भोपाल
राजधानी के ईंटखेड़ी थाना क्षेत्र में 12वीं कक्षा की छात्रा ने घर में बने मंदिर में रखी चूहामार दवा को भभूत समझकर खा लिया। इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। यह हादसा बोर्ड परीक्षा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले हुआ, जिससे परिवार सदमे में है। पुलिस के अनुसार मृतक छात्रा की पहचान वैष्णवी सेन (17) पिता मनोज सेन, निवासी लांबाखेड़ा के रूप में हुई है।
वैष्णवी एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा थी और पढ़ाई के साथ-साथ कोचिंग भी जाती थी। घटना 26 जनवरी की बताई जा रही है। बताया गया कि उस दिन घर में चूहों की समस्या के कारण वैष्णवी की मां ने चूहामार दवा को मंदिर में रख दिया था। कुछ समय बाद वैष्णवी ने मंदिर में पूजा की और वहां रखे पाउडरनुमा पदार्थ को भभूत समझकर उसका सेवन कर लिया। इसके बाद वह रोज की तरह कोचिंग चली गई।
कोचिंग से लौटने के कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं। पूछने पर वैष्णवी ने बताया कि उसने मंदिर में रखी भभूत खाई है। तभी परिजनों को एहसास हुआ कि वह भभूत नहीं बल्कि चूहामार दवा थी।
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