9.1 C
London
Tuesday, March 31, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयतालिबान ने लेजर हथियारों से पाकिस्‍तानी सेना पर बोला भीषण हमला, पाकिस्‍तान...

तालिबान ने लेजर हथियारों से पाकिस्‍तानी सेना पर बोला भीषण हमला, पाकिस्‍तान के 8 जवानों की मौत का दावा

Published on

इस्लामाबाद

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तोरखम बॉर्डर पर तनाव बढ़ गया है। सोमवार रात अफगान तालिबान (IEA) ने पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर बड़ा हमला बोला है। इस हमले में कथित तौर पर आठ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और कई सैन्य चौकियां तबाह हुई हैं। इससे पहले पाक फौज की ओर से गोलीबारी की गई थी। पाकिस्तान ने हाल में सीमा पर अपनी गतिविधियां बढ़ाई हैं। इससे अफगानन तालिबान फौज नाराज है और उसने ये जवाबी कार्रवाई की है। इससे तोरखम बॉर्डर पर दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। ये सब तब हो रहा है, जब तोरखम बॉर्डर बीते 12 दिनों से बंद है और व्यापार रुका हुआ है।

काबुल फ्रंटलाइन ने एक्स पर दावा किया है कि सोमवार रात को अफगान तालिबान के लड़ाके पाकिस्तान की सीमा में घुस आए। उन्होंने लेजर हथियारों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तानी सेना पर हमला बोला, जिसका पाक फौज के पास कोई जवाब नहीं था। स्थानीय सूत्र ने बताया कि अफगान सेना को अपने इस ऑपरेशन में कोई नुकसान नहीं हुआ। दूसरी ओर बॉर्डर पर पाक सेना की अहम चौकी को तालिबान ने तबाह कर दिया और आठ पाकिस्तानी सैनिक भी मार दिए।

पाक ने साधी चुप्पी
पाकिस्तान की तरफ से अभी तक इस हमल पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन इस घटना से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है।तोरखम सीमा पर नए निर्माण को लेकर दोनों पक्षों में खई दिनों से भारी तनातनी चल रही है। दोनों पक्षों के बीच रविवार को भी गोलीबारी हुई थी। इसमें अफगान बलों के तीन लोग घायल हुए थे और पाक की साइड में एक ट्रक ड्राइवर मारा गया था।

तोरखम बॉर्डर बीते 12 दिनों से बंद हैं। इससे व्यापार रुका हुआ है। वहीं दोनों ओर से गोलीबारी भी हो रही है। रविवार को बॉर्डर खोलने के लिए दोनों पक्षों में बैठक हुई थी लेकिन ये बैठकल बेनतीजा रही। सीमा के पास दोनों तरफ नए निर्माणों के कारण हुए तनाव के बाद 21 फरवरी को सीमा बंद कर दी गई थी। इसके बाद ये बॉर्डर बंद है।

ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड के साथ तोरखम सीमा अफगानिस्तान और पाकिस्तान में व्यापार के सबसे प्रमुख रास्तों में से एक है। हर दिन इस रास्ते दोनों ओर से सैकड़ों ट्रक गुजरते हैं। इस रास्ते की दोनों देशों के लिए अहमियत हैं। इसके बावजूद बॉर्डर बार-बार तनाव होता रहा है। इसके चलते इसे बंद कर दिय जाता है।

 

Latest articles

सड़क चौड़ीकरण: हटेंगी लेबर कॉलोनी की 55 दुकानें और 38 मकान, विरोध तेज

भोपाल। शहर में इंद्रपुरी-भवानीशाह क्षेत्र की सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत प्रशासन द्वारा लेबर...

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...