यरुशलम,
इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम समझौते के बाद बंधकों की रिहाई शुरू हो गई है. हमास ने शनिवार को इजरायल की चार महिला सैनिकों को रिहा कर दिया. इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार 25 जनवरी को इसकी घोषणा की. इजरायली सरकार ने बताया कि आईडीएफ की चार महिला सैनिकों की वापसी हो गई है. उनके परिवारों को संबंधित अधिकारियों ने सूचित कर दिया है कि अब वे हमारे सैनिकों के साथ हैं. इजरायल सरकार सभी बंधकों और लापता लोगों की वापसी के लिए प्रतिबद्ध है.
हमास ने की थी घोषणा
रिहा की गईं महिला बंधकों के नाम लीरी अलबाग (19), करीना एरीव (20), डेनिएला गिल्बोआ (20) और नामा लेवी (20) हैं. इजरायली पीएमओ ने कहा, ‘सरकार और सभी सुरक्षा अधिकारी उनके और उनके परिवारों के साथ रहेगी.’इजरायल और हमास के बीच 6 हफ्ते के संघर्ष विराम के छठे दिन में प्रवेश करने के साथ ही फिलिस्तीनी उग्रवादी समूह ने शुक्रवार को चार इजरायली महिला बंधकों के नामों की घोषणा की थी. अदला-बदली समझौते में कहा गया है कि फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई इजरायली महिला सैनिकों के बदले में की जाएगी.
प्रत्येक महिला सैनिक के बदले 50 कैदियों की रिहाई का वादा
इजरायल ने हमास द्वारा रिहा की गई प्रत्येक इजरायली महिला सैनिक के बदले 50 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने का वादा किया है. अधिकारियों का अनुमान है कि इस व्यवस्था के तहत 200 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले चार बंधकों को रिहा किया जाएगा.
कतर और मिस्र द्वारा अमेरिका के समर्थन से किया गया यह संघर्ष विराम नवंबर 2023 में एक संक्षिप्त संघर्ष विराम के बाद से लड़ाई में पहला निरंतर विराम है. हमास ने इस चरण के दौरान इजरायली जेलों में बंद सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों के बदले 33 बंधकों को रिहा करने पर सहमति व्यक्त की है. आगे की बातचीत शेष बंधकों को मुक्त करने और गाजा से संभावित रूप से इजरायली सेना को वापस बुलाने पर केंद्रित होगी.
