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Friday, March 27, 2026
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अधूरा रह जाएगा अमेरिका में पढ़ने का सपना? US स्टूडेंट वीजा पाना हुआ मुश्किल, रिजेक्शन रेट डबल

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अमेरिका में पढ़ना मुश्किल हो रहा है और इसकी वजह महंगी पढ़ाई नहीं है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि अमेरिका में पढ़ाई महंगी है, जिस वजह से हर कोई यहां एडमिशन नहीं ले पाता है। मगर हकीकत कुछ और ही है। दरअसल, अमेरिका में स्टूडेंट वीजा रिजेक्शन रेट इतना ज्यादा बढ़ चुका है कि हर किसी को देश में पढ़ने की इजाजत नहीं मिल रही है। पिछले 10 सालों में स्टूडेंट वीजा का रिजेक्शन रेट दोगुना हो चुका है, जिससे छात्रों के लिए पढ़ाई मुश्किल हुई है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष यानी अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 तक बहुत सारे F-1 वीजा (स्टूडेंट वीजा) एप्लिकेशन रद्द हुए। लगभग 41% वीजा आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया। 2014 से इसकी तुलना करने पर पता चलता है कि वीजा रिजेक्शन रेट दोगुना हो चुका है। 2014 में वीजा रिजेक्शन रेट 23% था। उस समय 7.69 लाख छात्रों ने वीजा के लिए आवेदन किया, जबकि सिर्फ 5.96 लाख छात्रों को स्टूडेंट वीजा जारी किया गया था। 1.73 लाख छात्रों को वीजा नहीं मिला।

भारतीयों के लिए मुश्किल यूएस वीजा पाना
2023-24 में अमेरिका में F-1 वीजा के लिए 6.79 लाख आवेदन किए गए। इनमें से 2.79 लाख (41%) रद्द हो गए। इससे पिछले साल 2022-23 में 6.99 लाख आवेदनों में से 2.53 लाख (36%) रद्द किए गए। इससे पता चलता है कि वीजा रिजेक्शन रेट तेजी से बढ़ा है। अमेरिका का विदेश मंत्रालय वीजा रिजेक्शन पर देशवार डाटा नहीं देता है। हालांकि, पिछले साल बताया गया था कि 2023 की तुलना में 2024 के नौ महीनों में भारतीय छात्रों के लिए जारी किए गए स्टूडेंट वीजा की संख्या 38% कम हो गई।

वीजा आंकड़ों में और क्या पता चला?
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 सालों में वीजा आवेदनों की संख्या कम हुई है, लेकिन स्टूडेंट वीजा रिजेक्शन बढ़ा है। सबसे ज्यादा 8.56 लाख आवेदन 2014-15 में आए थे, फिर इनकी संख्या धीरे-धीरे कम होती गई। 2019-2020 में कोविड के समय यह 1.62 लाख तक पहुंच गई थी। कोविड के बाद आवेदनों की संख्या फिर से बढ़ने लगी। लेकिन 2023-24 में इसमें 3% की कमी आई। 2022-23 में 6.99 लाख आवेदन आए थे, जबकि 2023-24 में 6.79 लाख आए।

वीजा रिजेक्शन रेट पर US ने क्या कहा?
वहीं, जब अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पूछा गया कि स्टूडेंट वीजा क्यों रद्द हो रहे हैं? इस पर उन्होंने कहा, “सभी वीजा आवेदन ‘आव्रजन और राष्ट्रीयता अधिनियम (INA)’ और संघीय नियमों के अनुसार जांचे जाते हैं।” इसका मतलब है कि हर आवेदन को ध्यान से देखा जाता है और फिर नियमों के तहत उस पर फैसला होता है। विदेश विभाग ने ये भी नहीं बताया कि किस देश के कितने F-1 वीजा रद्द हुए। उन्होंने कहा कि वे इतनी जानकारी नहीं देते हैं।

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