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परमाणु बंकर क्यों तैयार कर रहा NATO का यह सबसे नया सदस्य, क्या होने वाला है तीसरा विश्व युद्ध

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हेलसिंकी:

यूरोप में रूस को लेकर भयानक डर पसरा हुआ है। लगभग सभी नाटो देश युद्ध की तैयारियां कर रहे हैं। इन देशों को डर है कि यूक्रेन में जीत के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूरोप पर आक्रमण कर सकते हैं। उनका डर इसलिए भी बढ़ा हुआ है कि अगर रूस आक्रमण करता है तो हो सकता है कि उन्हें बचाने के लिए अमेरिका आगे न आए। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार नाटो देशों पर सैन्य खर्च बढ़ाने का दबाव डाल रहे हैं। इससे सदस्य देशों में असुरक्षा बढ़ रही है। यही कारण है कि नाटो का सबसे नया सदस्य स्वीडन अपने नागरिकों के लिए परमाणु बंकर तैयार कर रहा है।

बंकरों को अपग्रेड कर रहा स्वीडन
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, स्वीडन ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि उन्हें रूस के यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष के बीच युद्ध के जोखिम के लिए तैयार रहना चाहिए। इसके अलावा उसने अपने नागरिक सुरक्षा बंकरों के मॉर्डनाइजेशन के लिए 100 मिलियन क्रोन (9.9 मिलियन डॉलर) के निवेश की घोषणा की है। स्वीडन लंबे समय से तटस्थ देश रहा है, लेकिन 2022 में यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद उसने नाटो की सदस्यता ली और उसका सबसे नया सदस्य बना है।

स्वीडन में कितने सैन्य बंकर
स्वीडन स्कैंडिनेवियाई देश है, जो रूस के साथ समुद्री सीमा साझा करता है। इस देश में 64,000 सैन्य बंकर हैं, जो निष्क्रिय पड़े हुए हैं। ऐसे में देश भर में फैले 64,000 बंकरों के साथ, स्वीडन में पहले से ही लगभग हर दूसरे देश की तुलना में ज्यादा शेल्टर्स हैं, जिसमें लगभग 70 लाख लोगों को रखा जा सकता है। इससे स्वीडन की लगभग 1.05 करोड़ आबादी का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा सुरक्षित छिप सकता है।

न्यूक्लियर बंकरों के फिल्टर बदल रहा स्वीडन
स्वीडन के बंकरों को कथित तौर पर शॉकवेव और बम के टुकड़ों, परमाणु हथियार से होने वाले विस्फोट और हीटवेव, रेडियोधर्मी फॉलआउट, रासायनिक हथियारों से निकलने वाली गैस और जैविक हथियारों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये सभी बंकर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बनाए गए थे। युद्ध खत्म होने के बाद से ये बंकर बंद पड़े हुए हैं और उनका उपयोग नहीं हो रहा है।

2024 में नाटो में शामिल हुआ था स्वीडन
जब से स्वीडन मार्च 2024 में नाटो में शामिल हुआ है, तब से इसकी नागरिक आकस्मिकता एजेंसी (MSB) ने शेल्टर होम्स के निरीक्षण को बढ़ा दिया है। इनमें से कुछ इतने बड़े हैं कि एक बार में हजारों लोगों को शरण दे सकते हैं। MSB ने 1 अप्रैल को कहा कि उसने परमाणु आश्रय स्थलों को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ी परियोजना शुरू की है। यह एक ऐसा काम है, जिसमें ‘दो से तीन साल’ लगने की उम्मीद है। इसमें फिल्टर को अपग्रेड करने के प्रयास शामिल हैं जो रासायनिक और रेडियोलॉजिकल हथियारों के हमलों से सुरक्षा में मदद करते हैं, और यह काम 80 सबसे बड़े आश्रय स्थलों में से 25 पर पहले से ही चल रहा है।

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