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Tuesday, March 31, 2026
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एर्दोगन के मंत्री की ईरान को चेतावनी से बढ़ी तनातनी, दोनों देशों ने राजदूतों को किया तलब, सीरिया बना वजह

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तेहरान

ईरान और तुर्की के बीच कूटनीतिक तकरार बढ़ती जा रही है। तुर्की-ईरान में तनाव की वजह सीरिया बना है, जहां दोनों ही देश अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश में लगे हैं। हालिया विवाद तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान के उस बयान से बाद शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने ईरान को सीरिया की स्थिरता भंग ना करने की चेतावनी दी थी। इस पर ईरान भड़क गया है। दोनों ही देशों ने इस मुद्दे एक-दूसरे के राजदूतों को तलब किया है और अपना विरोध दर्ज कराया गया है।

तुर्की के विदेश मंत्री फिदान ने बीते हफ्ते अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में ईरान की विदेश नीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि मिलिशिया के भरोसे चलने वाली ईरान की नीति सीरिया के लिए खतरनाक है और इसे बदलने की जरूरत है। फिदान ने ईरान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अगर कोई तीसरे देश में अशांति फैलाने की कोशिश करता है तो फिर दूसरे देश भी उसके यहां किसी मिलिशिया का समर्थन करके उसके लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।

फिदान की टिप्पणी पर भड़का ईरान
ईरान को फिदान की यह टिप्पणी नागवार गुजरी। ईरान के विदेश मंत्रालय ने फिदान की टिप्पणी पर विरोध दर्ज कराने के लिए तुर्की के राजदूत को तलब किया। ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि सोमवार को तुर्की राजदूत हिकाबी किर्लांगिक से स्पष्ट तौर कहा गया है कि दोनों देशों के साझा हित और क्षेत्रीय परिस्थितियों की संवेदनशीलता को देखते हुए गलत टिप्पणियों से बचना चाहिए। इससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा होता है।

ईरान के इस कदम के एक दिन बाद मंगलवार को तुर्की ने भी ईरान के दूत को तलब कर लिया। तुर्की के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओन्चु केसेली ने कहा कि ईरानी अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से तुर्की की आलोचना से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेश नीति को घरेलू राजनीति में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हम किसी दूसरे देश को सीधे तौर पर संदेश देना पसंद करते हैं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि हम ईरान के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देते हैं।

इससे पहले सोमवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा था कि तेहरान और अंकारा कुछ मुद्दों पर असहमत हैं। यह घटनाक्रम दोनों देशों में कूटनीतिक स्तर पर पैदा हुए तनाव का संकेत देता है। खासतौर से सीरिया जैसे क्षेत्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के बीच के मतभेद बहुत साफ दिखाई दे रहे हैं।

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