9.4 C
London
Wednesday, April 1, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयपुतिन ने दी धमकी, 36 महाविनाशक मिसाइलों से दुनिया में कहीं भी...

पुतिन ने दी धमकी, 36 महाविनाशक मिसाइलों से दुनिया में कहीं भी हमला करने की ताकत जुटा रहा अमेरिका

Published on

वॉशिंगटन

रूस और चीन के साथ जंग जैसे माहौल के बीच अमेरिका की नौसेना ऐक्‍शन में आ गई है और उसने 36 महाविनाशक मिसाइलों के बल पर दुनिया में कहीं भी भीषण हमले का प्‍लान बनाया है। ये अमेरिकी मिसाइलें हाइपरसोनिक होंगी और इन्‍हें मार गिराना दुनिया के किसी भी देश के किए संभव नहीं होगा। अमेरिका की ये मिसाइलें 21 हजार किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हमला करने में सक्षम होंगी। इन मिसाइलों को अमेरिका के सबसे आधुनिक और रहस्‍यमय कहे जाने वाले जूमवाल्‍ट क्‍लास के डेस्‍ट्रायर की मदद से दागा जाएगा। इन युद्धपोतों को हाइपरसोनिक बूस्‍ट ग्‍लाइड वेपन दागने के लिए अपग्रेड करने का काम तेजी से चल रहा है।

अमेरिका हाइपरसोनिक मिसाइलों के मामले में चीन और रूस से पिछड़ गया है और अब पेंटागन बहुत तेजी से इस महाविनाशक तकनीक को हासिल करने के लिए काम कर रहा है। अमेरिका ने यह ऐलान ऐसे समय पर किया है जब कहा जा रहा है कि रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन परमाणु बम से धरती को तबाह करने की क्षमता रखने वाली सतान-2 मिसाइलों के नए परीक्षण की योजना बना रहे हैं। यही नहीं रूस ने बड़े पैमाने पर हाइपरसोनिक मिसाइलों को पहले ही तैनात करने का दावा किया है।

अमेरिका के सबसे घातक युद्धपोत पर तैनात करने की तैयारी
रूस की इस तैयारी के जवाब में अमेरिकी नौसेना और सेना दोनों ही अब भविष्‍य की जंग के लिए जरूरी हाइपरसोनिक मिसाइल को बनाने में जुट गए हैं। इसे कॉमन हाइपरसोनिक ग्‍लाइड बॉडी नाम दिया गया है। यह मिसाइल 5 मैक से भी ज्‍यादा स्‍पीड से चलती है और इसकी रफ्तार 17 मैक तक हो सकती है। यह मिसाइल बीच में ही अपना रास्‍ता बदलने में सक्षम होगी और किसी भी डिफेंस सिस्‍टम को भेद सकेगी। यह मिसाइल करीब 5 किमी प्रति सेकंड की रफ्तार से अपने लक्ष्‍य की ओर काल की तरह से बढ़ेगी और उसे नष्‍ट कर देगी।

यह अमेरिकी हाइपरसोनिक मिसाइल मात्र 6 इंच के अंतर से सटीक निशाना बनाने में सक्षम होगी। यह वारहेड अपनी स्‍पीड के बल पर ही लक्ष्‍य को तबाह कर देगा। मिसाइल हमले के बाद उसका असर बहुत ही भयानक होगा। अमेरिकी सेना अपनी मिसाइल के टेस्‍ट की योजना बना रही है जिसकी मारक क्षमता कम से कम 2800 किमी होगी। इसे जमीन आधारित मोबाइल लॉन्‍चर से दागा जाएगा। इसे अगले साल तक सेवा में शामिल करने की योजना है। वहीं अमेरिकी नौसेना अपने जंगी जहाजों और सबमरीन के लिए अलग से हाइपरसोनिक मिसाइलों का विकास कर रही है। इस मिसाइल को अमेरिका के सबसे घातक युद्धपोत यूएसएस जुमवाल्‍ट पर तैनात करने के लिए काम चल रहा है। विश्‍लेषकों का कहना है कि रेडॉर को चकमा देने में सक्षम यह युद्धपोत दुश्‍मन के लिए बहुत चेतावनी साबित होगा।

Latest articles

भेल के प्रेस शॉप में ठेका मजदूर घायल

भेल कारखाने के प्रेस शॉप में एक दुर्घटना हो गई है जिसमें एक ठेका...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका ‘आभास’ अंक-05 का विमोचन

भोपाल मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका आभास के अंक-05 का विमोचन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ठाकुर...

एक अप्रैल से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत

भोपाल मप्र में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से स्कूल चलें हम...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...