लंदन
बीते दिनों दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इस्लाम की पवित्र पुस्तक कुरान के अपमान के कुछ मामले सामने आए। इसे लेकर मुस्लिम समुदाय ने नाराजगी जताई। पूरे मामले पर अब ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन का बयान आया है। उन्होंने कुरान का अपमान करने वालों के खिलाफ हिंसा की धमकियों पर चिंता जाहिर की है। सुएला ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा बताया है। पहले स्वीडन और फिर नीदरलैंड में कुरान की प्रति जलाए जाने पर मुस्लिम देश काफी नाराज हुए थे। तुर्की, पाकिस्तान, सऊदी अरब, कुवैत जैसे देशों ने इन कृत्यों की कड़ी निंदा की थी।
दरअसल पिछले हफ्ते वेस्ट यॉर्कशर के वेकफील्ड स्थित केटलथोर्प हाई स्कूल में एक 14 साल का बच्चा एक ‘चुनौती स्वीकार करते हुए’ कुरान को स्कूल ले आया था। खबरों की मानें तो बाद में पुस्तक का कवर थोड़ा फट गया और इसके कुछ पन्नों पर धूल लग गई। इसे ‘इस्लाम का अपमान’ करार देते हुए बच्चे को हिंसा की धमकियां मिल रही हैं। स्कूल ने चार छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। अधिकारी स्कूल के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं। स्कूल के हेडमास्टर टुडोर ग्रिफिथ के अनुसार शुरुआती जांच बताती है कि इस घटना के पीछे बच्चों की नीयत ‘गलत’ नहीं थी।
गलत दिशा में जा रही ‘अभिव्यक्ति की आजादी’
बच्चे की मां के अनुसार वह ऑटिज़्म से पीड़ित है और उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। सुएला ने टीचरों से कहा कि उन्हें ‘स्व-घोषित सामुदायिक कार्यकर्ताओं’ को जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है। खबरों की मानें तो ब्रिटिश गृह मंत्री ने कहा कि हमारे देश में ईशनिंदा कानून नहीं है। हमें इसे लागू करने की कोशिशों का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने आगाह करते हुए कि ‘अभिव्यक्ति की आजादी गलत दिशा में जा रही है’, कहा, ‘इस्लाम को यह पता होना चाहिए कि अपमान के खिलाफ उनके पास कोई ‘विशेष सुरक्षा’ नहीं है।’
पुलिस को दिए जाएंगे नए ऑर्डर
ट टाइम्स अखबार के मुताबिक, हिंसक धमकियों के बारे में सुएला ने कहा, ‘इसका एक लंबा इतिहास रहा है, जो द सैटेनिक वर्सेज तक जाता है।’ उनका इशारा 1980 के दशक में सलमान रुश्दी को मिली धमकियों की ओर था। उन्होंने कहा, ‘इसका मूल विचार है कि अगर मुसलमानों को उकसाया गया तो वे खुद पर नियंत्रण रखने में असमर्थ हो जाएंगे। इसका इस्तेमाल आक्रामक लोग डर पैदा करके दूसरों को अपनी मांग के आगे झुकाने के लिए करते हैं।’ सुएला ने वादा किया कि जल्द पुलिस के लिए नए ऑर्डर जारी किए जाएंगे।
