8.5 C
London
Sunday, March 22, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयये तीन पड़ोसी मुल्क भी दे रहे टेंशन, असीम मुनीर की हरकतों...

ये तीन पड़ोसी मुल्क भी दे रहे टेंशन, असीम मुनीर की हरकतों का कभी भी उठा सकते हैं फायदा, क्या कर रहा भारत?

Published on

नई दिल्ली

पाकिस्तान की नापाक हरकतों की वजह से भारत अपनी पश्चिमी सीमा पर पूरी तरह से सतर्क है और दुश्मन की ओर से हो रहे हर उकसावे वाली कार्रवाई का उचित जवाब दिया जा रहा है। पाकिस्तान में इस समय कहने के लिए तो एक लोकतांत्रिक सरकार है, लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया है, पाकिस्तानी हुकूमत बाय डिफॉल्ट वहां की फौज और उसके जनरल असीम मुनीर के हाथों में आ चुकी है। ऐसे में भारत को अपने कम से कम तीन पड़ोसियों पर भी नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि ये कभी भी टेंशन बढ़ा सकते हैं। ये पड़ोसी मुल्क हैं- बांग्लादेश, चीन और म्यांमार। इनमें से बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार अभी पूरी तरह से पाकिस्तान के हाथों का खिलौना बन चुकी है और भारत के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती है।

बांग्लादेश के बदले हालात सबसे बड़ी चुनौती
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के कारण पूर्वोत्तर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सैन्य सूत्रों के मुताबिक,’ऑपरेशन सिंदूर ने तनाव बढ़ा दिया है। पाकिस्तान, बांग्लादेश का इस्तेमाल कर भारत पर दबाव बना सकता है, खासकर पूर्वोत्तर में।’

इस वजह से चीन और बांग्लादेश से लगी सीमाओं पर खास ध्यान रखा जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश के रास्ते भारत में अशांति फैला सकता है। उधर असम में भी बांग्लादेश से सटे सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। एक बड़े पुलिस अधिकारी के मुताबिक,’हम नजर रख रहे हैं। जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश और अनसरुल्ला बांग्ला टीम के मॉड्यूल ने पहले भी असम में घुसने की कोशिश की थी, जिसे नाकाम कर दिया गया।’ यह आशंका बेवजह नहीं है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) काफी समय से बांग्लादेश में सक्रिय है और म्यांमार से आए रोहिंग्या मुसलमानों को आतंकी ट्रेनिंग देकर उन्हें मानव बम के रूप में तैयार करने में भी मशगूल रहा है। एक तरह से वह बांग्लादेश को भी भारत के खिलाफ टेरर लॉन्च पैड के रूप में इस्तेमाल करने के मंसूबे ने जुटा रहा है।

म्यांमार से आने वाले उपद्रवियों पर भी हो नजर
भारत के लिए म्यामांर से शरणार्थी के रूप में निकले रोहिंग्या मुसलमान ही आफत नहीं हैं। मणिपुर में पिछले दो वर्षों से जो जातीय हिंसा की स्थिति बनी हुई है, उसमें भी यह देश बहुत बड़ा किरदार निभा रहा है। वहां उपद्रवियों को हथियार इसी रास्ते पहुंचते हैं और इसका लिंक चीन तक होने की रिपोर्ट आती रही हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस मोर्चे पर भी सतर्कता बरतने की जरूरत है, खासकर इस वजह से कि मणिपुर में अभी तक हालात सामान्य नहीं हुए हैं। यही वजह है कि सतर्कता मेघालय के पश्चिम जयंतिया हिल्स में भी बरती जा रही है और यहां बांग्लादेश सीमा पर रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि यह इलाका खुला है और यहां से अवैध रूप से घुसपैठिए घुस सकते हैं। इनमें संगठित अपराध करने वाले लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनके संबंध देश विरोधी तत्वों और आतंकी समूहों तक से भी हो सकते हैं।

गलवान के बाद चीन से सतर्क रहने में ही समझदारी
तीसरी चिंता स्वाभाविक रूप से चीन को लेकर हो रही है। यह तो पूर्वी लद्दाख से लेकर पूर्वोत्तर तक में हमारे सामने है। फिलहाल, चीन से किसी सीधे खतरे की चिंता तो नहीं दिख रही है, लेकिन 2020 के जून में जिस तरह से लद्दाख की गलवान घाटी में उसने नापाक हरकत की थी, उसे देखते हुए सतर्क रहने में भी समझधारी है। चीन से असल खतरा उसकी घेराबंदी की रणनीति और सैन्य ताकत दिखाने का है। वैसे भी वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के उस पार लगातार सक्रिय रहता है और अपना इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करता जा रहा है। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उसने आतंकवाद की तो निंदा की है, लेकिन पाकिस्तान का राग अलापने से परहेज किया है।

Latest articles

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...

भोपाल सहित प्रदेशभर में मनाई गई ईद-उल-फितर, मस्जिदों में अदा हुई नमाज

भोपाल: पवित्र महीने Ramadan के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को Eid al-Fitr...

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा का पूजन, हनुमान चालीसा एवं श्री गुरु गीता का सामूहिक पाठ आयोजित

भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम...

More like this

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...