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इमरान ने खाली किया पाकिस्तानी तोशाखाना तो मोदी-जयंशकर ने भरा भारत का सरकारी खजाना

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इस्लामाबाद

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तोशाखाना यानी सरकारी खजाने में हेरफेर के आरोपों का सामना का रहे हैं। इन्हीं आरोपों के चलते इमरान की सदस्यता भी रद्द कर दी गई है। एक रिपोर्ट में पाकिस्तानी तोशाखाना की तुलना भारत के सरकारी खजाने से की गई है। जब इमरान खान विदेशों से मिले बेश्कीमती तोहफों से कथित तौर पर हेरफेर कर रहे थे तब भारत के नेता और अधिकारी सरकारी खजाने को भरने में लगे हुए थे। एक डायमंड जूलरी सेट, कुछ राडो घड़ियां, कई मोंट ब्लांक पेन, खंजर, फूलदान, कालीन, पेंटिंग, प्राचीन सिक्के और ऐसे ही कई बेशकीमती तोहफे पिछले कुछ साल में भारत के नेताओं और अधिकारियों को मिले हैं जिन्हें सरकारी खजाने में जमा करवा दिया गया।

भारत का सरकारी खजाना आधिकारिक यात्राओं के दौरान मंत्रियों, राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों को विदेशों से मिलने वाले तोहफों का संग्रह है। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2019 और अप्रैल 2022 के बीच, तोशाखाना को 2036 तोहफे मिले, जिनका कुल मूल्य 7.76 करोड़ रुपए है। 1978 के एक राजपत्र में कहा गया है कि पब्लिक सर्वेंट को मिले किसी भी तोहफे का मूल्यांकन विदेश मंत्रालय करता है और भारतीय बाजार में इसके मूल्य के आधार पर एक दर निर्धारित की जाती है।

2019 में सुषमा स्वराज को मिला था सबसे कीमती तोहफा
सनद रहे कि प्राप्तकर्ता सिर्फ उन तोहफों को अपने पास रख सकते हैं जिनकी कीमत 5,000 रुपए से कम है। अगर उनका मूल्य इससे ज्यादा है तो वे अतिरिक्त भुगतान कर इसे हासिल कर सकते हैं। 2022 में अप्रैल के अंत तक सरकारी खजाने में 84 चीजें जमा की गईं। इनकी समग्र कीमत 8 लाख रुपए से अधिक है। 2022 में विदेश मंत्री एस जयशंकर को 25, विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन को नौ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सात उपहार मिले हैं। 2019 और 2022 के बीच सरकारी खजाने में शामिल होने वाली सबसे महंगी चीज एक डायमंड का सेट था। पूर्व विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज को यह 3 अप्रैल 2019 को मिला था जिसकी कीमत 6.70 करोड़ रुपए थी।

क्या है इमरान खान का तोशाखाना विवाद?
पड़ोसी देश पाकिस्तान में इमरान खान के सत्ता से जाने के बाद से तोशखाना विवाद जोरों पर है। 2018 में प्रधानमंत्री बनने के बाद इमरान खान ने कई विदेशी दौरे किए। वह यूरोप गए, कई अरब देशों की यात्राएं कीं जहां उन्हें कई बेशकीमती तोहफे मिले। इमरान ने इन चीजों को तोशाखाना में जमा करवा दिया। लेकिन आरोप है कि इमरान ने औने-पौने दाम पर इन चीजों को तोशाखाना से वापस खरीदा और महंगे दामों पर बाहर बेच दिया। इस हेराफेरी को इमरान नीत तत्कालीन पीटीआई सरकार की मंजूरी मिली हुई थी।

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