भोपाल
राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा स्थित पशुपतिनाथ नेपाली समाज मंदिर में होली का पर्व बड़े उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं और आपसी प्रेम, सौहार्द तथा भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम में पशुपतिनाथ नेपाली समाज के अध्यक्ष लोकमणि घिमिरे ने समाज के सभी सदस्यों को होली की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों और उत्सव का पर्व नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन और समाज के गहरे दर्शन को समझने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने समाज के सभी सदस्यों के सहयोग, विश्वास और सक्रिय सहभागिता के प्रति आभार भी व्यक्त किया। घिमिरे ने समुद्र मंथन के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब देव और असुरों ने मिलकर मंथन किया तो अनेक कठिनाइयों और विष के बाद अंततः अमृत प्राप्त हुआ।
यह प्रसंग हमें सिखाता है कि समाज में भी विचारों का मंथन, धैर्य और सहयोग से ही एकता, सद्भाव और समृद्धि का अमृत प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि समस्त विश्व को एक समुदाय के रूप में देखने और पूरी सृष्टि को महादेव को समर्पित करने की भावना का संदेश आज के आयोजन में अनुभव किया गया, जिसने सभी को प्रभावित किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हम जिस भी देश में रहें, वहाँ के संविधान का सम्मान और संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। भारत के संविधान की रक्षा और उसका पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष शिव गुरुङ, उपाध्यक्ष माया पाण्डे, महामंत्री सुरेशकुमार पाण्डे, कार्यालय मंत्री मनोज अर्याल, कोषाध्यक्ष मोहन पाण्डे, कार्यालय सहायक पदमा भुर्तेल, प्रबंधक दीपकला वश्याल, प्रबंधक निर्मला क्षेत्री, संगठन मंत्री टंक मुखिया, संगठन मंत्री तुल्शा लुइँटेल, संस्थापक दिवाकर अर्याल सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएँ देते हुए समाज में प्रेम, एकता, सहिष्णुता और भाईचारे को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
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