8.4 C
London
Wednesday, March 25, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयपहलगाम अटैक: इंदिरा-भुट्टो के बीच 53 साल पहले हुआ शिमला समझौता क्या...

पहलगाम अटैक: इंदिरा-भुट्टो के बीच 53 साल पहले हुआ शिमला समझौता क्या है, जिसे पाकिस्तान ने किया खत्म

Published on

इस्लामाबाद

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पांच बड़े कदम उठाए हैं। इनमें सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के अलावा अटारी-वाघा बॉर्डर बंद करना और पाकिस्तानी दूतावास से सैन्य अधिकारियों को वापस भेजना शामिल है। इसके बाद पाकिस्तान ने भी साल 1972 के शिमला समझौते से हटने का फैसला लिया है। पाकिस्तान ने भारत के साथ शिमला समझौता तोड़ दिया है।

  • पाकिस्तान साल 1972 के शिमला समझौते से पीछे हट गया है। शिमला समझौता 2 जुलाई 1972 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान की जुल्फिकार अली भुट्टो सरकार ने किया था।
  • शिमला समझौता 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की करारी हार के बाद हुआ था, जिसके नतीजे में बांग्लादेश बना। इस युद्ध के बाद पाकिस्तान के हजारों सैनिक और 5 हजार वर्ग मील का भूमि क्षेत्र भारत के कब्जे में था। इसी पर बातचीत के लिए भुट्टो शिमला आए थे।
  • साल 1972 में हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में ये समझौता हुआ था। इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो ने 2 जुलाई को इस डील से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसीलिए इसे शिमला समझौता कहा जाता है।
  • शिमला समझौता के तहत दोनों देश शांतिपूर्ण तरीकों से आपसी बातचीत के जरिये या दूसरे शांतिपूर्ण तरीके अपनाते हुए अपने मतभेदों को आपसी सहमति से हल करने की प्रतिबद्धता पर सहमत हुए थे।
  • शिमला समझौते में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के सुरक्षा बल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अपनी-अपनी तरफ वापस चले जाएंगे और कोई भी पक्ष LoC की स्थिति को एकतरफा रूप से बदलने की कोशिश नहीं करेगा।
  • पाकिस्तान ने 1999 में शिमला समझौते का उल्लंघन किया था, जब पाकिस्तानी सैनिक जम्मू और कश्मीर के भारतीय क्षेत्र में घुस गए थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू किया था, इसे कारगिल युद्ध के तौर पर जाना जाता है।
  • पाकिस्तान की ओर से पहल भी कुछ मौकों पर शिमला समझौते को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस दफा पाकिस्तान ने शिमला समझौते से बाहर आने का फैसला ले लिया है।

Latest articles

कलेक्टर ने की जनसुनवाई में 150 आवेदनों पर सुनवाई, कई समस्याओं का मौके पर निराकरण

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को जिलेभर से...

ऋण जमा करने की तिथि बढ़ाएं सरकार, वरना होगा उग्र आंदोलन: किसान कांग्रेस का अल्टीमेटम

भोपाल किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा...

जनता की सेवा और क्षेत्र का विकास ही हमारा मूलमंत्र — राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...