12.5 C
London
Tuesday, May 19, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयदुनिया के इस देश में शुरू हुआ साल 2025, जानें वो जगह...

दुनिया के इस देश में शुरू हुआ साल 2025, जानें वो जगह जहां सबसे आखिर में मनाया जाएगा नए साल का जश्न

Published on

सिडनी

जैसे-जैसे घड़ी की सुई 31 दिसम्बर की रात की तरफ बढ़ रही है, दुनिया भर में लोग नए साल के स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं। दुनिया के अलग-अलग हिस्से में लोग अपने-अपने तरीके से नए साल का जश्न मनाएंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया भर के लोग नए साल का जश्न एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर मनाएंगे। इसकी वजह है पृथ्वी का घूमना, जिसके चलते इसके अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर नए साल की शुरुआत होगी। आइए एक नजर डालते हैं कि दुनिया नए साल का स्वागत कैसे करेगी।

इस देश में 2025 की पहली सुबह
साल 2025 का स्वागत करने वाला पहला स्थान किरिबाती गणराज्य का क्रिसमस आइलैंड है। प्रशांत महासागर में स्थित इस छोटा से द्वीप में भारतीय समयानुसार (IST) 31 दिसम्बर को शाम 3.30 बजे ही साल का कैलेंडर बदल गया है। इसके तुरंत बाद न्यूजीलैंड के चैथम द्वीप पर शाम 3.45 बजे नए साल का स्वागत हुआ। न्यूजीलैंड के प्रमुख शहर ऑकलैंड और वेलिंगटन में भारतीय समयानुसार शाम साढ़े चार बजे साल 2025 शुरू हो गया।

प्रशांत महासागर के टोंगा, समोआ और फिजी में भी नए साल का जश्न भारत से कई घंटे पहले शुरू होगा। भारतीय समय के अनुसार 31 दिसम्बर को शाम साढ़े 6 बजे ऑस्ट्रेलिया के सिडनी, मेलबर्न और कैनबरा में नए साल की आतिशबाजी होगी। वहीं, क्वींसलैंड और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में 2025 का जश्न बाद में शुरू होगा। फिजी में

पूर्व में जापान, कोरिया और चीन में जश्न
जापान, दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया रात के 8 बजे IST से अपना जश्न शुरू करेंगे। इसके कुछ देर बाद पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पर्थ जैसे प्रमुख शहर 8.45 से जश्न में डूबेंगे। चीन, फिलीपींस और सिंगापुर में भी इसी समय आधी रात को सड़कें आतिशबाजी से जगमगा उठेंगी। इसके बाद दक्षिण पूर्व एशियाई देशों इंडोनेशिया, थाइलैंड और म्यांमार में घड़ी की सुई रात के 12 बजे पर पहुंचते ही जश्न शुरू हो जाएगा।

पृथ्वी पर नए साल का स्वागत करने के लिए आखिरी जगह हवाई के दक्षिण-पश्चिम में स्थित बेकर और हाउलैंड के निर्जन द्वीप होंगे। इन दूरस्थ द्वीप में भारतीय समयानुसार 1 जनवरी को शाम 5.30 बजे नए साल की शुरुआत होगी। इस तरह यह 2025 की शुरू होने के लिए धरती पर आखिरी स्थान होगा।

टाइम जोन की वजह से होता है समय में अंतर
लगभग 40 देश ऐसे हैं, जो भारत से पहले नया साल मनाते हैं। दुनिया को 24 टाइम जोन में बांटा गया है, जो प्रत्येश देशांतर पर आधारित है। हर देशांतर का अपना मानक समय है। यही वजह है कि अलग-अलग देशों में नया साल अलग-अलग समय पर मनाया जाता है। भारत का अपना मानक समय है, जो कोऑर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।

Latest articles

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में किया ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा अपराध अनुसंधान को...

धनगर-गड़रिया समाज के सर्वांगीण विकास को सरकार संकल्पित : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसुनवाई में समस्याओं का त्वरित समाधान, आमजन ने जताया आभार

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में आमजन और शासन के बीच सीधे संवाद...

अमृतसर में रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल की बैठक में शामिल होंगे सीएम भगवंत मान, जल बंटवारे पर रखेंगे पंजाब का पक्ष

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने अमृतसर दौरे के दौरान आज एक बेहद...

More like this

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...