रामायण के प्रति जो आस्था, जो भावना मैंने जो सालों पहले महसूस की थी, वह आज भी अनुभव करता हूं।

ये संबंध हमारी मित्रता का बहुत बड़ा आधार- पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ, हमारा 500 साल का इंतजार खत्म हुआ, तो भारत में जो उत्साह और उत्सव था, यहां मॉरीशस में भी उतना ही बड़ा महोत्सव हमने देखा। आपकी भावनाओं को समझते हुए तब मॉरीशस ने आधे दिन की छुट्टी भी घोषित की थी। भारत और मॉरीशस के बीच आस्था का ये संबंध हमारी मित्रता का बहुत बड़ा आधार है।

पीएम मोदी को मॉरीशस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने पीएम मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च सम्मान देने का ऐलान किया। यह सम्मान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ है। पीएम मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय बने हैं। यह घोषणा पोर्ट लुईस में एक भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में हुई। पीएम मोदी दो दिन के मॉरीशस दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति धरमबीर गोखुल से भी मुलाकात की।

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