नई दिल्ली,
पिछले सात महीने से जारी इजरायल-हमास संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है. गाजा में संघर्ष विराम पर बातचीत के लिए हमास का एक प्रतिनिधिमंडल मिस्र पहुंचा है. बताया जा रहा है कि इजरायल की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव पर हमास और इजरायल के प्रधिनिधियों के बीच बातचीत हो सकती है.
रिपोर्ट के मुताबिक, हमास के एक अधिकारी ने कहा है कि उन्हें इजरायल के प्रस्ताव से कोई खास दिक्कत नहीं है. हालांकि, मतभेद की एक वजह हमास का पूर्ण संघर्ष-विराम की मांग करना है. हमास चाहता है कि स्थायी संघर्ष विराम के साथ गाजा में युद्ध पूरी तरह समाप्त हो जाए.
गाजा से इजरायल अपनी सेना वापस बुला ले. लेकिन इजरायल कुछ समय के लिए लड़ाई रोकने पर ज़ोर दे रहा है. इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में गाजा में शांति समझौते को लेकर अरब नेताओं से चर्चा की है.
सीजफायर की चर्चा के बीच इजरायल ने की एयरस्ट्राइक
अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि हमास नए संघर्ष विराम समझौते को स्वीकार कर लेगा. एंटनी ब्लिंकन ने कहा, “हमास के सामने एक प्रस्ताव है जो इजरायल की ओर से उदारता दिखाते हुए दिया गया है. लेकिन गाजा के लोगों और युद्धविराम के बीच हमास खड़ा है. उन्हें यथाशिघ्र निर्णय लेना होगा.
गाजा में सीजफायर के लिए अरब और यूरोपीय देशों के नेताओं की भी मुलाकात हुई. सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई मुलाकात में गाजा में तुरंत युद्धविराम और मानवीय मदद पहुंचाने पर बात हुई. इसके साथ ही बैठक में दो-राज्य समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के विकल्प पर भी सहमति बनी.
बताते चलें कि पिछले साल 7 अक्टूबर को फिलिस्तीन के हथियारबंद संगठन हमास ने इजरायल पर हमला कर 1200 लोगों को मार डाला था. इसके साथ ही 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था. वहीं हमले के बाद बदले की कार्रवाई करते हुए इजरायल 33 हजार फिलिस्तीनियों को मार चुका है.
इसके साथ ही 80 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी घायल बताए जा रहे हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि जंग में भारी तबाही के बाद अब पूरी दुनिया संघर्ष विराम चाहती है इसलिए इजरायल दबाव में आकर सीजफायर पर बातचीत को तैयार हुआ है. लेकिन गेंद फिलहाल हमास के पाले में है.
