नई दिल्ली ,
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के घर पर पुलिस गिरफ्तारी का वारंट लेकर पहुंची है. इस्लामाबाद पुलिस रविवार को तोशखाना मामले में गिरफ्तारी वारंट के साथ पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान के जमां पार्क स्थित आवास पर पहुंची. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जफर इकबाल ने 28 फरवरी को संघीय राजधानी में पूर्व प्रधानमंत्री को गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. जियो न्यूज को बताया कि इस्लामाबाद पुलिस पीटीआई प्रमुख को गिरफ्तार करने के लिए लाहौर में है. सूत्रों के मुताबिक, सभी कानूनी आवश्यकताएं पूरी होने के बाद खान को गिरफ्तार किया जा सकता है.
‘इमरान खान को गिरफ्तार किया तो स्थिति बिगड़ा जाएगी’
पीटीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष फवाद चौधरी ने गिरफ्तारी की खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि अगर सरकार पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ कदम उठाती है तो देश में स्थिति और खराब होगी. फवाद ने कहा, “इमरान खान को गिरफ्तार करने का कोई भी प्रयास स्थिति को गंभीर रूप से खराब कर देगा, मैं इस अक्षम और पाकिस्तान विरोधी सरकार को चेतावनी देना चाहता हूं कि पाकिस्तान को और संकट में न डालें और समझदारी से काम लें.”
तोशखाना मामले में सुनवाई के लिए नहीं पहुंचे थे इमरान
बता दें कि बीते 28 फरवरी को कई मामलों में इमरान की पेशी हुई, अलग-अलग कोर्ट में सुनवाई हुई. कई जगहों से तो उनके लिए राहत रही, लेकिन तोशखाना मामले में उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई. कोर्ट ने इमरान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था. असल में 28 फरवरी को इमरान खान को चार अलग-अलग मामलों में पेश होना था. वे बाकी जगह तो सुनवाई के लिए पहुंच गए, लेकिन तोशखाना मामले के दौरान सुनवाई में शामिल नहीं हुए.
एक दिन में कई मामलों में थी इमरान की पेशी
इस मामले में पहले भी इमरान कोर्ट सुनवाई में शामिल नहीं हुए हैं. इसी वजह से कोर्ट इस बार नाराज हो गया और इमरान खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया. सुनवाई का दिन इमरान के लिए खुशखबरी और झटका दोनों लेकर आया था. इमरान को विदेशी फंडिंग मामले में पेश होना था, आतंकवाद से जुड़े एक केस में अपनी पेशी देनी थी, हत्या की कोशिश वाले मामले में भी शामिल होना था और तोशखाने केस में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी थी.
आतंकवाद वाले मामले में राहत
पीटीआई चीफ को आतंकवाद वाले मामले में तो राहत मिली, उनकी जमानत याचिका को भी स्वीकार कर लिया गया. इसी तरह विदेशी फंडिंग मामले में भी इमरान की जमानत याचिका को स्वीकार किया गया. लेकिन तोशखाना मामले ने उनकी मुसीबत को बढ़ा दिया.
