अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सरकारी कटौतियों को कम करने के लिए लोगों की छंटनी करना चाह रहे हैं। ट्रंप सरकार ने एक महत्वकांक्षी योजना पर काम कर रही है, जिसकी वजह से अमेरिकी सरकार के इतिहास में सबसे बड़ी छंटनी देखने को मिल सकती है। सरकार ने 20 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव दिया है। अगर इसे बड़े पैमाने पर स्वीकार किया जाता है, तो कम से कम 2 लाख लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।
सरकार की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करने और सरकारी खर्चों में कटौती करने के प्रयास के तौर इस छंटनी को अंजाम दिया जाएगा। सरकार ने अपनी इच्छा से जॉब छोड़ने के बदले एक ऑफर भी दिया है। इस ऑफर को 20 लाख से ज्यादा वर्कर्स को दिया गया है। ऑफर के तहत 30 सितंबर 2025 तक खुद से नौकरी छोड़ने पर आठ महीने की सैलरी और अन्य लाभ मिलेंगे। नौकरी से निकाले जाने वाले लोगों में कुछ सैन्य, डाक और राष्ट्रीय सुरक्षा कर्मियों को शामिल नहीं किया गया है।
अमेरिका में छंटनी का लंबा इतिहास
पिछले साल ही सरकार ने 30 लाख से ज्यादा लोगों को नौकरियां दी थीं। अमेरिका में सरकारी नौकरियों से छंटनी का लंबा इतिहास रहा है। फॉर्ब्स के मुताबिक, 2011 में अमेरिकी सेना ने बजट कम करने के नाम पर 50 हजार लोगों को नौकरी से निकाला थआ। 2005 में अमेरिकी एयरफोर्स ने 40 हजार लोगों की छंटनी की। यूएस पोस्टल सर्विस ने 2002, 2009 और 2010 में हर साल लगभग 30,000 नौकरियों में कटौती की, जो उस समय की सबसे ज्यादा छंटनियों में से एक रहीं।
छंटनी के दुष्प्रभाव को लेकर हो रही बात
सरकार का मकसद इस छंटनी के जरिए 100 अरब डॉलर की बचत करना है, लेकिन आलोचकों ने इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे जरूरी सेवाओं पर असर पड़ेगा। मेरिकन फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट एम्प्लॉइज (AFGE) ने चेतावनी दी है कि कटौती सरकारी कार्यों पर निर्भर अमेरिकियों के लिए अराजकता की स्थिति पैदा कर देगी।। सीनेटर टिम काइन (डी-वीए) सहित डेमोक्रेटिक सांसदों ने वर्कर्स को चेताया है कि उन्हें सरकार का ऑफर नहीं स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि प्रशासन सैलरी और अन्य लाभ के अपने वादे को पूरा नहीं करेगा।
