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मानवीय मदद से लेकर टू स्टेट सॉल्यूशन तक… फिलिस्तीन हमेशा भारत की ओर देखता रहा है

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नई दिल्ली

गाजा में खाने-पीने की चीजों और सप्लाई रोके जाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल भले ही इजिप्ट और कतर जैसे देशों के निशाने पर आ गया हो। हालांकि, इजरायल ने हमास से दो टूक कह दिया है कि अगर सीजफायर की अवधि को बढ़ाने के नए प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया जाएगा तो नतीजे भुगतने होंगे। फिलीस्तीन और इजरायल के बीच सीजफायर का पहला फेज शनिवार को ही खत्म हो गया। लोगों में अनिश्चितता का माहौल है कि कहीं फिर से युद्ध ना शुरू हो जाए।

प्रशासन की हालात पर नजर- फिलिस्तीनी सूत्र
इस बीच फिलिस्तीन सूत्रों का कहना है कि प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। फिलिस्तीन अधिकारी कह रहे हैं कि जिस तरह की डिप्लोमेसी राष्ट्रपति ट्रंप अंजाम दे रहे हैं, वो अब से पहले दिखाई ही नहीं दी। इससे पहले गाजा को लेकर उन्होंने जो प्रस्ताव सामने रखा था वो अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक नहीं था। इसके अलावा भी बहुत सारी ऐसी बातें देखने को मिल रही हैं, जो पहले कभी नहीं दिखी।

अनिश्चितता का माहौल फिर से छा गया
अधिकारी ने आगे कहा कि ‘ऐसा लगता है कि फिलहाल जो कुछ दिख रहा है, हो रहा है… उस पर किसी का नियंत्रण नहीं है।’ संघर्ष विराम की अनिश्चितता के बीच राहत की बात ये थी 19 जनवरी को युद्ध विराम शुरू होने बाद से गाजा में सहायता और सप्लाई से भरे 600 ट्रक रोजाना आ रहे थे, अब फिर से ब्लॉकेड के बाद अनिश्चितता का माहौल फिर से छा गया है।

फिलिस्तीन को हमेशा से ही भारत की जरूरत रही
हालांकि फिलिस्तीन हमेशा भारत की ओर उम्मीदों से देखता रहा है। फिलिस्तीन सूत्र ने कहा कि टू स्टेट सॉल्यूशन का समर्थन हो या फिर मानवीय मदद करना, फिलिस्तीन को हमेशा से ही भारत की जरूरत रही है। दोनों देशों के सालों पुराने ऐतिहासिक रिश्तों की जड़े पुरानी हैं। ऐसे में गाजा के पुनर्निर्माण में भी भारत की अहम भूमिका हमेशा रहेगी ही।

इजरायल ने पूरे मामले में क्या कहा
दरअसल इजरायल ने कहा है कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकार करने से हमास के इनकार के बाद पीएम नेतन्याहू ने ब्लॉकेड का फैसला लिया। इससे पहले इजरायली पीएम ने कहा था कि वो संघर्ष विराम के पहले फेज को रमजान और पासओवर या 20 अप्रैल तक बढ़ाने के प्रस्ताव का सपोर्ट करता है। ये प्रस्ताव ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की ओर से आया है।

इजरायली पक्ष के मुताबिक इस प्रस्ताव के तहत हमास पहले आधे बंधकों को रिहा कर देगा और बाकी को तब रिहा करेगा जब स्थायी युद्ध विराम पर समझौता हो जाएगा। इजरायली पीएम ने ये भी कहा है कि इजरायल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ पूरा सामंजस्य बैठाकर काम कर रहा है।

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