नई दिल्ली
रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप पर दोबारा हमले ने अमेरिका से सैकड़ों मील दूर हैती में राष्ट्रपतियों की हत्याओं की कहानी फिर से जिंदा कर दी है। कैरेबियाई देश हैती में 7 जुलाई, 2021 को राष्ट्रपति जोवेनाइल मोइसे की हत्या कर दी गई थी। कहा जाता है कि हैती में वही राज करेगा, जिसे अमेरिका चाहेगा। 1804 में स्वतंत्र होने के बाद से अब तक हैती में 5 राष्ट्रपतियों की हत्या की जा चुकी है। आरोप लगते रहे कि अमेरिका ने अपने आर्थिक हितों को पूरा करने के लिए इन हत्याओं को कराया। यह भी आरोप लगते रहे हैं कि अमेरिका ने हैती में उन नेताओं का खात्मा करवाया, जिन्होंने अमेरिका के आगे झुकने से इनकार कर दिया। राजनीतिक हत्याओं का यह सिलसिला हैती से शुरू हुआ, मगर इसने अमेरिका में भी राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा दिया। हाल ही में ट्रंप की दोबारा जान लेने की कोशिश के पीछे बरसों पहले का एक फैसला था, जो आज उन्हीं के लिए मुसीबत बन चुका है। आज जानते हैं कि कैसे अमेरिका में राजनीतिक हिंसा फिर से सिर उठा रहा है?
ट्रंप को किसने बचाया, ट्रंप का खुद का नियम क्या है
इससे पहले जुलाई महीने में पेंसिलवेनिया रैली के दौरान हत्या का प्रयास हुआ था। उस हमले में वह घायल हुए थे। ट्रंप की जान लेने की कोशिश इस बार तब हुई, जब फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में अपने गोल्फ कोर्स में गोल्फ खेल रहे थे। उस दौरान ही झाड़ियों के पीछे छिपे हमलावर रेयान रूथ ने एके-47 से गोलियां चलाई गईं। मगर, ट्रंप की सुरक्षा में मुस्तैद सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने ट्रंप को ऐन वक्त पर बचा लिया। ट्रंप खुद भी अमेरिका के बंदूक कल्चर के बड़े समर्थक रहे हैं। 2016 में उन्होंने एक इंटरव्यू में यह माना था कि वह खुद एक रिवॉल्वर रखते हैं और यही चीज आत्मरक्षा के लिए बड़ा हथियार है। ट्रंप की यह बंदूक नीति अब अमेरिका और खुद ट्रंप के लिए भस्मासुर साबित हो रही है।
अमेरिका में राजनीतिक हिंसा का नतीजा 4 राष्ट्रपतियों की हत्या
अमेरिका ने अपने गुलाम देशों में जहां राजनीतिक हत्याओं का सिलसिला शुरू करवाया, उसकी आंच खुद उस तक भी पहुंची। 4 अमेरिकी राष्ट्रपतियों अब्राहम लिंकन, जेम्स गारफील्ड, विलियम मैककिनले और जॉन एफ केनेडी की हत्या कर दी गई थी। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप, रोनाल्ड रीगन, गेराल्ड फोर्ड और थियोडोर रूजवेल्ट जैसी हस्तियों पर जानलेवा हमले हुए, मगर वो बच गए। कुछ एक्सपर्ट्स यह भी आरोप लगाते रहे हैं कि कई बार ऐसे हमले चुनावी फायदा उठाने के लिए भी कराए जाते हैं। हालांकि, इसे साबित कर पाना बेहद मुश्किल होता है।
अमेरिका में सब्जियों और फलों की तरह मिलते हैं गन
अमेरिका में गन खरीदने का कल्चर दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। इसमें साल दर साल बढ़ोतरी हो रही है। गन रखने का ही नतीजा यह है कि गोलीबारी की घटनाओं में बीते 50 साल में 14 लाख लोगों ने जान गंवाई। आज अमेरिका में औसतन हर दिन 100 लोग मारे जाते हैं। यहां पर गन इस तरह से मिलती है, जैसे किसी स्टोर से सब्जियां और फल। अमेरिका में आबादी से ज्यादा बंदूकें होने की वजह से वहां सामाजिक और राजनीतिक हिंसा की आशंका बढ़ जाती है।
4 महीने में ही अमेरिकियों ने 55 लाख बंदूकें खरीद डालीं
द ट्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, 1899 से अब तक अमेरिकी मार्केट में 49.4 करोड़ बंदूकें बेची गईं। इसमें से करीब 40 करोड़ बंदूकें अब भी अमेरिका में सर्कुलेशन में हैं। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि 2023 में 1.67 करोड़ बंदूकें बेची गईं। वहीं, 2024 में हर महीने अमेरिकी तकरीबन 14 लाख बंदूकें खरीद रहे हैं। इस साल जनवरी से अप्रैल तक करीब 55 लाख बंदूकें खरीदी जा चुकी हैं।
ट्रंप की पार्टी गन रखने में करती है यकीन, डेमोक्रेट्स में डर
प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, ज्यादातर अमेरिकी निजी सुरक्षा की वजह से गन खरीदते और रखते हैं। अमेरिका में गन खरीदने और रखने की वजह से कई बार सनकपन या गुस्से में लोग दूसरे पर बात-बात में फायरिंग कर देते हैं और दूसरों की जान ले लेते हैं। हालांकि, गन रखने को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स समर्थक बंटे हुए हैं। जहां रिपब्लिकन समर्थक गन रखने से सुरक्षा का अहसास महसूस करते हैं, वहीं डेमोक्रेट्स समर्थक गन रखने पर टेंशन में आ जाते हैं। उन्हें डर लगता है कि घर में गन रखने से कुछ भी अनहोनी हो सकती है।
